Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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1 शमूएल 16:1 1 शमूएल 16:2 1 शमूएल 16:3 1 शमूएल 16:4 1 शमूएल 16:5 1 शमूएल 16:6 1 शमूएल 16:7 1 शमूएल 16:8 1 शमूएल 16:9 1 शमूएल 16:10 1 शमूएल 16:11 1 शमूएल 16:12 1 शमूएल 16:13 1 शमूएल 16:14 1 शमूएल 16:15 1 शमूएल 16:16 1 शमूएल 16:17 1 शमूएल 16:18 1 शमूएल 16:19 1 शमूएल 16:20 1 शमूएल 16:21 1 शमूएल 16:22 1 शमूएल 16:23



यशायों के उद्धारक के लिए पहली पहचान: दाऊद को शाऊल के पास भेजने की निहित योजना
सीधे शब्दों में.meaning: यह verse बताता है कि शाऊल ने यिशै के पास दाऊद को भेजने के लिए दूत भेजे ताकि वह उनके बीच से चुनकर राजा के पास आ जाए, जिससे भविष्य में दाऊद राजा बन सके।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
1 शमूएल अध्याय 16 का प्रमुख घटनाक्रम यह है कि प्रभु ने समूद्र के समय शाऊल के राजत्व की प्राथमिक असफलताओं के बीच नए राजा के चयन की प्रक्रिया शुरू की। प्रभु ने शाऊल के मन को संशोधन में रखा, किन्तु अब वह एक नया नेतृत्व बनावट चाहते हैं—यिशै के पुत्रों के बीच से जिसे परमेश्वर देखेगा और जो मनुष्य की दृष्टि से नहीं, वरन् परमेश्वर की दृष्टि से योग्य माना जाएगा। दाऊद, जो अभी खेतों में भेड़-बकरियों की देखभाल करता है, उसे गोपनीय तौर पर नहीं, बल्कि सार्वजनिक रूप से राजा के पास लाने की योजना के द्वारा भावी भविष्य का संकेत मिलता है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
- दाऊद एक साधारण परिवार से है, जो डेयरी या कृषि से सीधे जुड़ा नहीं, बल्कि ईश्वर की दृष्टि में राजा बनने के योग्य ठहराया गया। यह घटनाक्रम यह दिखाता है कि परमेश्वर बाहरी आडम्बर नहीं, बल्कि आंतरिक हृदय की स्थिति को देखता है।
- दाऊद को लाने के लिए दूतों की व्यवस्था, और यिशै को अवगत कराकर शाऊल के पास भेजना यह दर्शाता है कि पहली धारणाओं के विपरीत, परमेश्वर के चुनाव में पारिवारिक और सामाजिक स्तर से ऊपर एक अद्भुत योजना होती है।
महत्वपूर्ण निष्कर्ष (सूचनात्मक बिंदु)
क्रॉस-रेफरेंसेस (संदर्भित निष्कर्ष संक्षेप)
• 1 समुएल 16:7: परमेश्वर मानव पर नहीं, बल्कि हृदय पर दृष्टि करता है; शाऊल की योजना के विपरीत दाऊद की आंतरिक गुणशीलता पर नज़र।
• केश-संस्थापन के साथ परमेश्वर के चयन की नीति: यह दिखाता है कि ईश्वर बड़े नामों के बजाय छोटे और नम्र पात्रों का चुनाव करते हैं।
• भविष्य की राजा की भूमिका के लिए दाऊद का आह्वान, हमारे लिए यह संकेत बनता है कि परमेश्वर जोड़-तोड़ नहीं, बल्कि विश्वास और समर्पण देखता है।
विषय-वस्तु का छोटा समुच्चय
सरल व्यावहारिक takeaway
हमारे जीवन में यह याद दिलाता है कि परमेश्वर हमारे बाहरी आवरण नहीं, बल्कि हृदय की सच्चाई देखता है। यदि हम निष्ठा और विनम्रता के साथ ईश्वर के कार्यों के लिए तैयार रहते हैं, तो वह हमें अपने उद्देश्य के अनुसार मार्गदर्शित कर सकता है।
ध्यान दें: यदि आप उद्धृत भागों को Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से सीधे उद्धरण देखना चाहें, तो नीचे के संकेत प्रासंगिक हैं—परन्तु यहाँ संक्षिप्त और मूल व्याख्या को प्राथमिक रखा गया है।
उद्धरण संकेत: मैथ्यू हेनरी (Matthew Henry), अर्बन Barnes, एडम क्लार्क के समान विचारों के संकेतन के रूप में उपयोग किए जा सकते हैं, परन्तु इस पंक्ति में विशेष रूप से उनका पूर्ण उद्धरण नहीं दिया गया है।