Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 शमूएल 12:1 2 शमूएल 12:2 2 शमूएल 12:3 2 शमूएल 12:4 2 शमूएल 12:5 2 शमूएल 12:6 2 शमूएल 12:7 2 शमूएल 12:8 2 शमूएल 12:9 2 शमूएल 12:10 2 शमूएल 12:11 2 शमूएल 12:12 2 शमूएल 12:13 2 शमूएल 12:14 2 शमूएल 12:15 2 शमूएल 12:16 2 शमूएल 12:17 2 शमूएल 12:18 2 शमूएल 12:19 2 शमूएल 12:20 2 शमूएल 12:21 2 शमूएल 12:22 2 शमूएल 12:23 2 शमूएल 12:24 2 शमूएल 12:25 2 शमूएल 12:26 2 शमूएल 12:27 2 शमूएल 12:28 2 शमूएल 12:29 2 शमूएल 12:30 2 शमूएल 12:31



2 शमूएल 12:9 का महत्व और संदर्भ
यह पद हमें नये-नये प्रश्नों के बजाय वास्तविक परीक्षण दिखाता है: परमेश्वर के प्रति अनुशासनहीनता और सत्ता-स्वार्थ की अंतर्निहित नैतिकता। जब राष्ट्र-राजा डेविड ने ऊरिय्या सहित अत्याचार किया, तो यह न केवल एक व्यक्तिगत पाप था बल्कि उसके सिंहासन पर एक संकट का कारण बना। यह खबर सार्वजनिक रूप से उद्घोषित होती है, ताकि राजा की कार्रवाई की गम्भीरता और प्रभु के साथ विश्वासघात स्पष्ट हो।
पार्श्वभूमि और मूल संदर्भ
यह संदर्भ 2 समूएल के कथा-खंड में आता है जब डेविड ने अपनी शक्तिशाली स्थिति का दुरुपयोग किया। उन्होंने योद्धा ऊरिय्याह की सेना में अग्रणी रहने के बावजूद उसे युद्ध से अलग कर दिया ताकि उसकी पत्नी बैशबा के साथ शारीरिक संबंध स्थापित कर सके। प्रभु के नजदीकी आचार-व्यवहार के आलंबन के खिलाफ यह कर्म है, और नतीजा यह हुआ कि नयाब विधानसभा ने नीतिगत और नैतिक दायित्वों की कमी के कारण डेविड पर निर्णयित प्रहार किया।
मुख्य संदेश
यह verse इस बात को स्पष्ट करता है कि परमेश्वर के सम्मुख किसी भी प्रकार का पाप—उसके निर्देश के विरुद्ध क्रूर-अन्याय—अकथ्य है और राजा-रानी भी इस דין से मुक्त नहीं हैं। तुच्छ समझकर की गई हर बुरी चाल, प्रभु की दृष्टि में घृणित है, क्योंकि वह पूर्णता के मानक पर टिके रहते हुए भी सत्ता का दुरुपयोग होता है।
प्रमुख विषय-वाक्यunek
Cross-reference निष्कर्ष
यहाँ कुछ उपयुक्त क्रॉस-व References और उनके तात्पर्य सीमित उद्धरण दिए जाते हैं:
संकेतार्थ: इन संदर्भों में पाप के प्रभाव, पश्चाताप, और दीर्घकालिक उत्तरदायित्व को समझना आसान हो जाता है।
Historical-Commentary संकेत
प्रायः प्रसिद्ध पंडितों के विश्लेषण, जैसे मैथ्यू हेनरी, अल्बर्ट बार्न्स और अडम क्लार्क का संकेत मिलता है कि शासक का पाप सार्वजनिक आचरण के विरुद्ध होने पर भी परमेश्वर उसे उसी अनुपात में दृष्टि से देखता है। यह पाठ परमेश्वर के नियम और नैतिकता के महत्व को दिखाता है।
संक्षेप में, यह verse सिखाता है कि सत्ता के भोग और अधिष्ठान के भीतर भी पवित्र नियमों के विरुद्ध काम करना एक बड़ी चूक है, और परमेश्वर हर पापकर्म के लिए उचित परिणाम सुनिश्चित करते हैं।
उपयोगी प्रार्थना-आधारित विचार
परमेश्वर, मुझे अपने दिल में लिखी गई गलतियाँ दिखाने की कृपा दे। जब मैं ताकत या स्थिति के कारण गलत करने को सोचूं, तब मुझे सचेत कर और तुझे मानने की प्रेरणा दे। मैं तेरा दया-पूर्ण सुधार स्वीकार करता हूँ और शुद्धता के मार्ग पर चलना चाहता हूँ।