Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 शमूएल 3:1 2 शमूएल 3:2 2 शमूएल 3:3 2 शमूएल 3:4 2 शमूएल 3:5 2 शमूएल 3:6 2 शमूएल 3:7 2 शमूएल 3:8 2 शमूएल 3:9 2 शमूएल 3:10 2 शमूएल 3:11 2 शमूएल 3:12 2 शमूएल 3:13 2 शमूएल 3:14 2 शमूएल 3:15 2 शमूएल 3:16 2 शमूएल 3:17 2 शमूएल 3:18 2 शमूएल 3:19 2 शमूएल 3:20 2 शमूएल 3:21 2 शमूएल 3:22 2 शमूएल 3:23 2 शमूएल 3:24 2 शमूएल 3:25 2 शमूएल 3:26 2 शमूएल 3:27 2 शमूएल 3:28 2 शमूएल 3:29 2 शमूएल 3:30 2 शमूएल 3:31 2 शमूएल 3:32 2 शमूएल 3:33 2 शमूएल 3:34 2 शमूएल 3:35 2 शमूएल 3:36 2 शमूएल 3:37 2 शमूएल 3:38 2 शमूएल 3:39



पद का तत्कालीन संदर्भ और सेटिंग
2 शमूएल 3:18 उद्धृत करता है कि यहोवा ने दाऊद के पक्ष में यह कहा है कि वह अपनी प्रजा इस्रायत को पलिश्तियों के हाथ से नहीं, बल्कि शत्रुओं के हाथ से छुड़ाने के लिए दाऊद के परिवार के माध्यम से कार्य करेगा। यह टेक्स्ट उस समय की राजनीतिक-धार्मिक स्थिति को बिनहूल के भीतर देखने को प्रेरित करता है, जब दाऊद राजा के रूप में अपना स्थिर स्थान बनाने की कोशिश कर रहा था और परमेश्वर का वादा उसके साथ जुड़ा हुआ था। यह वचन दाऊद के नेतृत्व की परमेश्वर-निर्देशनित वैधता और योजना की पुष्टि करता है।
ईश्वर पर विश्वास और विश्वास के गुण
यह वचन दिखाता है कि परमेश्वर अपने दास दाऊद के माध्यम से अपनी योजना को पूरा करेगा—यह आश्वासन कि उनका उद्धार और ठहराव उनके मनुष्यों के लिए है, न कि केवल राजनीतिक लाभ के लिए। विश्वास में, दाऊद के प्रति ईश्वर की प्रतिबद्धता उसकी ओर विश्वास के कट्टरत्व को पुष्ट करती है। यह भी दर्शाता है कि ईश्वर गम्भीर रूप से अपनेchos के चेहरों के लिए सुरक्षा बनाते हैं, भले ही परिस्थितियाँ प्रतिकूल क्यों न हों।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की स्पष्टता
- "आर्कषण" और "छुडाने" के चित्र: यहोवा अपने लोगों को दुष्ट शत्रुओं के हाथ से छुड़ाने का प्रतिज्ञा करता है; यह उद्धार का एक सार्वभौमिक तत्व है।
- "दास दाऊद": दाऊद को परमेश्वर के प्रिय दावेदार के रूप में पेश किया गया है, जो योजना के अनुसार राजा बनने की तैयारी में है। यह दर्शाता है कि प्रभु अपने उद्देश्य के लिए चुने हुए माध्यमों पर निर्भर रहते हैं।
संबंधित पद और उनके संक्षिप्त अर्थ
- 2 शमूएल 7:12-16: परमेश्वर का दाऊद के परिवार के साथ स्थाई वचन और राज्य की स्थापना का आश्वासन; यह पाठ इस वचन के साथ एक संगत दृढ़ता देता है कि उद्धार और शासन प्रभु के हाथ में है।
- 1 समु 17:45-47: विश्वास की विजय और परमेश्वर की शक्ति से प्रत्यक्ष उद्धार की स्मरण।
- अभिषेक के संदिग्ध समय में 2 शमूएल 5:2: यहोवा का निश्चय—“मैं तुम्हारे साथ हूँ”—दाऊद के नेतृत्व के लिए प्रेरणा देता है।
आज के संदर्भ में व्यवहारिक अनुप्रयोग
- परमेश्वर की योजना में विश्वास बनाये रखें: कठिन परिस्थितियों में भी ईश्वर की योजना बनी रहती है। हमें दायित्व और नेतृत्व के लिए पवित्र उद्देश्य की खोज करनी चाहिए, न कि स्वार्थपूर्ण लाभ की।
- सुरक्षा की उम्मीद: जब समाज या व्यक्तिगत जीवन में खतरे हों, तब भी हम प्रभु की रक्षा पर निर्भर रहें; वह हमारी बाधाओं को भी अपनी योजना में समाहित करते हैं।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त निष्कर्ष के साथ)
- 2 शमूएल 7:12-16 — दाऊद के वंश के साथ ईश्वर के स्थाई वचन की पुष्टि; यह इस वचन के उद्धार-योजनात्मक स्वर को सुसंगत करता है।
- 1 समु 17:45-47 — विश्वास की भाषा में उद्धार की शक्ति का प्रत्यक्ष चित्र; पराक्रम निजी नहीं, परमेश्वर की शक्तिपूर्ण उपस्थिति।
- सभोपदेशक 4:12 — एक भी व्यक्ति नहीं, दो सहारे से जय होता है; यह उद्धार के सामूहिक और रक्षात्मक पक्ष की याद दिलाता है।
सार संकलन
यह वचन परमेश्वर के दया-योजना के प्रति दाऊद के नेतृत्व की मान्यता को पुष्ट करता है: वह अपने दास के माध्यम से इस्राएल को सुरक्षा देगा और शत्रुओं के हाथ से छुड़ाएगा। हमारे लिए भी यही संदेश है कि परमेश्वर की सुरक्षा और उद्धार उनका लक्ष्य है, जिसे 믿कर पालन करना चाहिए।