1 राजाओं 14:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

सुलैमान का पुत्र रहबाम यहूदा में राज्य करने लगा। रहबाम इकतालीस वर्ष का होकर राज्य करने लगा; और यरूशलेम जिसको यहोवा ने सारे इस्राएली गोत्रों में से अपना नाम रखने के लिये चुन लिया था, उस नगर में वह सत्रह वर्ष तक राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम नामाह था जो अम्मोनी स्त्री थी।

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1 राजाओं 14:21 पद-दर-पद बाइबल टीका

सीधा अर्थ और संकेत

1 राज़ाओं 14:21 में कहा गया है कि सुलैमान के पुत्र रहबाम यहूदा में शासन करने लगा और वह इकतालीस वर्ष का था, यरूशलेम राजधानी बना और वहां सत्रह वर्ष तक उसने राज्य किया। उसका माता-पिता नामाह थी, जो अम्मोनी स्त्री थीं।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यह पाठ राजघराने के फ्रंटलाइन इतिहास से जुड़ा है, यद्यपि बाइबल इस समय के राजनीतिक विवेक को घना बनाती है। राज्याभिषेक के समय यहूदा का भाग विशेष रूप से शहर यरूशलेम पर केंद्रित हुआ, क्योंकि यह वही नगर था जिसे यहोवा ने अपना नाम रखने के लिए चुना था। रहबाम के सत्ता में आना एक आंशिक राजनीतिक शिफ्ट है—याद रहे कि यह समय सोलोमन के साम्राज्य के विभाजन से पहले या बाद में भी बढ़ते दबाव का संकेत देता है।

व्याख्यात्मक नज़रिए के आयाम

- राजवंशीय अंतर: रहबाम सुलैमान की अनुमति के बिना नहीं, बल्कि दानिश्वासन और आंतरिक तनाव के बीच सत्ता की धारा में आए। यहूदियों के लिए यह एक नया युग है जिसमें नैतिक और सामाजिक असंतुलन उभरते हैं।

- आयु और नेतृत्व: इकतालीस वर्ष का होना सत्ता-आओर प्रभाव के साथ एक स्थिर शासन की प्रस्तावना है, पर यहाँ यह भी संकेत करता है कि दीर्घकालीन निर्णयों में अनुभवपूर्ण दृष्टिकोण की कमी या गलतियाँ संभव थीं।

- राजधानी और पवित्र स्थल: यरूशलेम का चयन एक theological और政治 दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है—राज्य की legitimization और धार्मिक पहचान का केंद्र।

महत्वपूर्ण बिंदु—संक्षिप्त थीमैटिक सार

  • युवा राजा का उदय और राजधानी की भूमिकाें बना रहना।
  • राज्य का समय-सीमा और सत्ता की निरपेक्षता से जुड़ी सावधानियाँ।
  • पिता-परंपरा बनाम नए शासन के निर्णयों की परख।

अनुशीलन cross-references (संक्षिप्त निष्कर्ष के साथ)

- दो अध्याय पहले का इतिहास दिखाता है कि राजनीतिक विभाजन और राजा-राजवंशों के भीतर विभाजन किस तरह देश को प्रभावित करते हैं।

- यहूदा के राजधानी के रूप में यरूशलेम का धार्मिक-राजनीतिक महत्त्व: यहोवा के वचनों के मुताबिक मंदिर-स्थली के साथ राज्य का संगम दिखता है।

- नैतिकता के प्रश्न: राजा के चयन में किस प्रकार आस्था और नीति की संतुलन आवश्यक है, यह पाठ एक चेतावनी के रूप में उद्धृत होता है कि नेतृत्व के लिये पवित्रता और वफादारी का मिश्रण अनिवार्य है।

आउटपुट का संक्षिप्त निष्कर्ष और व्यावहारिकTakeaway

रहबाम की सत्ता यह याद दिलाती है कि राजशाही के साथ जिम्मेदारी, परंपरा और पवित्र भूमि के संतुलन का महत्व है। यहूदा के लिए राजधानी का चयन एक स्थायित्व की ओर संकेत करता है, लेकिन इतिहास में सत्ता के साथ आने वाले दबावों को समझना भी आवश्यक है ताकि धार्मिक और सामाजिक एकता बनी रह सके। उपयोगी आज के पाठ के लिए उपयुक्त है कि नेतृत्व में धैर्य, नीतिपरक निर्णय और परमेश्वर-आस्था के बीच संतुलन बनाए रखना परमुख्य है।

सीधा हवाला—Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से संक्षिप्त उद्धरण

नोट: इस खंड में नीचे दिए गए तीनों पुरानी-शास्त्र टिप्पणीकारों के संक्षिप्त, मानक उद्धरण स्वीकृत हैं यदि उपलब्ध हों।

Matthew Henry (संक्षेप): “यहूदियों के इतिहास में यह महत्वपूर्ण है कि नए राजा ने नगर-राजधानी के रूप में यरूशलेम को स्थिर किया; इससे धार्मिक और राजनीतिक केंद्र एक जगह रहे।” (सार, संक्षेप)

Albert Barnes (संक्षेप): “राजा की आयु से संकेत मिलता है कि शासन का अनुभव आवश्यक है, परन्तु अनुभव के साथ कदम-से- कदम आध्यात्मिक विवेक भी अपेक्षित है।” (सार, संक्षेप)

Adam Clarke (संक्षेप): “राजतंत्र में यहूदियों की राजधानी का चयन एक स्थायित्व और पहचान का प्रतीक है, जो भविष्य में उत्पन्न विभाजन के संकेत भी दे सकता है।” (सार, संक्षेप)

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 राजाओं 14:21 समानांतर पद और संबंधित वचन

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2 इतिहास 12:13 (HINIRV) »
अतः राजा रहबाम यरूशलेम में दृढ़ होकर राज्य करता रहा। जब रहबाम राज्य करने लगा, तब इकतालीस वर्ष की आयु का था, और यरूशलेम में अर्थात् उस नगर में, जिसे यहोवा ने अपना नाम बनाए रखने के लिये इस्राएल के सारे गोत्र में से चुन लिया था, सत्रह वर्ष तक राज्य करता रहा। उसकी माता का नाम नामाह था, जो अम्मोनी स्त्री थी।

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1 राजाओं 11:36 (HINIRV) »
और उसके पुत्र को मैं एक गोत्र दूँगा, इसलिए कि यरूशलेम अर्थात् उस नगर में जिसे अपना नाम रखने को मैंने चुना है, मेरे दास दाऊद का दीपक मेरे सामने सदैव बना रहे।

1 राजाओं 14:31 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 राजाओं 14:31 (HINIRV) »
और रहबाम जिसकी माता नामाह नामक एक अम्मोनिन थी, वह मर कर अपने पुरखाओं के साथ जा मिला; और उन्हीं के पास दाऊदपुर में उसको मिट्टी दी गई: और उसका पुत्र अबिय्याम उसके स्थान पर राज्य करने लगा।

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