1 शमूएल 23:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब दाऊद ने यहोवा से फिर पूछा, और यहोवा ने उसे उत्तर देकर कहा, “कमर बाँधकर कीला को जा; क्योंकि मैं पलिश्तियों को तेरे हाथ में कर दूँगा।”

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1 शमूएल 23:4 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 शमूएल 23:4 — संदर्भ और अर्थ

दाऊद ने विपरीत परिस्थितियों में ईश्वर से बार-बार मार्गदर्शन माँगा। यहोवा ने उसे स्पष्ट किया कि पलिश्ती निर्भय रहे, और दाऊद को युध्द के लिए प्रेरित किया गया। इस पदक में परमेश्वर दाऊद के खेत-खेत में छिपे रहने के बीच भी सहायता का भरोसा दे रहा है; वह कहता है कि पलिश्तियों के विरुद्ध विजय उसी के हाथ में है। यह संदर्भ दिखाता है कि ईश्वर अपने सेवकों को कठिन समय में भी मार्गदर्शन और सुरक्षा देते हैं, जब वे सत्य और कर्तव्य के साथ चलते हैं।

मुख्य विचार

यह पद यह दिखाता है कि भविष्यवाणी और परमेश्वर की योजना के अनुरूप निर्णय लेने के लिए दाऊद ने फिर वही शरण ली जो उसने पहले ली थी—यहोवा से पूछना। ईश्वर की उत्तरदायित्वपूर्ण प्रेरणा से दाऊद को सामना करने के लिए साहस मिलता है। साथ ही, यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए खुली राह बनाते हैं, परन्तु वे मार्ग उसी के आदेश से चुनते हैं।

दो-तीन प्रमुख धर्मार्थ विषय

  • ईश्वर की सहायता पर निर्भरता: दाऊद ने संकट के क्षण में परमेश्वर से मार्गदर्शन माँगा और उस अनुमति के अनुसार चल पड़ा।
  • आशीषित साहस: ईश्वर का कहना है कि पलिश्ती दूर रहेंगे, क्योंकि वह दाऊद के साथ हैं और उसकी रक्षा करना चाहते हैं।
  • युद्ध-योजना में निष्पक्षता: दाऊद को यह निर्देश मिलता है कि जो अवसर आता है, उसे भली-भांति उपयोग करें, लेकिन परमेश्वर के उद्देश्य को बुलंद रखें।

संदर्भित संदर्भ

– 1 शमूएल 21–22: दाऊद की पथ-भ्रमण और ईश्वरीय मार्गदर्शन के क्रम की पृष्ठभूमि।

– भजन 18:31–36: परमेश्वर की सुरक्षा और मार्गदर्शन का विश्वास कि वह हमारे कदम को स्थिर करते हैं।

– व्यवस्थावली 20:16–17 (यहोवा की सहायता से युद्ध): सत्य के साथ आगे बढ़ना और परमेश्वर के निर्देशों के अनुरूप योजनाएं बनाना।

व्यावहारिक विचार

जब भी जीवन के संकट गहराते दिखें, तो हमारे लिए पहला कदम चाहिए—यहोवा से मार्गदर्शन माँगना। फिर उसी निर्देश के अनुसार योजना बनाएं और उसी साहस के साथ आगे बढ़ें। भरोसा रखें कि ईश्वर अपने चेलों के साथ हैं और प्रकार-भिन्न चुनौतियों में भी उनकी रक्षा करते हैं।

संक्षिप्त निष्कर्ष

1 शमूएल 23:4 में दाऊद का बार-बार ईश्वर से परामर्श लेना और ईश्वर का स्पष्ट उत्तर मिलना यह दर्शाता है कि प्रभु अपने लोगों के लिए मार्गदर्शक हैं। यह उद्धार-यात्रा में विश्वास, प्रतिबद्धता और ईश्वर-आधारित निर्णय की महत्ता को रेखांकित करता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 23:4 समानांतर पद और संबंधित वचन

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तब यहोवा ने गिदोन से कहा, “इन तीन सौ चपड़-चपड़ करके पीनेवालों के द्वारा मैं तुम को छुड़ाऊँगा, और मिद्यानियों को तेरे हाथ में कर दूँगा; और अन्य लोग अपने-अपने स्थान को लौट जाए।”

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तब तुम घात में से उठकर नगर को अपना कर लेना; क्योंकि तुम्हारा परमेश्‍वर यहोवा उसको तुम्हारे हाथ में कर देगा।

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फिर गिदोन ने परमेश्‍वर से कहा, “यदि मैं एक बार फिर कहूँ, तो तेरा क्रोध मुझ पर न भड़के; मैं इस ऊन से एक बार और भी तेरी परीक्षा करूँ, अर्थात् केवल ऊन ही सूखी रहे, और सारी भूमि पर ओस पड़े”

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