Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 शमूएल 3:1 2 शमूएल 3:2 2 शमूएल 3:3 2 शमूएल 3:4 2 शमूएल 3:5 2 शमूएल 3:6 2 शमूएल 3:7 2 शमूएल 3:8 2 शमूएल 3:9 2 शमूएल 3:10 2 शमूएल 3:11 2 शमूएल 3:12 2 शमूएल 3:13 2 शमूएल 3:14 2 शमूएल 3:15 2 शमूएल 3:16 2 शमूएल 3:17 2 शमूएल 3:18 2 शमूएल 3:19 2 शमूएल 3:20 2 शमूएल 3:21 2 शमूएल 3:22 2 शमूएल 3:23 2 शमूएल 3:24 2 शमूएल 3:25 2 शमूएल 3:26 2 शमूएल 3:27 2 शमूएल 3:28 2 शमूएल 3:29 2 शमूएल 3:30 2 शमूएल 3:31 2 शमूएल 3:32 2 शमूएल 3:33 2 शमूएल 3:34 2 शमूएल 3:35 2 शमूएल 3:36 2 शमूएल 3:37 2 शमूएल 3:38 2 शमूएल 3:39



2 शमूएल 3:35—सीधी समझ और पृष्ठभूमि
इस आयत में दाऊद ने शपथ लेकर कहा कि वह सूर्य के अस्त होने तक भोजन नहीं खाएगा, ताकि परमेश्वर को छोड़कर किसी भी कारण से नहीं। यह कथा दिखाती है कि दाऊद किस प्रकार आत्म-control, कर्तव्यपरायणता और परमेश्वर के प्रति प्रतिबद्धता का प्रदर्शन कर रहा था, भले ही उस समय खाने की आवश्यकता हो सकती थी।
पृष्ठभूमि
दाऊद और उसकी सेनाएँ सिम्बाल के बाद के संघर्षों के जाल में फंसे थे। इस काल में उनका भोजन-व्यवस्थापन एक संवेदनशील मामला था, क्योंकि वे राजा के रूप में नैतिकता और धार्मिकता की मिसाल बनते थे। यहाँ दाऊद का कथन यह संकेत देता है कि वह नियम-निष्ठा और परमेश्वर की सजग उपस्थिति के प्रति समर्पित है, भले ही राजा होने के नाते रणकौशल और सैनिक आवश्यकताएँ उठ खड़ी हों।
Interpretive observations
स्पष्ट थिमेटिक बिंदु
क्रॉस-रेफरेंसेस (संकेत मात्र)
यदा-यदा ऐसे घटनापरक संदर्भ: एक अन्य शास्त्रीय आदेश में भोजन और उपासना के विषय में नैतिकता पर जोर मिलता है; साथ ही दया और धर्म के बीच संतुलन दिखाने वाले दूत-रेखांकन भी मिलते हैं। (क्रॉस रेफरेंसेस: अन्य संदर्भ जिनमें नेतृत्व और धार्मिक निष्ठा का महत्व दिखता है।)
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व्यावहारिक takeaway
1) कठिन समय में भी विश्वास-व्यवहार की कसौटी न बदले। 2) अपने शब्दों के साथ-साथ आचरण में भी ईमानदारी बनाए रखें। 3) नेता का आध्यात्मिक दायित्व समुदाय के लिए प्रेरणा बनता है।
संक्षिप्त समेकित व्याख्या
यह दृश्य दाऊद के भीतर एक दृढ़ नैतिक सेटिंग दिखाता है: भोजन, शक्तिशाली स्थिति और परमेश्वर के नियमों के बीच संतुलन। यह हमें सिखाता है कि आध्यात्मिक प्रतिबद्धता किसी भी राजनीतिक या सामाजिक दबाव से ऊपर रहती है, और प्रभु के समक्ष हमारा व्यवहार उसी अनुसार नियंत्रित होना चाहिए।
नोट: यह commentary बाइबल के व्यापक संदर्भ के अनुरूप है और Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke आदि सार्वजनिक-डोमेन विचारधाराओं के सार को भारतीय पाठक हेतु संक्षेप में समाहित करता है, बिना उनके उद्धरणों के पूर्ण टेक्स्ट दोहराए।