1 शमूएल 16:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब यिशै ने अबीनादाब को बुलाकर शमूएल के सामने भेजा। और उससे कहा, “यहोवा ने इसको भी नहीं चुना।”

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1 शमूएल 16:8 पद-दर-पद बाइबल टीका

सीधे अर्थ का बयान

1 शमूएल 16:8 में यिशै ने अबीनादाब को शमूएल के सामने प्रस्तुत किया, परन्तु यह δήनक किया गया कि यह भी यहोवा ने नहीं चुना।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

शीशू और राजा साओल की असफलताओं के बाद यहोवा ने शमूएल से कहकर दाबी की कि दासों के बंश में से कोई राजा बनाने हेतु ईश्वर ने अपने चयन का मानक नहीं बदला। शमूएल के समय इब्राहीम पुत्रों की कबीलाई धरोहर पर विचार किया जाता रहा; किन्तु यहोवा के निर्णय अलग दिशा में था — वह मनुष्य के बाहरी स्वरूप नहीं, बल्कि दिल की अवस्था पर नियुक्ति करता है। यिशै के पुत्रों में से पहले से ही शमूएल के मन में राजा के लिए आकर्षण बना था, पर यहोवा ने हर एक को अस्वीकार किया और अंततः पवित्र विकल्प को ढूंढना शुरू किया।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • यहोवा का चयन कौन और कैसे करता है: यहोवा ने बाहरी रूप या बाहरी प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि दुभाषी आंतरिक चरित्र को ध्यान में रखा।
  • प्रत्येक प्रस्तुतकर्ता अस्वीकृत हुआ: अबीनादाब भी शमूएल के आगे आकर दिखाता है कि प्रेरित selection मानक केवल जन्मजात स्थिति नहीं, बल्कि परमेश्वर की योजना के अनुरूप होना चाहिए।
  • आत्मिक दृष्टिकोण की आवश्यकता: राजा बनने हेतु परमेश्वर की पथ-निर्देशित पसंद से संकेत मिलता है कि आंतरिकCF: ईश्वर के करीब होना, नम्रता और ईमानदारी प्रमुख है.

मुख्य विचार

  1. ईश्वर के चुनाव की संज्ञा: मनुष्य की पहली धारणा से परे, परमेश्वर अपना चुनाव दिखाते हैं।
  2. आंतरिक गुणों की प्रधानता: बड़े पद के लिए अनुकूल गुणों की खोज जरूरी है, बाहरी शक्ल नहीं।
  3. विश्वास और प्रार्थना की भूमिका: शमूएल के साथ परमेश्वर के निर्देशन के अनुसार ही निर्णय होता है।

अनुवादक उद्धरण (public-domain से कार्यान्वयन के संदर्भ)

यदि उपयुक्त हो, तो नीचे दिए गए प्रचलित टिप्पणीकारों के संक्षिप्त निष्कर्ष से प्रेरणा ली जा सकती है: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke. ये तीनों अपने-अपने टिप्पणियों में परमेश्वर के चयन के नियमों को स्पष्ट करते हैं—परन्तु मूल बात यह है कि बाहरी आकर्षण नहीं, आंतरिक निष्ठा और हृदय की योग्यता ही निर्णायक है।

अन्य संदर्भ और उनके छोटे संबंध

निम्न संदर्भ प्रत्येक विषय में उद्घाटन देता है:

  • यहोवा का चयन मैं कैसे करता हूँ: 1 शमूएल 16:7—“आंखों से न देखना” के समान विचारधारा।
  • ईश्वर की दृष्टि से दिल की गहराई: 1 शमूएल 16:7 के समान धारणा कि मानव मन के विचारों को परमेश्वर पहचानते हैं।
  • राजाओं के बारे में परमेश्वर की योजना: 1 समूएल 13–16 से प्रतीत होता है कि राजा बनना एक प्रक्रिया है जिसमें भगवद् निर्देशन प्रमुख होता है।

संक्षिप्त उपयोगी निष्कर्ष

यह पद स्मरण कराता है कि प्रभु का चयन बाहरी पहचान से नहीं, बल्कि दिल की स्थितियों से होता है। हमने जो इतिहास देखा, वह यथा-स्थिति में भी परमेश्वर की सच्ची राह को पहचानने की आवश्यकता को बताता है—ऐसे व्यक्ति जो नम्रता, सत्यता और निष्ठा रखते हैं, वे ईश्वर के काम के लिए उपयुक्त बनते हैं।

क्रॉस-रेफरेन्स (संक्षेप में explanations)

1) से 2: “यहोवा ने आँखों को नहीं देखा; मनुष्यों के विचार नहीं, बल्कि हृदय की परख”—दिल की दशा ही निर्णायक है।

2) 1 शमूएल 9–10: भिन्न भाइयों के बीच चयन की प्रक्रिया दिखती है, परन्तु परमेश्वर की योजना अंततः एक ही दिशा में अग्रसर होती है।

3) प्रस्थान 16:7 के समान विचारधारा:_inside_ और बाहर के पदार्थ का भेद।

निष्कर्षात्मक लागू कदम

अगर आप किसी प्रभारी पद के लिए सोच रहे हैं, तो परमेश्वर की मार्गदर्शणा पर निर्भर रहें: नम्रतापूर्वक दिल की स्थिति देखिए, बाहरी गुणों से संतुलित आंतरिक विश्लेषण करें, और प्रार्थना से परमेश्वर की योजना समझने का प्रयास करें।

नोट: इस पाठ का उद्देश्य सरल और स्पष्ट व्याख्या है; किसी denomination-आधारित विवाद से बचते हुए, प्रकृति-स्वरूप अर्थ पर केंद्रित है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 16:8 समानांतर पद और संबंधित वचन

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1 शमूएल 17:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 17:13 (HINIRV) »
यिशै के तीन बड़े पुत्र शाऊल के पीछे होकर लड़ने को गए थे; और उसके तीन पुत्रों के नाम जो लड़ने को गए थे, ये थे, अर्थात् ज्येष्ठ का नाम एलीआब, दूसरे का अबीनादाब, और तीसरे का शम्मा था।

1 इतिहास 2:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 इतिहास 2:13 (HINIRV) »
और यिशै से उसका जेठा एलीआब और दूसरा अबीनादाब तीसरा शिमा,

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