1 शमूएल 16:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यहोवा ने शमूएल से कहा, “मैंने शाऊल को इस्राएल पर राज्य करने के लिये तुच्छ जाना है, तू कब तक उसके विषय विलाप करता रहेगा? अपने सींग में तेल भर कर चल; मैं तुझको बैतलहमवासी यिशै के पास भेजता हूँ, क्योंकि मैंने उसके पुत्रों में से एक को राजा होने के लिये चुना है*।” (लूका 3:31-32)

पिछला पद
« 1 शमूएल 15:35
अगला पद
1 शमूएल 16:2 »

1 शमूएल 16:1 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 शमूएल 16:1 — पृष्ठभूमि और अर्थ

यह भाग उस समय का दृश्य है जब यहोवा शमूएल से कहते हैं कि शाऊल को राजा बनाने के लिए उनका कार्य अब समाप्त हो गया है। शमूएल विलाप में डूबे रहते हैं, लेकिन परमेश्वर उन्हें उद्धार का मार्ग दिखाते हैं: तेल लगाने के लिए बैतलहमवासी यिशै के पास जाना और वहाँ से राजा चुनना। यह संदर्भ हमें बताता है कि परमेश्वर सत्ता और सत्ता-प्राप्ति के मानदंड कैसे तय करते हैं—पहचान और चयन उसकी इच्छा के अनुरूप होता है, न कि मनुष्य की प्रतिक्रिया और अनुभव के अनुसार।

कौन से तथ्य इस पाठ से निकलते हैं

  • God’s sovereignty: यहोवा बताते हैं कि राज्य करने के लिए सत्ता प्राप्त करना उनका निर्णय है, न कि मनुष्य की योजना के अनुसार।
  • अन्तर्मन की दृष्टि बनाम बाहरी स्वरूप: शमूएल का विचार था कि शाऊल के कारण राजा बने, परन्तु अब यह स्पष्ट है कि परमेश्वर ने दिल की परीक्षा की है, और वह एक नया राजा चुनेगा।
  • आह्वान और कार्य: शमूएल को तेल भर कर जाना है—यानी अनिवार्य रूप से धार्मिक–राजसी कार्य के लिए विनिर्दिष्ट किया गया है, जो नए राजा के आगमन की शुरुआत है।

पवित्र वचन का शब्दार्थ और चित्रण

यहोवा के कहने का अर्थ है—“मैंने शाऊल को इस्राएल पर राज्य करने के लिए तुच्छ जाना है”—यानि शाऊल के राज्य का आरंभ एक मनुष्य की दृष्टि से अभी नहीं, बल्कि देव की कलिता से है। यह पाठ यह भी संकेत देता है कि राजा बनाने की प्रक्रिया अब शमूएल से नहीं, बल्कि ईश्वर की योजना से संचालित होगी। तेल भरना, जो यहाँ उल्लेखित है, एक धार्मिक-राजसी उद्घोषणा है कि नया नेतृत्व परमेश्वर के दिशा-निर्देशों से जुड़ा है।

संवृत्ति-आकृति: साथ ही उद्धृत समान प्रवचनों के संकेत

इस प्रसंग पर आधारित प्रसिद्ध टिप्पणीकारों की दृष्टियाँ समान रूप से बताते हैं कि परमेश्वर मानव परम्पराओं से आगे देखने की capability रखते हैं।

मैथ्यू हेनरी ( Matthew Henry) कहते हैं कि यहोवा यह स्पष्ट कर रहे हैं कि राजा बनना केवल बाहरी शक्तियों पर नहीं, बल्कि दिल के उत्तरदायित्वों पर निर्भर है; राजा बनने की सही तैयारी आत्मविश्वास और धार्मिक आचरण से होती है।

एल्बर्ट बार्न्स (Albert Barnes) उल्लेख करते हैं कि ईश्वर यह दर्शाते हैं कि वह नया नेतृत्व ऐसे समय में और ऐसे व्यक्ति पर भेजेंगे जो भगवान की इच्छा के अनुरूप हो।

