1 शमूएल 24:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब शाऊल समस्त इस्राएलियों में से तीन हजार को छाँटकर दाऊद और उसके जनों को 'जंगली बकरों की चट्टानों' पर खोजने गया।

पिछला पद
« 1 शमूएल 24:1
अगला पद
1 शमूएल 24:3 »

1 शमूएल 24:2 पद-दर-पद बाइबल टीका

संकल्प: दाऊद के जीवन में शाऊल की खोज को देखते हुए भरोसे को परखना

1 शमूएल 24:2 का मुख्य बिंदु यह है कि शाऊल ने दाऊद को पकड़ने के लिए इस्राएल के तीन हजार सैनिकों को भेजा, ताकि वह "जंगली बकरों की चट्टानों" पर घुमते हुए उसे ढूंढ़ सके। यह आशय दर्शाता है कि शाऊल की निश्चयता और डर के बीच दाऊद के प्रति उसकी नफरत कितनी गहरी है, और कैसे दाऊद एक बार फिर भी सुरक्षित रहते हुए परमेश्वर की योजना में अपने स्थान को प्रतीकात्मक रूप से अनुभव करता है।

कहानी का साहित्यिक संदर्भ

यह पंक्ति पूर्व की घटनाओं से जुड़ी है, जब दाऊद ने अपने जीवन की रक्षा के लिए गलीलियों के गुप्त स्थानों में शरण ली थी और शाऊल के हाथों को उसकी तलाश के लिए उठते देखा गया था। लेखन इस बात को उभारता है कि दाऊद के पीछे छोड़ना नहीं, बल्कि ईश्वर की देखरेख और उसकी समय-सारिणी में विश्वास रखना चाहिए।

धर्मशास्त्रीय महत्व

– सुरक्षा की तलाश में भी शत्रु की दृष्टि से बचना, और परमेश्वर की योजना के अनुसार भविष्य की आशा बनाए रखना।

– भय के साथ सत्ता-चाहना की विपत्तिपूर्ण चाल स्पष्ट होती है; दाऊद इसे ईश्वर के हाथों में छोड़कर आगे बढ़ता है।

पवित्रशास्त्र के कथन से जुड़े विचार

यह अध्याय दाऊद की गवाही और नम्रता की मिसाल देता है। कठिनाई के समय भी उसका आध्यात्मिक धैर्य दिखता है—यानी परमेश्वर की रक्षा में विश्वास बनाकर चलना, न कि शत्रु के द्वारा डरकर भागना।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त उल्लेख और संक्षेप इनका संबंध)

  • प्रत्यक्ष सुरक्षा के लिए ईश्वर का संरक्षण: शाऊल की खोज के समय दाऊद कैसे सुरक्षित रहता है? यह विश्वास-स्तर पर गवाही देता है कि परमेश्वर कृपा से चलने वालों को सुरक्षा देता है।
  • कृतज्ञता और नम्रता: दाऊद का उत्तर-स्वरूप नम्रता और ईश्वर के निर्देशों के प्रति आस्था मजबूत होती है।
  • परिवर्तनीय सत्ता के विरुद्ध परमेश्वर की योजना: मानव हठ के बावजूद परमेश्वर अपनी योजना को जारी रखता है और विश्वासयोग्य पात्रों को मार्ग दिखाता है।

प्रत्येक संदर्भ यह दर्शाते हैं कि दाऊद के साहस के भीतर भी एक गहरी ईश्वर-निष्ठा है, जो उसे अड़चनों के बीच स्थिर रखती है।

चिंतन के लिए प्रश्न

  • क्या आप भी ऐसे समय में हैं जब आप भय या चिंता के बावजूद ईश्वर की योजना पर टिके रहते हैं?
  • क्या आप शत्रुओं के प्रत्यक्ष खतरे में भी दया, नैतिकता और धैर्य दिखाते हैं?

संक्षिप्त निष्कर्ष

1 शमूएल 24:2 हमें दिखाता है कि दाऊद अभी भी मानवीय डर और खतरे के बीच है, पर उसकी आस्था न टूटकर बनी रहती है। शाऊल की खोज कहती है कि सत्ता की खोज कितनी भी मजबूत क्यों न हो, परमेश्वर की योजना से ऊपर कुछ नहीं। दाऊद के जीवन से प्रेरणा मिलती है—संकट में भी प्रभु की सुरक्षा और मार्गदर्शन पर भरोसा बनाए रखें।

पानी-पानी उद्धरण (मानक टिप्पणी-उद्धरण के लिए)

Matthew Henry के सामान्य नैतिक विवेचनों से प्रेरित रूप में समानुसार उल्लेखित बातें: दाऊद के उद्धार के लिए ईश्वर की ताकत पर भरोसा और शांति का मार्ग अपनाना।

टिप्पणी भावना: यह अध्याय किसी विशेष उद्धरण की प्रत्यक्ष टेक्स्टिमयता नहीं देता, पर Henry, Barnes, Clarke आदि के विचारों से प्रेरित संक्षेप को समाहित किया गया है।

सीधे उद्धरणों के बारे में स्पष्ट note

यदि किसी उपलब्ध सार्वजनिक-domain टिप्पणीकार के भीतर 2-3 पंक्तियों के स्पष्ट उद्धरण मिलें, वे नीचे की पंक्ति-सीमा में ही सम्मिलित होंगे; अन्यथा केवल संक्षेप विचार दिए गए हैं ताकि मुख्य संदेश स्पष्ट रहे।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 24:2 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 शमूएल 26:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 26:2 (HINIRV) »
तब शाऊल उठकर इस्राएल के तीन हजार छाँटे हुए योद्धा संग लिए हुए गया कि दाऊद को जीप के जंगल में खोजे।

1 शमूएल 13:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 13:2 (HINIRV) »
फिर शाऊल ने इस्राएलियों में से तीन हजार पुरुषों को अपने लिये चुन लिया; और उनमें से दो हजार शाऊल के साथ मिकमाश में और बेतेल के पहाड़ पर रहे, और एक हजार योनातान के साथ बिन्यामीन के गिबा में रहे; और दूसरे सब लोगों को उसने अपने-अपने डेरे में जाने को विदा किया।

भजन संहिता 37:32 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 37:32 (HINIRV) »
दुष्ट धर्मी की ताक में रहता है। और उसके मार डालने का यत्न करता है।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें