2 शमूएल 20:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब अमासा यहूदियों को बुलाने गया; परन्तु उसके ठहराए हुए समय से अधिक रह गया।

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2 शमूएल 20:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

सीधे समझाने वाला अर्थ

2 शमूएल 20:5 में अमासा यहूदियों को बुलाने गया, परन्तु उसका ठहराए हुए समय से अधिक रह गया। इसका सरल अर्थ है: सेनापति अमासा ने युद्ध की तैयारी में राजधानी और आवश्यक इकाइयों को बुलवा लिया, किंतु उसने निर्धारित समय से अधिक समय ले लिया, जिससे योजना बाधित हुई और स्थिति अस्पष्ट रही।

प्रसंगिक पृष्ठभूमि

यह अधिनस्थ शमूएल-प्रधान इतिहास में है जब दोजर-योधा के विद्रोह और जवाहरात के कन्धे पर बढ़त की घटनाएँ चल रही थीं। अमासा एक प्रमुख नेता है, और इस verse में उसका समय-सारिणी पालन न करना कथा के तनाव को बढ़ाता है। यह दैनंदिन नेतृत्व में योजना-निर्माण और त्वरित क्रिया के बीच तनाव को दर्शाता है।

व्याख्या के मुख्य बिंदु

  • योजना बनना और समय पर क्रिया करना एक साथ चलते हैं; देरी से रणनीति कमजोर हो सकती है।
  • नियत समय पर नहीं पहुँचना अक्सर भोलेपन या गलत आकलन के कारण हो सकता है, जिससे दल पर निर्भरता घटती है।
  • यह घटना स्मरण कराती है कि प्रभु के उद्देश्यों के लिए समय-सारिणी की मान्यता आवश्यक है, और हमारे विवेक में भी क्रम बना रहना चाहिए।

संदर्भ-क्रॉस-विवेचन

1) 1 समूएल 11 में समय-निर्णय और योजनाओं के बारे में जागरूकता मिलती है; यह बताता है कि सही कदम कब उठाने हैं, यह स्थिति पर निर्भर करता है।

2) 2 समूएल 12 में आकाश से आए न्याय और समय पर कठोरता का संदेश मिलता है; गलत समय पर कार्रवाई के परिणाम स्पष्ट होते हैं।

3) नीतिवचन 24:27 का संदर्भ यह संकेत देता है कि प्रथम-कदम उचित तिथि पर ही किए जाएँ तो परिणाम बेहतर होते हैं।

पूर्व-प्रश्नित टिप्पणियाँ (Adam Clarke, Matthew Henry, Albert Barnes से संक्षेप)

Adam Clarke से निष्कर्ष: Clarke का कहना है कि यहाँ देरी का उद्देश्य किसी अस्थिरता की भूमिका का संकेत हो सकता है—युद्ध-योजना के लिए उचित योजना बनाना आवश्यक है, परन्तु देर से पहुँचने से शत्रु के साथ संयोजन टूट सकता है।

Matthew Henry से सार: Henry बतलाते हैं कि समय की पाबंदी और आदेशित क्रम से ही सामर्थ्य आगे बढ़ती है; इन्द्रियों का नियंत्रण और समुदाय की एकता इस तरह बंधती है।

Albert Barnes से विचार: Barnes मानते हैं कि यह घटना मानव स्वभाव की एक परीक्षा है; समय की लापरवाही से नेतृत्व कमजोर पड़ सकता है और समर्थकों के विश्वास में कमी आ सकती है।

अल्प-सीख (संक्षेपित निष्कर्ष)

  • योजना बनाते समय समय-सीमा और तात्कालिक कार्रवाई का संतुलन आवश्यक है।
  • नेताओं को समय पर निर्णय लेने की आवश्यकता के साथ चरित्र-निर्वाह करना चाहिए ताकि टीम भरोसा बनाए रखे।

क्रॉस-रेफरंस और त्वरित व्याख्या

यद्यपि यहाँ verse का छोटा संकेत है, यह पीछे के कर्मों के परिणामों की ओर इशारा करता है: साथी-नेताओं के साथ समय-निर्णय में समन्वय बनाकर चलना चाहिए।

Practical takeaway

व्यावहारिक पाठ यह है कि योजना बनाते समय समय-सारिणी का पालन करें और अव्यवस्थित देरी से बचें, ताकि नेतृत्व और सहयोगी दोनों के विश्वास सुरक्षित रहें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 शमूएल 20:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

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वह शमूएल के ठहराए हुए समय*, अर्थात् सात दिन तक बाट जोहता रहा; परन्तु शमूएल गिलगाल में न आया, और लोग उसके पास से इधर-उधर होने लगे।

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फिर अमासा से यह कहो, 'क्या तू मेरी हड्डी और माँस नहीं है? और यदि तू योआब के स्थान पर सदा के लिये सेनापति न ठहरे, तो परमेश्‍वर मुझसे वैसा ही वरन् उससे भी अधिक करे।'”

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