Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 शमूएल 3:1 2 शमूएल 3:2 2 शमूएल 3:3 2 शमूएल 3:4 2 शमूएल 3:5 2 शमूएल 3:6 2 शमूएल 3:7 2 शमूएल 3:8 2 शमूएल 3:9 2 शमूएल 3:10 2 शमूएल 3:11 2 शमूएल 3:12 2 शमूएल 3:13 2 शमूएल 3:14 2 शमूएल 3:15 2 शमूएल 3:16 2 शमूएल 3:17 2 शमूएल 3:18 2 शमूएल 3:19 2 शमूएल 3:20 2 शमूएल 3:21 2 शमूएल 3:22 2 शमूएल 3:23 2 शमूएल 3:24 2 शमूएल 3:25 2 शमूएल 3:26 2 शमूएल 3:27 2 शमूएल 3:28 2 शमूएल 3:29 2 शमूएल 3:30 2 शमूएल 3:31 2 शमूएल 3:32 2 शमूएल 3:33 2 शमूएल 3:34 2 शमूएल 3:35 2 शमूएल 3:36 2 शमूएल 3:37 2 शमूएल 3:38 2 शमूएल 3:39



2 शमूएल 3:3 का संदर्भ और संदर्भित अर्थ
इस पद में दाऊद का परिवारिक क्रम स्पष्ट किया गया है, ताकि आगे क्रमिक रूप से दाऊद के सिंहासन के संबंध में परिवारिक पृष्ठभूमि समझी जा सके। यहाँ यह सूची एक-एक करके राजा बनने वाले व्यक्तियों की जन्म-गुण और माँ के नामों के साथ दी गई है, ताकि यह दिखे कि किस प्रकार सत्ता के विरासत-चक्र में कई व्यक्ति जुड़ते हैं और हर एक की पहचान एक विशेष इतिहास से जुड़ती है।
मुख्य अर्थ
यह पद बताता है कि दाऊद के परिवार में कई गौण किन्तु निर्णायक सदस्य थे, जिनकी माता–माताओं के नामों ने उनके जन्म-परिवार के सामाजिक और राजनैतिक दायरे को चिह्नित किया। “किलाब” तथा माता के उल्लेख से यह स्पष्ट होता है कि राजा बनने के क्रम में हर व्यक्तित्व की मूल पहचान उनके पिता के साथ जुड़ी है और कभी-कभी राजनीतिक alliances और सामाजिक स्थिति की छाप देता है।
दो–तीन प्रमुख विषय
संबद्ध पवित्र ग्रंथ के अंतर्दृष्टि
पढ़ने पर यह स्पष्ट होता है कि प्रत्यक्ष वंशवार्ता के साथ पंथीय इतिहास जुड़ा रहता है।ी उद्धरण से स्पष्ट हो सकता है कि किसी नेता की सामाजिक पहचान माताओं के माध्यम से भी पुख्ता होती है, और यह एक सार्वजनिक रिकॉर्ड की तरह कार्य करता है ताकि आश्रमणीय और पारिवारिक संदर्भ मिल सके।
वास्तविक-जीवन के विचार
यह पाठ हमें याद दिलाता है कि किसी भी समुदाय में पहचान सिर्फ जन्म से नहीं बनती, बल्कि परिवार-नाम, माता-पिता के संबंध और सामाजिक भूमिका से भी निर्मित होती है। आज के संदर्भ में भी विभिन्न सामाजिक समूहों में यह सच है कि नाम-इतिहास और परंपरागत रिश्ते एक साझा पहचान बनाते हैं, जो आगे के निर्णयों और जिम्मेदारियों पर प्रभाव डालता है।
क्रॉस-रेफरेंसेस और संबंध
- 2 शमूएल 3:5–6 में दाऊद के परिवार के अन्य सदस्य और उनकी जन्म-स्थिति का क्रम वर्णित है; यह एक व्यापक परिवार-गायन का हिस्सा है जो राज-संरचना से जुड़ता है।
- 1 समूएल 16:1–13 में यह दिखता है कि कैसे पिता का चयन और परिवार की जड़ें राजा के रूप में भविष्य के कदम निर्धारित करते हैं, और मातृ-भूमि का संकेत भी आंतरिक पहचान बनाता है।
- 2 समूएल 5:3–5 में दाऊद के राजिक औचित्य और आधुनिक-पृथ्वी के सांवलाइनंद के साथ परिवार-परिचय का समेकन दिखता है।
व्यावहारिक चिंतन
हम अपने जीवन में समझते हैं कि पहचान कैसे बनी है—परिवार, समुदाय, और इतिहास के मिलन से। जैसे दाऊद के कुल-पुरवेत्तर दिखाते हैं, हमें भी अपने परिचय के स्रोतों को सम्मान देना चाहिए और यह समझना चाहिए कि हमारा व्यक्तिगत इतिहास कैसे आज की जिम्मेदारियों और विकल्पों पर असर डालता है।
संक्षेप
यह शृंखला एक सामाजिक-परिवारिक गतिशीलता का छोटा-सा but महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो भविष्य के राजनैतिक और व्यक्तिगत निर्णयों के लिए आधार बनाती है। माताओं के नामों के साथ प्रतिनिधित्व वास्तव में एक मजबूत, पारिवारिक-इतिहास के संकेतक के रूप में प्रस्तुत है।
प्रमुख उद्धरण (Matthey Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से आवश्यकता होने पर उपलब्ध) के संक्षेप भाव:—
नोट: नीचे दिए गए सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणीकारों के छोटे वाक्यों को अत्यंत संक्षेप में रखा गया है; पाठ के प्रवाह के अनुसार आवश्यक भाग ही उद्धृत हैं।