Old Testament
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Immediate setting of परमवचन: 1 इतिहास 22:15
यह पद दाऊद के निर्माण-कर्म के संदर्भ में है। राजा दाऊद ने अपने पुत्र शाऊल या यशाय के स्थान पर सुयोग्य संसाधनों की व्यवस्था में जुटे रहने के लिए उत्साहित किया। पाठक जान लेते हैं कि राज्य के निर्माण और मंदिर-निर्माण के लिए विविध कारीगर, हथियार-कार, पत्थर-गणना करने वाले और लकड़ी काटने वाले—सब प्रकार के विशेषज्ञ—उपलब्ध कराए जाएँ। यह वाक्य दर्शाता है कि एक kabisa संगठन के लिए बहुविध कुशलताओं का समन्वय आवश्यक है, ताकि कार्य सुचारू एवं पूर्ण बन सके।
ईश्वर या विश्वास के बारे में पाठ से प्राप्त पाठ
इस वाक्य में स्पष्ट रूप से यह दिखता है कि प्रभु की योजना के अनुसार हर प्रकार की योग्यता और कौशल—जिनमें न सिर्फ सैनिक वीरता बल्कि कला, शिल्प और निर्माण-कार्य की कुशलताएँ शामिल हैं—ईश्वर के उद्देश्य की पूर्ति के लिए आवश्यक हैं। ईश्वर की सेवकाई में लोग अपनी-अपनी क्षमताओं के अनुसार योगदान देते हैं; यह एक सामूहिक भागीदारी है जिसमें परमेश्वर के उद्देश्य की पूर्ति के लिए बहुधा भिन्न-भिन्न योग्यताओं की आवश्यकता होती है।
महत्त्वपूर्ण शब्दों या चित्रों की स्पष्ट व्याख्या
संबंधित विचार: अन्य आयतें और उनके अर्थ
– प्रेरणा के रूप में 2 पवित्रशास्त्रों से मिलते-जुलते उदाहरण मिलते हैं जहाँ कार्य और कौशलों की विविधता एक साथ आकर परम योजनाओं को साकार करती है।
– निर्माण और सेवकाई के क्षेत्र में बहु-क्षमताओं का संयुक्त प्रयोग, समुदाय की समृद्धि के लिए अनिवार्य है।
आधुनिक अनुपालना
आज के चर्चे में यह संदेश मानवीय विभाजन के बिना एकत्रित सेवा की आवश्यकता को रेखांकित करता है: हर सदस्य अपनी-अपनी कृतियों से समूह की सफलता में योगदान दे सकता है—किसी भी परियोजना की सफलता के लिए कौशलों का समन्वय ज़रूरी है। चाहे वह शिक्षा-स्वरूप कौशल हो, निर्माण के क्षेत्र का अनुभव, या कला-कौशल, परमेश्वर की योजना में सभी का स्थान है।
क्रॉस-रेफरेंसेज़