1 शमूएल 24:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

फिर उसने दाऊद से कहा, “तू मुझसे अधिक धर्मी है; तूने तो मेरे साथ भलाई की है, परन्तु मैंने तेरे साथ बुराई की।

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1 शमूएल 24:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

परिसर और विषय-वस्तु: 1 शमूएल 24:17

यह घटित क्षण वह है जब दाऊद ने अपने शत्रु से नहीं, बल्कि स्वयं एक परमेश्वर-जनित कटु प्रसंग के बीच भी दया और नम्रता दिखाई। साधन-सीमा के भीतर रहते हुए उसने शावले, जो तब भी परमेश्वर-समर्थन के प्रसारक थे, के साथ एक स्मरणीय संकेत दिया कि अपराध और अन्याय के बावजूद दया और न्याय का संतुलन बना रह सकता है।

कथन का कुंजी अर्थ: दया और सत्य का संयुक्त ध्वनि

कहानी में दाऊद ने स्पष्ट किया कि उसने अपने शत्रु के साथ भलाई की; और उसने सत्य कहा कि शावले ने उसके साथ बुराई की। यह ईमानदारी और नम्रता की मिसाल है—अपने दुश्मनों के प्रति भी करुणा और सम्मान दर्शाने की। तस्वीर यह कि परमेश्वर की व्यवस्था में सत्ता के साथ पवित्रता की रक्षा करना सहज नहीं, परन्तु आवश्यक है; दया की भाषा से वह भी सत्य की रक्षा करता है।

लोक्प्रेरण और पवित्र शब्दावली

- धर्मी और बुराई की प्रस्तुति: यहाँ “धर्मी” का संदर्भ दाऊद की आस्थागत चौकसी और संयम से है, न कि mere बल से।

- भलाई बनाम बुराई: भलाई और बुराई का यह विरोध दिखाता है कि परमेश्वर के कर्मों में न्याय और करुणा का संगम संभव है।

संबद्ध पाठ (संदर्भित विचार)

1) 1 शमूएल 24:6–7 – दाऊद ने कहा कि वह शावल के हाथ से उसे मारना नहीं चाहता, क्योंकि प्रभु ने उसे चुना है। यह बताता है कि दाऊद का विकल्प शक्ति से नहीं, आस्था से संचालित था; दया की नीति विश्वास पर आधारित है।

2) रोम 12:14, 21 – "जो तुम्हें चैन दे, उसके प्रति आशीष दो" और "अच्छे से बुरे को जीतना" जैसी धारणा व्यवहार में दया को समाहित करती है।

3) मत्ती 5:9 – परमात्मा के शांति-वीरों के लिए आशीर्वाद—धर्मी जीवन का लक्ष्य शांति और सम्मान है।

आज के जीवन में अनुप्रयोग

  • कठिन संवादों में भी दया बनाए रखना सीखिए: जब आप संवाद करते हैं या संघर्ष होता है, तो शक्ति का नहीं, करुणा का चयन करें।
  • न्याय के साथ करुणा का संतुलन रखें: गलत के विरुद्ध भी सम्मानजनक और सत्यनिष्ठ रहना है; प्रतिक्रिया में उग्रता की जगह नियंत्रण और संयम रखें।
  • स्व-आलोचना और माफी का अभ्यास: दूसरों की गलतियों के सामने भी अपनी गलतियों को स्वीकारना और माफी माँगना परमेश्वर की कृपा के अनुरूप है।

यथार्थ cross-reference सार

– शांति के लिए आशीर्वचन: जब आप कठिन परिस्थितियों में दया दिखाते हैं, यह आपके आचरण के साथ परमेश्वर की योजना को भी समर्थ बनाता है।

– न्याय-करुणा का संतुलन: क्रोध के स्थान पर दया का चयन करना सामाजिक और संबंधी जीवन में संतुलन बनाता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 24:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

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