1 शमूएल 24:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

प्राचीनों के नीतिवचन के अनुसार 'दुष्टता दुष्टों से होती है;' परन्तु मेरा हाथ तुझ पर न उठेगा।

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1 शमूएल 24:13 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 शमूएल 24:13 पर टिप्पणी

पद वह कहता है कि "प्राचीनों के नीतिवचन के अनुसार दुष्टता दुष्टों से होती है; परन्तु मेरा हाथ तुझ पर न उठेगा।" यह संदर्भ उस समय की स्थिति को दर्शाता है जब דוד ने शाऊल के गीतों से बचने के क्रम में जंगल में शरण ली और शाऊल उसे मार्ग पर निशाना बनाते रहे। इस घटना में דוד यह स्पष्ट करता है कि उसे शौर्य और प्रतिशोध से नहीं, बल्कि न्याय और संयम से उत्तर देना चाहिए।

मूल संदेश

यह पद दो प्रभावशाली विचारों को संयोजित करता है: न्याय के नियमों की पवित्रता और Gud के हाथों के नियंत्रण में रहने की सुरक्षा। पूर्वकथित “दुष्टता दुष्टों से होती है” एक नैतिक कानून की स्मृति कराता है—जो व्यक्ति दूसरों के साथ अन्याय करता है, उसका परिणाम उसे ही भुगतना चाहिए। परन्तु तब भी शील और दयालुता से उत्तर देने की तल्खी रहती है: मेरा हाथ तुझ पर न उठेगा।

मुख्य केंद्रीय विषय

  • निःस्वार्थ प्रतिशोध बनाम ईश्वरीय न्याय: דוד का दृढ़ निर्णय कि वह खुद प्रतिशोध नहीं लेगा; परमेश्वर ही न्याय करेगा।
  • आचरण में संयम: खतरे के समय भी शांति बनाए रखना और दुष्टों के साथ उसी के अनुसार व्यवहार करना जो सही है।
  • विश्वासपूर्ण सुरक्षा: प्रभु की सुरक्षा पर निर्भर रहने का आध्यात्मिक अभ्यास, चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी प्रतिकूल क्यों न हों।

संरेखित पाठ्य संदर्भ

– प्रायः ऐसे अवसरों पर पुराने नियम के नैतिक सिद्धांतों से प्रेरणा मिलती है कि “दुष्ट दुष्ट से ही निपटे जाते हैं” (व्यवस्था-नाटक के संदर्भ); – अन्यत्र भी दाऊद ने अपने जीवन में ईश्वर के न्याय पर भरोसा रखा है (1 शमूएल 26, 2 शमूएल 22) ताकि प्रत्यक्ष हिंसा के बजाय परमेश्वर के निर्णय पर निर्भर रहे।

व्यावहारिक चिंतन

1) आपातकालीन परिस्थितियों में प्रतिशोध से बेहतर है प्रभु पर निर्भर रहना और सत्य के मार्ग पर चलना। 2) खतरे के समय इतिहास की गलत प्रवृत्तियों के विरुद्ध संयम रखना, ताकि ईश्वरीय सम्मान बना रहे। 3) अपने लिए एक सत्यापित नियम बनाएं: अन्याय के सामने भी न्याय की भाषा और प्रेम का व्यवहार।

छोटे cross-reference (संक्षिप्त सार)

– भुजाओं के बदले में शांत बना रहना: अन्य संदर्भों में भी ऐसे अवसर मिलते हैं जहाँ ईश्वर के न्याय की प्रतीक्षा करने की शिक्षा मिलती है। – परमेश्वर के निर्देश के अनुसार दयालुता और क्रोध के बीच संतुलन बनाए रखना सीखना।

संक्षिप्त सार

इस Verse में ईश्वर की सुरक्षा और न्याय की गारंटी स्पष्ट है: दुष्टता का उत्तर दुष्ट से लेना वैध नहीं, बल्कि अपने आप को परमेश्वर की योजना और तरीके पर छोड़ना। ऐसे समय में विश्वासी व्यक्ति संयम और दयालुता के साथ चलते हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि ईश्वर अंततः न्याय करेगा।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 24:13 समानांतर पद और संबंधित वचन

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अतः उनके फलों से तुम उन्हें पहचान लोगे।

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उनके फलों से तुम उन्हें पहचान लोगे। क्या लोग झाड़ियों से अंगूर, या ऊँटकटारों से अंजीर तोड़ते हैं?

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“यदि पेड़ को अच्छा कहो, तो उसके फल को भी अच्छा कहो, या पेड़ को निकम्मा कहो, तो उसके फल को भी निकम्मा कहो; क्योंकि पेड़ फल ही से पहचाना जाता है।

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