1 इतिहास 28:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तो भी इस्राएल के परमेश्‍वर यहोवा ने मेरे पिता के सारे घराने में से मुझी को चुन लिया, कि इस्राएल का राजा सदा बना रहूँ अर्थात् उसने यहूदा को प्रधान होने के लिये और यहूदा के घराने में से मेरे पिता के घराने को चुन लिया और मेरे पिता के पुत्रों में से वह मुझी को सारे इस्राएल का राजा बनाने के लिये प्रसन्‍न हुआ।

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1 इतिहास 28:4 पद-दर-पद बाइबल टीका

प verse का संदर्भ और संक्षिप्त परिचय

यह पद इतिहास की किताबों में डबल शिखर-प्रकरण में आता है, जब राजा दाऊद अपने पुत्र शलमोन को यह संकल्प देते हैं कि परमेश्वर ने इसे अपनेों घराने में से चुना है कि इस्राएल में राजा बना रहे। संदर्भ 1 इतिहास 28:4 में दाऊद अपने राज्यशक्ति के सिक्के पर विधिवत परवरिश और नीति-निर्देश के साथ अपने पुत्र शलमोन के लिए देवदत्त मातृ-मा से चुन लेने की पुष्टि करते हैं। यह उद्घोषणा यह बताती है कि राजगद्दी केवल मानवीय प्रयास से नहीं, परमेश्वर की चुनी हुई योजना से भी है; यहुदा के घराने में से वह पुत्र चुना गया जिसका उद्देश्य यह था कि इस्राएल का राजा बना रहे।

मुख्य अर्थ

पद में कहा गया है कि परमेश्वर ने दाऊद के घराने में से मुझे चुना ताकि इस्राएल का राजा सदा बना रहे। यहूदा के घराने को प्रधान माना गया है और मेरे पिता के घराने से पुत्र चुनकर राजा बनना दृढ़तापूर्वक divine चयन को दर्शाता है। इसका तात्पर्य यह है कि सत्ता और कर्तव्य दोनों एक ईश्वरीय योजना के अनुसार हैं, न कि सिर्फ मानव नियमों से।

मुख्य विषय

  • ईश्वरीय चयन का सिद्धांत: परमेश्वर की इच्छा से राजा बनना और राज्य-व्यवस्था निर्धारित होना।
  • कुटुम्बीय व्यवस्था की विधिक मान्यता: यहूदा के घराने का प्रमुख स्थान और दाऊद परिवार की धारणीय भूमिका।
  • विश्वास की सुरक्षा: दाऊद का विश्वास कि परमेश्वर ने उनके घराने के साथ वफादारी निभाई है, और यह वचन श्लमोन के लिए मार्गदर्शक बना रहा।

संबद्ध पवित्र पाठ और उनके संभावित जुड़ाव

– 2 समूएल/1 इतिहास में समान विचारधारा के संदर्भ मिलते हैं कि परमेश्वर राजा के चयन में पहल करता है और परिवार-परंपरा को उद्धार-योजना का हिस्सा बनाता है।

– अन्य संदर्भ जो राज-चयन की प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हैं, जैसे कि दाऊद की भविष्यवाणियाँ और परमेश्वर के आशीर्वाद के साथ राजा का कर्तव्य निभाना, किसी भी एकांगी सत्ता-आधिष्ठान से आगे बढ़ कर ईश्वरीय शासन के अनुरूप बनते हैं।

धार्मिक पाठों से प्राप्त तीन प्रमुख प्रमेय

  1. परमेश्वर प्रत्येक पीढ़ी के लिए मार्गनिर्धारण करता है; राजा का चयन उसकी महिमा के अनुसार होता है, न कि मनुष्यों के राजनीतिक फैसलों से।
  2. शासन का उद्देश्य इस्राएल को धर्मी जीवन और परमेश्वर के नियमों के अनुसार चलाने में समर्थ बनना है।
  3. पुत्र-परिवार को देव- blessed role दिया गया है, जिससे राजा-व्यवस्था का स्थायित्व सुनिश्चित हो सके।

क्रॉस-रेफरेंसेस और उनके सार तत्व

– इतिहास में दाऊद-शासन के चयन की पुष्टि; यह दाऊद के परिवार के लिए अत्यंत अहम संकेत है।

– परमेश्वर की सत्ता के अधीन मानव-निर्णय: राजा का चयन एक divine योजना का भाग है, जिसे जनता के लिए भी अनुकरणीय बनता है।

– दाऊद की निष्ठा और परमेश्वर के प्रति निर्भरता के अनुभूति-साक्ष्य: यह पुत्र शलमोन के भविष्य के राज-काम के लिए प्रेरणा बनती है।

व्यावहारिक अनुप्रयोग

हम अपने जीवन में यह शिक्षा पाते हैं कि नेतृत्व और जिम्मेदारी परमेश्वर की योजना से आते हैं। परिवार, समाज और चर्च में जो भी पद सम्भालते हैं, वे परमेश्वर के दायित्व-योग्यता वाले आह्वानों के संदर्भ में सेवा करें। आशा बनी रहे कि परमेश्वर अपने चुने हुए लोगों के माध्यम से इतिहास-योजना को आगे बढ़ाता है, भले ही हमें कठिन समय का सामना क्यों न करना पड़े।

संक्षिप्त समापन

इस पद का संदेश है कि शासन-व्यवस्था ईश्वरीय चयन और दाऊद परिवार की महिमा में बंधी है। यह राजा शलमोन के लिए नहीं केवल एक जन्म-घोषणा है, बल्कि इस्राएल के भविष्य के स्वरूप की दिशा निर्धारित करने वाला divine चयन है।

कथा-रेखा से साक्ष्य

यद्यपि यह पाठ सीधे दाऊद के समय का है, परंतु यह निश्चित करता है कि कर्तव्य और सत्ता परमेश्वर के निर्देशों के अनुसार चलनी चाहिए; और परमेश्वर के चुनाव से शक्ति मिलती है ताकि वह इस्राएल को धर्म और truth के मार्ग पर बनाए रख सके।

नोट: नीचे उद्धृत दो-दो पंक्तियाँ Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke से संकलित संक्षेप शब्दों के exact quotes उपलब्ध हैं, यदि वे उपलब्ध हों, तो इसे शुरू में स्पष्ट रूप से उद्धृत किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 इतिहास 28:4 समानांतर पद और संबंधित वचन

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1 शमूएल 16:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 16:1 (HINIRV) »
यहोवा ने शमूएल से कहा, “मैंने शाऊल को इस्राएल पर राज्य करने के लिये तुच्छ जाना है, तू कब तक उसके विषय विलाप करता रहेगा? अपने सींग में तेल भर कर चल; मैं तुझको बैतलहमवासी यिशै के पास भेजता हूँ, क्योंकि मैंने उसके पुत्रों में से एक को राजा होने के लिये चुना है*।” (लूका 3:31-32)

1 इतिहास 5:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 इतिहास 5:2 (HINIRV) »
यद्यपि यहूदा अपने भाइयों पर प्रबल हो गया, और प्रधान उसके वंश से हुआ परन्तु जेठे का अधिकार यूसुफ का था

1 शमूएल 16:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 16:6 (HINIRV) »
जब वे आए, तब उसने एलीआब पर दृष्टि करके सोचा, “निश्चय यह जो यहोवा के सामने है वही उसका अभिषिक्त होगा।”

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