2 इतिहास 29:35 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

फिर होमबलि पशु बहुत थे, और मेलबलि पशुओं की चर्बी भी बहुत थी, और एक-एक होमबलि के साथ अर्घ भी देना पड़ा। यों यहोवा के भवन में की उपासना ठीक की गई।

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2 इतिहास 29:35 पद-दर-पद बाइबल टीका

अर्थ का सीधा सार

2 इतिहास 29:35 में कहा गया है कि याजक-सेना की धार्मिक क्रिया में पशु और चर्बी काफी थे, और हर होमबलि के साथ अर्घ देना होता था। इसका उद्देश्य यह था कि यहूदा के राजा हेज़किया के अंतर्गत मंदिर की उपासना फिर से ठीक-ठाक रूप से संचालित हो सके।

प्रसंगिक पृष्ठभूमि

हेज़किया ने लौटकर यरूशलेम के भवन-उपासना को पुनः व्यवस्थित किया। मूर्तिपूजा को त्यागकर शुद्ध आराधना लौटाने का यह निर्णायक चरण था। इस verse में होमबलि और मेलबलि की मात्रा और अर्घ की अनिवार्यता बताई गई है, ताकि यह स्पष्ट हो कि विनम्रता और पूर्ण समर्पण के साथ उपासना की गई।

व्याख्यात्मक नज़रिए

- होमबलि की बड़ी संख्या संकेत करती है कि पूजा-पद्धति को सामान्य नहीं बल्कि विशेष उत्सव के अवसर पर भी व्यवस्थित किया गया।

- चर्बी और अन्य होमबलियों के साथ अर्घ देना एक समर्पण-प्रकृति है, जो परमेश्वर के सम्मुख भरे हुए बलिदान का प्रतीक बनता है।

- यह स्पष्ट है कि भवन-उपासना में व्यवस्थापन, क्रम और परिशुद्धता का महत्व है ताकि पवित्रता बनाये रखी जा सके।

मुख्य विचार (संक्षिप्त)

  1. आराधना के पुनः आरम्भ में पर्याप्त बलिदान और अर्घ आवश्यक हैं।
  2. पवित्र व्यवस्था के अनुसार सहर्ष और व्यवस्थित सेवा दी गई।
  3. देवता के प्रति एक नयी समर्पण-भावना प्रकट हुई है, जिसका कारण पवित्र मंदिर का पुनर्संचालन है।

अन्य प्रासंगिक पाठ (संक्षेप में व्याख्या)

- 2 इतिहास 29:10–16: हेज़किया ने भवन-उपासना को पुनः आरंभ किया; यह verse इस क्रम के परिणामस्वरूप है।

- भजन 51:17: विनम्रton और बलिदान की इच्छा देवीय कृपा के साथ जुड़ती है, जो यहाँ अर्घ-उत्पादन के महत्व को बोध कराती है।

- व्यवस्थापकीय दायित्व और पवित्रता के बारे में 2 इतिहास 31:21 के अनुरूप, मंदिर-सेवा में क्रम और परिश्रम दिखता है।

प्रयोज्य अंतर्कथा और निष्कर्ष

यहां का पाठ हमें यह याद दिलाता है कि आराधना केवल वैचारिक विश्वास नहीं, बल्कि व्यवस्थित, व्यवस्थित बलिदान-प्रशस्ति के साथ प्रस्तुत की जाए। परमेश्वर के सामने पूर्ण समर्पण और नियमों के अनुसार क्रमित सेवा दी जाए, ताकि मंदिर में उपासना सम्पूर्ण और प्रदुषण-रहित रहे।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

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और चौथाई हीन दाखमधु अर्घ करके देना।

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और जिस चर्बी से अंतड़ियाँ ढपी रहती हैं, और जो झिल्ली कलेजे के ऊपर होती है, उनको और दोनों गुर्दों को उनके ऊपर की चर्बी समेत लेकर सबको वेदी पर जलाना।

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और जिस स्थान में परमेश्‍वर ने याकूब से बातें की, वहाँ याकूब ने पत्थर का एक खम्भा खड़ा किया, और उस पर अर्घ देकर तेल डाल दिया।

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