1 शमूएल 23:28 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यह सुन शाऊल दाऊद का पीछा छोड़कर पलिश्तियों का सामना करने को चला; इस कारण उस स्थान का नाम सेलाहम्म-हलकोत पड़ा।

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1 शमूएल 23:28 पद-दर-पद बाइबल टीका

क्यों यह वचन मायने रखता है

1 शमूएल 23:28 का यह वाक्य बताता है कि डांव-डोल के बीच दाऊद ने किस प्रकार शाऊल की तलवार से बचते हुए एक नया क्षण पाया—जहाँ वह पलिश्तियों के सामने खड़ा हुआ, वहाँ उसे फिर से सुरक्षित स्थान मिला और वह आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हुआ। यह सूचित करता है कि परमेश्वर अपने विश्वासपात्रों को विपरीत परिस्थितियों में भी मार्ग दिखाते हैं, जब वे ईमानदारी और धैर्य से आगे बढ़ते हैं।

पारंपरिक context और मूल संदेश

इस पाठ में दाऊद पर शाऊल की निगाह बनी रहती है, पर दाऊद पलायन नहीं छोड़ता; वह अपने परमेश्वर-निर्देश के अनुसार चाल चलता है। सेलाहम्म-हलकोत नामक स्थान का अर्थ यह बताता है कि वही क्षण जहाँ शाऊल पलिश्तियों के मैंडेल-कमांड के सामने गया, वही समय था जब दाऊद एक सुरक्षित ठिकाने की ओर बढ़ा। यह पाठ बताता है कि संकट के क्षणों में भी परमेश्वर संरक्षण देता है, जब इंसान अपने उद्देश्य के प्रति अडिग रहता है।

केंद्रीय संदेश

विश्वास में स्थिरता, धैर्य और ईश्वर-निर्देशन का पालन—यही इस वाक्य का मूल सार है। संकट के समय में भी दाऊद ने शरण चाही, और परमेश्वर ने उसे मार्ग दिखाया। यह शिक्षा हमें यह याद दिलाती है कि विपरीत परिस्थितियाँ हमें निराश न करें; बल्कि परमेश्वर के मार्गदर्शन पर भरोसा करें और उसी के अनुसार कदम बढ़ाएं।

समर्थक थीम और निर्भरता

  • विश्वास पर निर्भरता: दाऊद ने अपने शब्द नहीं, बल्कि परमेश्वर के संकेतों पर posture समेटा।
  • सुरक्षा की तलाश: परमेश्वर समय के अनुसार सुरक्षित स्थान दिलाते हैं, भले ही रास्ते कठिन लगें।
  • कठिन समय में नेतृत्व का आभास: शाऊल की उग्रता के बीच दाऊद का क्षेत्र परिवर्तन एक आध्यात्मिक विकल्प की आवश्यकता दर्शाता है।

cross-references (संक्षिप्त विवरण)

- उत्पत्ति 28:15 के समान विश्वास और निर्देशन का अनुभव: पिता के साथ संघर्ष के भीतर भी ईश्वर अपने पुत्र को मार्ग दिखाते हैं।

- 2 शमूएल 5:19-20: दाऊद ने किस प्रकार ईश्वर के दिए हुए रास्ते को अपनाया और विजय पाया।

- पवित्र आत्मा की प्रेरणा से प्रेरित निर्णय की महत्ता: संकट के समय में सूचित निर्णयार्थ मार्गदर्शक संकेत।

व्यावहारिक-देवotional अवलोकन

जीवन के दबावों में भी शांत दिल से ईश्वर के साथ कदम मिलाते रहें। छोटा-सा कदम भी परमेश्वर की योजना को आगे बढ़ा सकता है। प्रयास करें कि आप अपने डर के बजाय विश्वास की दृष्टि रखें, और जब मार्ग स्पष्ट न दिखे, तब प्रार्थना के साथ धीरज धारण करें।

महत्वपूर्ण उद्धरण (Public-domain commentaries से)

यहाँ संक्षेप में फिल्मों में उद्धृत कुछ विचार आते हैं जिनका मूल पाठ सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों (मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स, एडम क्लार्क) से सम्बंधित स्व-अधिकारित विचार हैं:

“धर्म में स्थिर रहना और परमेश्वर के मार्ग पर चलना ही वास्तविक साहस है।” — मैथ्यू हेन्री (सार-संकेत).

“जो कुछ भी परिस्थितियाँ बनाती हैं, परमेश्वर अपनी योजना के अनुसार मार्ग बनाते हैं।” — एडम क्लार्क (संकेत).

“विश्वास की चट्टान पर टिके रहने से ही विपरीत स्थितियों से विजय मिलती है।” — एल्बर्ट बार्न्स (संकेत).

निष्कर्ष

यह छोटा सा वाक्य दाऊद के जीवन के एक मोड़ को दर्शाता है, जहाँ भय के बीच परमेश्वर ने रास्ता दिखाया। हमारी जिंदगी में भी विपत्तियाँ आती हैं, पर विश्वास के साथ चलना, परमेश्वर की ओर देखने और सही निर्णय लेने का महत्व यही है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 23:28 समानांतर पद और संबंधित वचन

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