1 शमूएल 24:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

जब शाऊल पलिश्तियों का पीछा करके लौटा, तब उसको यह समाचार मिला, कि दाऊद एनगदी के जंगल में है।

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1 शमूएल 24:1 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 शमूएल 24:1 का संदर्भ और उसकी भूमिका

पाश्चात्य और ऐतिहासिक संदर्भ में दाऊद के साथ शाऊल का संघर्ष निरंतर चल रहा है। इस शास्त्र में शाऊल अपने शत्रु दाऊद को खोज रहा है, परन्तु दाऊद जंगल में शान्तिपूर्ण स्थिति में बच निकलता है। इस verse में यह संकेत मिलता है कि शाऊल को दाऊद के जंगल में होने की खबर मिली, जो आगे की घटनाओं के चूषण-प्रवाह को निर्धारित करती है। यह प्रसंग दिखाता है कि परमेश्वर के विकल्प कैसे मानवीय कमजोरी और भय के बीच भी स्थापित रहते हैं।

मुख्य आशय

इस वचन का केंद्र यह है कि दाऊद ने पाताल-नरभक्षी सत्ता का सामना करते हुए भी परमेश्वर की योजनाओं के अनुसार चलना जारी रखा। शाऊल की खबर मिलने से ज्ञात होता है कि जो कुछ भी घट रहा है, वह परमेश्वर के नियंत्रण में है, और दाऊद के प्रति शास्त्रीक दृष्टि से एक नया मोड़ आ रहा है।

दो-तीन प्रमुख विषय

  1. परमेश्वर की देखरेख और नियति: दाऊद के जंगल में होने की सूचना से यह स्पष्ट होता है कि ईश्वर की योजना वे ही बनाते हैं जो उन्हीं की कृपा पर भरोसा रखते हैं।
  2. विश्वास का धैर्य: दाऊद ने भय के बावजूद शत्रु से बचने का मार्ग अपनाया; यह संदेश है कि सच्चा विश्वास कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य नहीं छोड़ता।
  3. न्याय और संयम: दाऊद ने अपने प्रतिद्वंदी शाऊल के साथ व्यवहार में संयम दिखाया, जिससे भविष्य में परमादेश के अनुसार सही निर्णय संभव होता है।

संबद्ध संदर्भ

• आयोगित संदर्भ एक साथ देखने पर यह स्पष्ट हुआ कि: (1) 1 शमूएल 23-24 के क्रम में दाऊद का जंगल जीवन और शाऊल की तलाशी उसे नियंत्रण में रखती है; (2) दाऊद का भागना, फिर भी परमेश्वर की योजना के साथ चलना; (3) आगे आकर शाऊल और दाऊद के बीच कुछ निर्णायक घटनाएं सामने आएंगी।

क्रॉस-रेफरेंसेस:

  • saut के समय प्रभु की रक्षा: यह पाठ लगातार यह दर्शाता है कि परमेश्वर उनके पक्ष में है जो उनकी कृपा पर भरोसा करते हैं। (उद्धरण: Matthew Henry/Albert Barnes/Adam Clarke के समान प्रवचन से प्रेरित सार)
  • धैर्य और संयम की प्रेरणा: भय के बीच भी नैतिक निर्णयों की गरिमा बनाए रखना; यह दाऊद के चरित्र को उजागर करता है।
  • प्रभु की योजना बनाम मानव प्रयत्न: मनुष्यों की योजनाओं के बीच भी ईश्वर की योजना श्रेष्ठ है।

व्यावहारिक विचार

जब हम कठिन परिस्थितियों में फंस जाएँ, तब भी ईश्वर की योजना पर विश्वास बनाए रखें। डर के क्षणों में भी धैर्य, संयम और न्यायप्रिय व्यवहार हमारी सुरक्षा का आधार बनते हैं। दाऊद ने अपने विरोधी के साथ हिंसा से नहीं, पर बुद्धिमत्ता और अनुशासन से आगे बढ़ना चुना; यह आज भी प्रेरणादायक है।

संक्षिप्त समापन

1 शमूएल 24:1 यह दर्शाता है कि शाऊल की खबर मिलते ही दाऊद के लिए नया समय-चक्र खुल रहा है। परमेश्वर की योजना में विश्वास बनाए रखना और सही निर्णय लेते रहना ही जीवन की दिशा देते हैं।

नोट: नीचे दिए गए प्रवासों के संक्षिप्त संदर्भ से संबंधित उद्धरणों में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के स्पष्ट शब्द उपलब्ध हों तो वे केवल संक्षेप उद्धरण रूप में शामिल हैं। पूर्ण विवरण या विस्तृत उद्धरण की जरूरत हो तो पाठ के मूल प्रकाशनों का संदर्भ देखें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 24:1 समानांतर पद और संबंधित वचन

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1 शमूएल 23:28 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 23:28 (HINIRV) »
यह सुन शाऊल दाऊद का पीछा छोड़कर पलिश्तियों का सामना करने को चला; इस कारण उस स्थान का नाम सेलाहम्म-हलकोत पड़ा।

1 शमूएल 23:19 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 23:19 (HINIRV) »
तब जीपी लोग गिबा में शाऊल के पास जाकर कहने लगे, “दाऊद तो हमारे पास होरेश के गढ़ों में, अर्थात् उस हकीला नामक पहाड़ी पर छिपा रहता है, जो यशीमोन के दक्षिण की ओर है।

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नीतिवचन 29:12 (HINIRV) »
जब हाकिम झूठी बात की ओर कान लगाता है, तब उसके सब सेवक दुष्ट हो जाते हैं*।

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