Old Testament
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पाठ के साथ संकलन: 1 इतिहास 28:20 (HAINIRV)
इस आयत में दाऊद अपने पुत्र सुलैमान को विश्वास और साहस की प्रेरणा दे रहे हैं ताकि वे महान निर्माणकार्य—यहोवा के मंदिर के लिए—में दृढ़ रहें। दाऊद का आदेश और भरोसा दोनों मिलकर सुलैमान के भीतर विमर्शित भय को हराते हैं: परमेश्वर उनके साथ है और वह काम पूरा होने तक साथ नहीं छोड़ेगा। यह संदेश आज भी ईमानदार सेवक के लिए अनुकूल है—यही वह स्थिरता है जो कठिन समय में भी चलेगी: परमेश्वर की शक्ति और विश्वसनीय उपस्थिति।
पद का अंश-विश्लेषण
फिर दाऊद ने अपने पुत्र सुलैमान से कहा, “हियाव बाँध और दृढ़ होकर इस काम में लग जा। मत डर, और तेरा मन कच्चा न हो, क्योंकि यहोवा परमेश्वर जो मेरा परमेश्वर है, वह तेरे संग है; और जब तक यहोवा के भवन में जितना काम करना हो वह न हो चुके, तब तक वह न तो तुझे धोखा देगा और न तुझे त्यागेगा।”
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
सुलैमान के लिए यह प्रेरणा भरोसा, धैर्य और ईश्वर-आश्रित अनुशासन का मेल है। कार्य शुरू होता है पर सफलता तब तक नहीं मानी जाती जब तक पूर्णता न मिल जाए। ईश्वर के साथ अविनाशी साथ होने पर भय नहीं रहता और कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बना रहता है।
अनुयायिक क्रॉस-रेफरेंसेस
— निर्बलता में भी आशा रखने के लिए आसन मार्गदर्शन: यह कोर संदेश अन्य स्थलों में भी मिलता है जहां आत्म-विश्वास और परमेश्वर की सहायता एक साथ मिलती है (उत्पत्ति में जो साक्ष्य मिलते हैं, समान चीजें दिखती हैं)।
क्रॉस-रेफरेंसेस:
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि परमेश्वर के साथ रहने पर डर नहीं रहता, और लक्ष्य तक पहुँचना संभव बनता है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
संक्षेप
1history 28:20 का यह संदेश सुलैमान के लिए एक दयालु, स्पष्ट आह्वान है: साहस और दृढ़ता से आगे बढ़ो, क्योंकि परमेश्वर तुम्हारे साथ है और तुम्हारा मार्ग अंत तक टूटेगा नहीं। यह सीख आत्म-विश्वास की नहीं, परमेश्वर-आश्रित विश्वास की है।