Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
प्रेरितों के काम 1 प्रेरितों के काम 2 प्रेरितों के काम 3 प्रेरितों के काम 4 प्रेरितों के काम 5 प्रेरितों के काम 6 प्रेरितों के काम 7 प्रेरितों के काम 8 प्रेरितों के काम 9 प्रेरितों के काम 10 प्रेरितों के काम 11 प्रेरितों के काम 12 प्रेरितों के काम 13 प्रेरितों के काम 14 प्रेरितों के काम 15 प्रेरितों के काम 16 प्रेरितों के काम 17 प्रेरितों के काम 18 प्रेरितों के काम 19 प्रेरितों के काम 20 प्रेरितों के काम 21 प्रेरितों के काम 22 प्रेरितों के काम 23 प्रेरितों के काम 24 प्रेरितों के काम 25 प्रेरितों के काम 26 प्रेरितों के काम 27 प्रेरितों के काम 28Verse
प्रेरितों के काम 12:1 प्रेरितों के काम 12:2 प्रेरितों के काम 12:3 प्रेरितों के काम 12:4 प्रेरितों के काम 12:5 प्रेरितों के काम 12:6 प्रेरितों के काम 12:7 प्रेरितों के काम 12:8 प्रेरितों के काम 12:9 प्रेरितों के काम 12:10 प्रेरितों के काम 12:11 प्रेरितों के काम 12:12 प्रेरितों के काम 12:13 प्रेरितों के काम 12:14 प्रेरितों के काम 12:15 प्रेरितों के काम 12:16 प्रेरितों के काम 12:17 प्रेरितों के काम 12:18 प्रेरितों के काम 12:19 प्रेरितों के काम 12:20 प्रेरितों के काम 12:21 प्रेरितों के काम 12:22 प्रेरितों के काम 12:23 प्रेरितों के काम 12:24 प्रेरितों के काम 12:25



प्रेरितों के काम 12:24 का व्याख्यान: परमेश्वर का वचन बढ़ता और फैलता गया
पद का संक्षिप्त सार: यह वचन यह बताता है कि दूसरों के कार्यों के बीच परमेश्वर अपने वचन को संरक्षित और बढ़ाने में सफल रहा है। प्रेरितों के काम अध्याय 12 में चर्च कठिनाइयों और समरथी से गुजर रहा है, परन्तु परमेश्वर के वचन की वृद्धि अडिग बनी रही।
पद के पाठ और संदर्भ-विपुलता
“परन्तु परमेश्वर का वचन बढ़ता और फैलता गया।”
यह वाक्य प्रेरितों के काम में घटनाप्रधान संदर्भ के साथ जुड़ा है, जहाँ चर्च बड़ी बाधाओं के मध्य भी अपने मिशन पर टिके रहने का प्रमाण देता है। यह दिखाता है कि मनुष्यों की योजनाओं के विपरीत, ईश्वर अपने संदेश को लोगों तक पहुंचाने में सक्षम होता है और असफलताओं के बीच भी उसके वचन की गति निरंतर बढ़ती रहती है।
पाठ का संरचनात्मक दृष्टिकोण
Chapter 12 परिच्छेदों के बीच यह वचन एक तरह का मार्गदर्शन देता है—कैसे ईश्वर अपने कार्यक्रम को ढाले रखते हैं जबकि मनुष्यों के प्रयास सीमित रह जाते हैं। इसके साथ जुड़ी घटनाओं में पड़ोस, प्रतिशोध और अन्य कठिनाइयों के बावजूद वचन का प्रचार बाधित नहीं होता।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
अन्य बाइबल पदों से तुलनात्मक प्रत्यक्ष
कई स्थानों पर “वचन बढ़ता है” जैसा उद्घोष मिलता है, जैसे उन घटनाओं में जहाँ चर्च विपरीत परिस्थितियों में भी सेवकत्व को बनाए रखता है। यह विचार पवित्र ग्रंथ के साथ संगत है कि प्रेरितों का संदेश सिद्ध होता है और आत्मা से समर्थित होता है।
प्रत्यक्ष क्रॉस-रेफरेंस और संक्षिप्त व्याख्या
• आत्मवचन (उद्धार-यात्रा) 19:20 में भी यथार्थ रूप से दिखता है कि वचन का असर प्रत्येक क्षेत्र में बढ़ रहा है। यह दर्शाता है कि ईश्वर का काम निर्बाध गति से चलता है।
• यूहन्ना 14:26 — पवित्र आत्मा शिक्षण देता है कि संदेश कैसे प्रचारित और स्मरण किया जाए; इसका प्रमाण है कि वचन का प्रसार आंतरिक सहायता के साथ संभव होता है।
• रोमियों 10:17 — विश्वास का स्रोत शब्द है; जहां शब्द गम्भीर रूप से प्रत्यक्ष रूप से आत्मा के प्रभाव से जीवित होता है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
1) कठिनाइयों के बीच प्रचार छोड़ने के बजाय प्रोत्साहित रहें: असफलताएँ कभी-कभी ईश्वर की तैयारी का भाग होती हैं।
2) समुदाय में साहस और धैर्य से वचन को साझा करें: कई बार एक छोटे से अवसर से बड़े परिवर्तन संभव होते हैं।
3) विश्वास को क्रियात्मक बनाएं: प्रार्थना, अध्ययन, और सेवाभाव से समूहों में प्रेरणा का पुनः निर्माण होता है।
समाप्ति-सार
इस verse में परमेश्वर के वचन की स्वायत्त गति स्पष्ट है: मानव रणनीति भले ही मायावी हो, पर परमेश्वर अपने संदेश को बढ़ाते हैं और फैलाते रहते हैं। यह प्रेरणा देता है कि चर्च एक साथ मिलकर क्रम से और दृढ़ विश्वास के साथ आगे बढ़े, ताकि ईश्वर का वचन न केवल सुना जाए, बल्कि हर दिल में असर करे।
लेखकत्व में उद्धृत स्रोत
इस पंक्ति के प्रभाव को समझने के लिए समकालीन और पुरातन टीका-लेखकों के तर्क शामिल किए गए हैं; विशेष रूप सेMatthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के संक्षिप्त विचारों का आधार लिया गया है। नीचे उनके स्पष्ट उद्धरण नहीं दिए जा रहे, पर उनके प्रेरणात्मक रौशन संकेत इसी विवेचन में समाहित हैं।