Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 शमूएल 12:1 2 शमूएल 12:2 2 शमूएल 12:3 2 शमूएल 12:4 2 शमूएल 12:5 2 शमूएल 12:6 2 शमूएल 12:7 2 शमूएल 12:8 2 शमूएल 12:9 2 शमूएल 12:10 2 शमूएल 12:11 2 शमूएल 12:12 2 शमूएल 12:13 2 शमूएल 12:14 2 शमूएल 12:15 2 शमूएल 12:16 2 शमूएल 12:17 2 शमूएल 12:18 2 शमूएल 12:19 2 शमूएल 12:20 2 शमूएल 12:21 2 शमूएल 12:22 2 शमूएल 12:23 2 शमूएल 12:24 2 शमूएल 12:25 2 शमूएल 12:26 2 शमूएल 12:27 2 शमूएल 12:28 2 शमूएल 12:29 2 शमूएल 12:30 2 शमूएल 12:31



मुख्य बिंदु
2 शमूएल 12:24 में दाऊद ने बतशेबा से विवाह किया और उनके पुत्र शलम (सुलैमान) का जन्म हुआ; यह वंशदायिनी घटना परमेश्वर की योजना और दाऊद के जीवन-चित्र के बीच एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यद्यपि यह श्लील घटना एक नैतिक ज्वालामय पन्ना है, परन्तु बाइबल के प्रेरित इतिहास में प्रभु की कृपा, दया और वचन के सत्य का प्रकाश डालती है। इन शब्दों के पीछे यीशु की वंशावळी और परमेश्वर के चयन का संकेत भी निहित है, क्योंकि श्लामान (सुलैमान) यहोवा का प्रिय हुआ।
पाठ के साहित्यिक संदर्भ
कथन इस अध्याय में दाऊद के परिवार-जीवन के परिणामों को दिखाते हैं—परिणाम जो तत्कालीन घटनाओं से जुड़े थे, किंतु परमेश्वर के दृष्टिकोण से वह आशीष का हिस्सा बनते हैं। वहीं "यहोवा का प्रिय हुआ" वाक्य, परमेश्वर के चयन और दाऊद के अनुरोध के बाद शिशु के लिए आशीर्वाद की पुष्टि देता है। इस पंक्ति से जुड़ाव यह है कि श्लेमान का जन्म एक वैवाहिक संबंध से हुआ, परन्तु उसका उद्देश्य और भाग्य परमेश्वर के उद्धारकार्य में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ऐतिहासिक-आध्यात्मिक महत्व
पनघट के रूप में, यहाँ दाऊद की गलती के बावजूद परमेश्वर का वचन और वरदान नहीं डगमगाते। शलैमान का जन्म भविष्य की राजधानी के निर्माण और बुद्धिमत्ता के लिए जाना जाएगा; यह एक ऐसी धारणात्मक धारा है जहाँ मानवीय दोष भी ईश्वर की योजना के साथ जुड़ जाते हैं। यहूदा के वंशावली में शलैमान की उपस्थिति, मसीह के आगमन के प्रतीकात्मक मानदंडों को भी संकेतित करती है कि कैसे परमेश्वर अपने उद्देश्य को पाप–दोष के बावजूद पूरा करते हैं।
गौरोभाव: विशिष्ट उद्धरण से संदर्भ
यह अध्याय Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसे स्त्रोतों के पारंपरिक व्याख्यात्मक रुझानों की पृष्ठभूमि में प्रकट होता है—जिनमें वे दाऊद के नैतिक संघर्ष और परमेश्वर की दया, तथा श्लेमान के चयन के पीछे की योजना को बताते हैं। यह पंक्ति “यहोवा का प्रिय हुआ” पर विशिष्ट टिप्पणी रखती है कि परमेश्वर की कृपा शास्त्रीय नैतिकताओं के ऊपर भी कार्य करती है, किन्तु यहाँ नैतिक जिम्मेदारी के बारे में भी स्मरण आवश्यक है। (उद्धरण संकेत: इन commentators के मौखिक शब्दों के सटीक संक्षेप उपलब्ध हैं; पूर्ण पाठ उनके मूल लेखन में देखे जा सकते हैं।)
क्रॉस-रेफरेंसेज़
व्याख्या-नोट: क्रॉस-रेफरेंसेज़ के ये संकेत पूरे बाइबल की एकता को दर्शाते हैं कि कैसे पुरानी व्यवस्था का इतिहास नए दायित्वों के बीच पूरा होता है।
विचारोत्तर प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
2 शमूएल 12:24 में दाऊद की निजी गलती के बावजूद, परमेश्वर ने भविष्य के लिए श्लैमान को वरदान और प्रिय ठहराने की योजना बनाए रखी—जो आगे चलकर मसीह वंशावली और सर्व-उद्धार की दिशा निर्धारित करती है। यह भाग हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर की कृपा, उसकी सचाई और वचन-योजना मानव पाप के बावजूद स्थिर रहती है।