एडम क्लार्क (Adam Clarke) जोड़ते हैं कि तेल लगाकर जाना एक दिव्य नियुक्ति का प्रतीक है, जो बताता है कि राजा का अधिकार परमेश्वर के उत्तेजक आह्वानों से आता है, न कि मनुष्यों के चुनाव से।

क्रॉस-रेफरेंस और संक्षिप्त परस्पर-योग

1 शमूएल 9–10: शाऊल की भूमिका और तेल-आह्वान से राजा बनना; यह दिखाता है कि परमेश्वर कौन-सा नेतृत्व चाहता है और कैसे वह चुनता है।

नीतिवचन 16:9: मानव-योजना बनाते समय परमेश्वर की योजना परिभाषित रहती है—मनुष्य के मन में विचार होते हैं परन्तु उसकी राहों का निर्धारक वही है।

यिर्मयाह 29:11: ईश्वर की कृपा और योजनाएं भविष्य के लिए शांति और आशा की हो सकती हैं, जैसे यहाँ यह स्पष्ट है कि नया नेतृत्व ईश्वर की नियति के अनुसार ही होगा।

आज के जीवन में लागू बातें

  • ईश्वर की योजना पर विश्वास रखें: मुश्किल समय में भी परमेश्वर की योजना से पीछे नहीं हटना चाहिए; वह नया नेतृत्व और अच्छी राह प्रस्तुत करेंगे।
  • आंतरिक चरित्र को महत्त्व दें: प्रभु जानते हैं दिल की स्थितियाँ; बाहरी दिखावे पर नहीं, बल्कि निष्ठा और एकरूपता पर ध्यान दें।
  • प्रार्थना और प्रतीक्षा: शमूएल को तेल भरकर जाना था—हम भी ईश्वर की समय-सारिणी में विश्वास रखकर प्रतीक्षा करें और उसके अनुसार कार्य करें।

यही पाठ हमें सिखाता है कि परमेश्वर सत्ता की शुरुआत और परिवर्तन को अपने हाथों से संचालित करते हैं, ताकि उसका काम सत्य और न्याय के ढांचे में आगे बढ़े।

संक्षेप निष्कर्ष

यहोवा शमूएल से कहते हैं कि राजा बनवाने की प्रक्रिया अब उनकी योजना के अनुसार आगे बढ़ेगी। यह दर्शाता है कि ईश्वर देहाती दिखावे से मुक्त होकर दिल की स्थिति देखता है। तेल के माध्यम से नया नेतृत्व प्रतिष्ठित किया जाएगा—यही कहती है कि उद्धार और शासन नया रूप लेते हैं जब परमेश्वर की इच्छा स्पष्ट हो।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 16:1 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 शमूएल 10:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 10:1 (HINIRV) »
तब शमूएल ने एक कुप्पी तेल लेकर उसके सिर पर उण्डेला, और उसे चूमकर कहा, “क्या इसका कारण यह नहीं कि यहोवा ने अपने निज भाग के ऊपर प्रधान होने को तेरा अभिषेक किया है?

1 शमूएल 15:23 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 15:23 (HINIRV) »
देख, बलवा करना और भावी कहनेवालों से पूछना एक ही समान पाप है, और हठ करना मूरतों और गृहदेवताओं की पूजा के तुल्य है। तूने जो यहोवा की बात को तुच्छ जाना, इसलिए उसने तुझे राजा होने के लिये तुच्छ जाना है।”

1 शमूएल 13:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 13:13 (HINIRV) »
शमूएल ने शाऊल से कहा, “तूने मूर्खता का काम किया है*; तूने अपने परमेश्‍वर यहोवा की आज्ञा को नहीं माना; नहीं तो यहोवा तेरा राज्य इस्राएलियों के ऊपर सदा स्थिर रखता।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें