2 शमूएल 12:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब उसके घराने के पुरनिये उठकर उसे भूमि पर से उठाने के लिये उसके पास गए; परन्तु उसने न चाहा, और उनके संग रोटी न खाई।

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2 शमूएल 12:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

सीधे अर्थ की पुष्टि

2 शमूएल 12:17 में कहा गया है कि राजा दाऊद के घराने के पुराने लोग उसके पास आएँ ताकि उसे उठाकर उसके घर पर से उठाने में मदद करें, परन्तु दाऊद ने उनसे यह नहीं चाहा और उनके साथ भोजन भी नहीं खाया। यह संदर्भ गहराई से जीवन के कठिनाइयों, अनुदान और भय से जुड़ी धारणाओं को उद्घाटित करता है: राजा को मृत्यु के निकट मानना और उसकी मानवीय कमजोरी, साथ ही परमेश्वर की परीक्षण-स्थिति में व्यक्ति की दायित्व-समझ।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यह घटना दाऊद के परिवारिक संकट के समय की है; उसका पुत्र Absalom विद्रोह के बाद भाग गया था और दाऊद शोकग्रस्त था। शेष पुरनिये (वृद्ध पुरुष) उसकी स्वास्थ्य-स्थिति पर गौर करना चाहते थे और उसे संभालकर उठाने का प्रयत्न कर रहे थे। दाऊद की न चाहने की प्रतिक्रिया उसकी मानवीय कमजोरी, अशक्ति और अपने लोगों के लिए कठिन निर्णय लेने की इच्छा को दर्शाती है।

interpretive observations (व्याख्यात्मक निष्कर्ष)

  • मानवीय दुःख और निर्भरता: दाऊद का इन परिस्थितियों में उठना-बंधना असंगत प्रतीत होता है; यह दिखाता है कि राजा भी सांसारिक पीड़ा से मुक्त नहीं।
  • युद्ध-स्थिति बनाम दया-स्थिति: पुरनियों की सहायता की कोशिश प्रतीत होती है कि लोग संकट के समय एक दूसरे के प्रति दयालु और सहायता-कारी बने रहते हैं, जबकि राजाओं को अपनी नैतिक और आध्यात्मिक जिम्मेदारी निभानी पड़ती है।
  • धार्मिक विश्वास और कानूनी-नियम: सामाजिक-परंपराओं के अनुसार वृद्ध-पुरुषों का सम्मान और देखभाल जरूरी था; परन्तु दाऊद का निर्णय इन मानकों के साथ संघर्ष करता दिखता है, जो सामान्य जीवन में विश्वास और परमेश्वर के अभिमत के बीच संतुलन बनाने का संकेत है।

छोटी thematic सूची

  • जो बीत गया उसके कारण मृत्यु-भावना नहीं; जीना और मरना परमेश्वर के हाथ में।
  • नेतृत्व में मानवीय संवेदना बनाम राजसी कर्तव्य— कैसे संतुलित किया जाए।
  • community care verses isolation: संकट के समय लोग-लोगों के साथ स्थिर रहें।

अन्य संबंधित बाइबिल क्रॉस-रेफरेंसे

• एक में दया और मरहम के संदर्भ: पुराने समय में भाइयों और बुजुर्गों की देखभाल का आदर्श दिखता है; यह संक्रमण-काल में समुदाय की जिम्मेदारी को याद दिलाता है।

• एक दूसरे संदर्भ से: पीड़ा के समय में आध्यात्मिक नियंत्रण बनाए रखना—क्योंकि परमेश्वर की राहों में भरोसा रखना चाहिए।

• एक और संदर्भ से: शोक-संवेदना के समय नेतृत्व-व्यवहार के लिए नैतिक निर्देशन मिलते हैं—परिष্কার और समर्पण के साथ आगे बढ़ना।

निष्कर्षित व्यवहारिक takeaway

कठिन समय में भी व्यक्ति को अपने वातावरण के सम्मान के साथ सही निर्णय लेने चाहिए। दुख की स्थिति में भी समुदाय और प्रेम से जुड़ना चाहिए, तथा परमेश्वर के मार्ग पर भरोसा बनाए रखना चाहिए, भले ही परिस्थितियाँ कितनी भी कठोर हों।

याद रखने योग्य ब्रह्म-वाक्य

यह घटना दिखाती है कि मानवीय संवेदना और राज-कर्तव्य कभी-कभी टकराते हैं; पर नियंत्रण और कर्तव्य के साथ विश्वास-आधारित निर्णय ही सच्ची नेतृत्व-गुण प्रस्तुत करता है।

अब्द-हीन उद्धरण (सार-संदर्भ)

यदि आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के सटीक उद्धरण देखना चाहें, तो उनके सार्वजनिक-डोमेन विचारों में यह प्रकार की स्थिति के लिए वे समान भाव दिखाते हैं: दाऊद की संवेदना के साथ ईश्वर-निर्धारित मार्ग की आवश्यकता और पीड़ा के बीच संतुलन की चर्चा।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 शमूएल 12:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

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2 शमूएल 3:35 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 शमूएल 3:35 (HINIRV) »
तब सब लोग कुछ दिन रहते दाऊद को रोटी खिलाने आए; परन्तु दाऊद ने शपथ खाकर कहा, “यदि मैं सूर्य के अस्त होने से पहले रोटी या और कोई वस्तु खाऊँ, तो परमेश्‍वर मुझसे ऐसा ही, वरन् इससे भी अधिक करे।”

1 शमूएल 28:23 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 28:23 (HINIRV) »
उसने इन्कार करके कहा, “मैं न खाऊँगा।” परन्तु उसके सेवकों और स्त्री ने मिलकर यहाँ तक उसे दबाया कि वह उनकी बात मानकर, भूमि पर से उठकर खाट पर बैठ गया।

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