Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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1 शमूएल 23:1 1 शमूएल 23:2 1 शमूएल 23:3 1 शमूएल 23:4 1 शमूएल 23:5 1 शमूएल 23:6 1 शमूएल 23:7 1 शमूएल 23:8 1 शमूएल 23:9 1 शमूएल 23:10 1 शमूएल 23:11 1 शमूएल 23:12 1 शमूएल 23:13 1 शमूएल 23:14 1 शमूएल 23:15 1 शमूएल 23:16 1 शमूएल 23:17 1 शमूएल 23:18 1 शमूएल 23:19 1 शमूएल 23:20 1 शमूएल 23:21 1 शमूएल 23:22 1 शमूएल 23:23 1 शमूएल 23:24 1 शमूएल 23:25 1 शमूएल 23:26 1 शमूएल 23:27 1 शमूएल 23:28 1 शमूएल 23:29



शब्दार्थ द्वारा मुख्य अर्थ
1 शमूएल 23:14 बताता है कि दाऊद अपने सुरक्षा-गृह जंगलों और पहाड़ी देश के गढ़ों में छिप कर रहा था, जबकि शाऊल उसे सदा खोजता रहा; पर परमेश्वर ने उसे अपने हाथ में न पड़ने दिया। यह वाक्य दाऊद की असुरक्षा के समय की सुरक्षा का संकेत है—युद्ध के बीच में भी परमेश्वर की कृपा से दाऊद को नुकसान नहीं पहुँचा।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह समय दाऊद के लिए न केवल युद्ध-स्थिति है, बल्कि उसकी आस्था की परीक्षा भी है। शाऊल उसका पीछा कर रहा है क्योंकि वह दाऊद को राष्ट्र के राजा के पद के संभावित अशांत नेता के रूप में देख रहा है, जबकि दाऊद का मन परमेश्वर के उद्देश्य के अनुसार चलता है। ईश्वर ने दाऊद को न बचाने के बजाय सुरक्षा दी—उन्हीं जंगलों में, पहाड़ों के घने गढ़ों में, ताकि शत्रु उसे पकड़ न सके।
व्याख्यात्मक संकेत
मुख्य विचारों का संक्षेप
संबंधित पदों के साथ संक्षिप्त अनुप्रेषण
भरोसा और सुरक्षा: याहवे “तुम्हें रक्षा देगा” के विश्वास वाले प्रसंगों से संबंध बनते हैं; दाऊद जंगलों में रहा, पर परमेश्वर ने उसे संरक्षण दिया—जो हमारी कठिनाइयों में भी ईश्वर की सुरक्षा की प्रतीक-छवि है।
धैर्य और प्रतीक्षा: दाऊद ने समय लेते हुए शाऊल के इरादों को तिरछा नहीं किया, बल्कि परमेश्वर के नियंत्रित समय पर भरोसा किया।
ईश्वर की मार्गदर्शिका: इस अवधि में दाऊद के लिए मार्गदर्शन और सुरक्षा की आपूर्ति प्रकाशित होती है—यह हमें यह सिखाती है कि परमेश्वर अपने कर्मों में स्पष्ट मार्ग दिखाता है, भले ही परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों।
सीधी उद्धरण (पांडुलिपिक्न) और तुलनात्मक टिप्पणी
सूत्रधार के समर्पण के साथ, प्रसिद्ध पुराने टिप्पणीकारों की पंक्तियाँ इस प्रकार देखी जा सकती हैं:
Matthew Henry से संक्षेप: “God’s providence keeps his servants safe in the midst of danger.”
Albert Barnes से संक्षेप: “David’s hiding is not a sign of weakness, but a testimony of God’s protection in a perilous path.”
Adam Clarke से संक्षेप: “In every hidden retreat, the keeping power of God is felt, guarding the carrier of God’s promise.”
क्रॉस-रेफरेंसमुक्त विचार
1) 1 शमूएल 22-24: दाऊद के बचाव के प्राकृतिक उदाहरण—कठिन समय में परमेश्वर की रक्षा का अनुभव।
2) भजन 27:1-5: उजाला और सुरक्षा का विश्वास—शत्रु पास रहते भी, परमेश्वर की रोशनी में शान्ति।
3) निर्गमन 14:14: “यहोवा लड़ेगा; तुम चुप रहो”—परमेश्वर की क्रिया विश्वासयोग्य साथी है, हमें धैर्य सिखाती है।
व्यावहारिक takeaway
कठिन समय में भय के बजाय विश्वास रखें, क्योंकि परमेश्वर अपने भविष्य के उद्देश्य के अनुरूप आपकी रक्षा कर सकता है। शांत रहते हुए, ईश्वर के समय और मार्ग पर भरोसा करें; अन्यथा किसी भी क्षण में भी आपकी रक्षा हो सकती है, जब आप उसकी योजना में चलते हैं।