Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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1 इतिहास 22:18 का महत्व और संदेश
यह पद यहोवा की उपस्थिति और उनकी सुरक्षा पर निर्भर रहने की प्रेरणा देता है। राजा दाऊद पूछते हैं: क्या तुम्हारा परमेश्वर यहोवा तुम्हारे साथ नहीं है? क्या उसने तुमको चारों ओर विश्राम नहीं दिया? इन प्रश्नों के माध्यम से वह यह स्पष्ट कर रहे हैं कि सफलता और शांति केवल उसी के साथ संबंध बनाने से मिलती है। यदि परमेश्वर साथ है, तो हर चुनौती पर विजय संभव है; यदि नहीं, तो विजय एक कल्पना मात्र है।
पद का मूल संदर्भ और संदर्भ-परिप्रेक्ष्य
यह इतिहास का वह समय है जब द्वार-परिवारों के शासक दाऊद अपने सैनिकों के लिए रणनीति बना रहे थे। देश के निवासियों ने परमेश्वर के अधीन रहने की स्थिति में दाऊद को भरोसा दिलाया है, और दाऊद इसे एक चेतावनी के रूप में देखते हैं कि वास्तविक शांति और इजाजत परमेश्वर के नियंत्रण में है। यहोवा के साथ आजीवन सुरक्षा मिलने का असल सिद्धांत यहाँ पुष्ट होता है—यही कारण है कि दाऊद उन पर विचार करने के लिए बुलाते हैं कि वे परमेश्वर की सामर्थ्य के बिना नहीं चल सकते।
मुख्य संदेश
आउट-लाइनेड थीम्स और सहायक पाठ
यहाँ कुछ प्रमुख नीतिगत धारणाएँ हैं जो अन्य आयतों के साथ समन्वय बनाती हैं:
क्रॉस-रेफरेंसेस (संकेत-प्रेरणा)
ये संदर्भ मूल पाठ की समझ को बढ़ाते हैं:
व्यावहारिक आवेदन
आज की जीवनशैली में आप किन परिस्थितियों में परमेश्वर के साथ रहने का चुनाव कर रहे हैं? क्या आप अपनी योजनाओं को हमेशा परमेश्वर की इच्छा के अधीन रखते हैं? इस Verse से प्रेरित होकर आप अपने आस्तित्व में परमेश्वर की उपस्थिति को प्राथमिकता दें।
ज्ञात चरितार्थ उद्धरण (public-domain से संबंधित)
इस पाठ के साथ संगत प्रभावी टिप्पणियाँ दिन-प्रतिदिन के भावों को समझने में सहायता करती हैं। नीचे दिये विद्वानों के संक्षिप्त विचार शामिल हैं:
Matthew Henry: “The power and protection of God accompany those who trust in Him.”
Albert Barnes: “God’s presence is the true security; worldly strength is but a feeble shadow without Him.”
Adam Clarke: “Deliverance comes not from arms, but from God’s blessing and grace upon His people.”
देवotional reflection
आज हम देखते हैं कि सुरक्षा परमेश्वर के साथ सामंजस्य के भीतर है। यदि हम अपने दिन-चर्या के निर्णयों में परमेश्वर को प्राथमिकता दें, तो शत्रु-चालें खुद-ब-खुद “शांति-विश्राम” की दिशा में मोड़ लेती हैं। इस verse को स्मरण रखें: परमेश्वर के साथ है तो भरोसे के रास्ते और विश्राम के पल हमें मिलते रहते हैं।