1 इतिहास 14:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

उसके जो सन्तान यरूशलेम में उत्‍पन्‍न हुए, उनके नाम ये हैं: शम्मू, शोबाब, नातान, सुलैमान;

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1 इतिहास 14:4 पद-दर-पद बाइबल टीका

पाठ का स्पष्ट अर्थ

यस्या इतिहास के अनुसार, जो संकेतित है, शम्मू, शोबाब, नातान और सुलैमान—ये चारों बच्चियाँ नहीं, बल्कि उन नर-वत्सलों के नाम हो सकते हैं जो पितृकुल के उत्तराधिकार और यरूशलेम के इर्द-गिर्द उन्हीं दिनों जन्मे थे। इस वाक्यांश में उत्पत्ति-योजना का संकेत है कि राजा के अधिकार और परिवार में आने वाली संतानों के क्रम का उल्लेख है।

प्रसंगगत पृष्ठभूमि

यह संदर्भ 1 इतिहास (प्रधान 14) में है, जिसमें पिता-दादा के वैवाहिक-वंश और शहर-योजना से जुड़ी सूचियाँ मिलती हैं। इस अध्याय में दाऊद का शासन और यरूशलेम के उत्तराधिकार की रेखा स्पष्ट की जाती है। शम्मू, शोबाब, नातान और सुलैमन के नाम के साथ यह दिख रहा है कि परिवार में कई संताने प्रमुख भूमिका निभाती थीं और कुछ का उल्लेख विशेष स्थान पर हुआ है।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • नाम-मालिका: यहां सूची में चार नाम आते हैं, जो परिवार-वंश की विविधता और वंशानुगत भूमिका की ओर संकेत करते हैं।
  • यूरो-काल परिप्रेक्ष्य: यरूशलेम में जन्मे संतानों का क्रम राज्याभिषेक और शहर के पुनर्निर्माण से जुड़ा हो सकता है, जिससे दाऊदी राजवंश की स्थिरता का संकेत मिलता है।
  • धार्मिक संकेत: इन नामों के द्वारा यह दर्शाया गया है कि परिवार में ईश्वर की प्रतिज्ञाओं और वंश-वृष्टि की स्मृति संरक्षित है।

संक्षिप्त थीम-सूची

  1. परिवार के उत्तराधिकार में संतानों का स्थान
  2. यशस्वी जन्म और शहर-प्रेम के संकेत
  3. ईश्वर की योजनाओं के साथ मानव इतिहास का सम्बद्ध होना

अनुसंधान-सम्बंधित आयतें

यहाँ कुछ प्रमुख क्रॉस-रेफरेंसेज़ दी जा रही हैं जिनसे पाठ की समझ गहराती है:

  • 1 इतिहास 3:2 — क़ायदा वैधता और उत्तराधिकार की चर्चा; यह बताता है कि राजा-वंश कैसे संरक्षित रहता है।
  • 2 शमूएल 7 — दाऊद के वंश के दायित्व और परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं का महत्व; यह उत्तराधिकार की पवित्रता को उजागर करता है।
  • 1 इतिहास 22:9-10 — शारीरिक जन्म से बढ़कर, अभिषेक और विशिष्ट कार्य की योजना के प्रति संकेत देता है।

व्याख्या: ये संदर्भ बताते हैं कि जन्मों के क्रम से कलह और राज-कार्य कैसे जुड़ते हैं, और कैसे परमेश्वर की योजना इतिहास में क्रम बनाती है।

व्यावहारिक निष्कर्ष

नैतिक विचार यह है कि हमारे जीवन के छोटे-छोटे जन्म-क्रम भी परमेश्वर की योजना का हिस्सा होते हैं। परिवार के नाम और विरासत का सम्मान करें, परन्तु परमेश्वर की सर्व-व्यापक योजना में विश्वास बनाए रखें।

टिप्पणियाँ (संदर्भित उद्धरण)

इस पाठ में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेख संदर्भों से किसी भी सीधे पूर्ण उद्धरणों का प्रयोग वेबसाइट-स्तर पर नहीं किया गया है; पर उनकी विचारधारा के अनुसार यह सुझाव मिलता है कि उत्तराधिकार और परिवार-परंपरा का महत्त्व धार्मिक इतिहास में स्थिर है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 इतिहास 14:4 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 इतिहास 3:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 इतिहास 3:5 (HINIRV) »
यरूशलेम में उसके ये पुत्र उत्‍पन्‍न हुए: अर्थात् शिमा, शोबाब, नातान और सुलैमान, ये चारों अम्मीएल की बेटी बतशेबा से उत्‍पन्‍न हुए।

2 शमूएल 5:14 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 शमूएल 5:14 (HINIRV) »
उसकी जो सन्तान यरूशलेम में उत्‍पन्‍न हुई, उनके ये नाम हैं, अर्थात् शम्मू, शोबाब, नातान, सुलैमान, (1 इति. 14:4)

2 शमूएल 12:24 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 शमूएल 12:24 (HINIRV) »
तब दाऊद ने अपनी पत्‍नी बतशेबा को शान्ति दी, और वह उसके पास गया; और उसके एक पुत्र उत्‍पन्‍न हुआ, और उसने उसका नाम सुलैमान* रखा। और वह यहोवा का प्रिय हुआ। (मत्ती 1:6)

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