Old Testament
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प्रेरितों के काम 1 प्रेरितों के काम 2 प्रेरितों के काम 3 प्रेरितों के काम 4 प्रेरितों के काम 5 प्रेरितों के काम 6 प्रेरितों के काम 7 प्रेरितों के काम 8 प्रेरितों के काम 9 प्रेरितों के काम 10 प्रेरितों के काम 11 प्रेरितों के काम 12 प्रेरितों के काम 13 प्रेरितों के काम 14 प्रेरितों के काम 15 प्रेरितों के काम 16 प्रेरितों के काम 17 प्रेरितों के काम 18 प्रेरितों के काम 19 प्रेरितों के काम 20 प्रेरितों के काम 21 प्रेरितों के काम 22 प्रेरितों के काम 23 प्रेरितों के काम 24 प्रेरितों के काम 25 प्रेरितों के काम 26 प्रेरितों के काम 27 प्रेरितों के काम 28Verse
प्रेरितों के काम 2:1 प्रेरितों के काम 2:2 प्रेरितों के काम 2:3 प्रेरितों के काम 2:4 प्रेरितों के काम 2:5 प्रेरितों के काम 2:6 प्रेरितों के काम 2:7 प्रेरितों के काम 2:8 प्रेरितों के काम 2:9 प्रेरितों के काम 2:10 प्रेरितों के काम 2:11 प्रेरितों के काम 2:12 प्रेरितों के काम 2:13 प्रेरितों के काम 2:14 प्रेरितों के काम 2:15 प्रेरितों के काम 2:16 प्रेरितों के काम 2:17 प्रेरितों के काम 2:18 प्रेरितों के काम 2:19 प्रेरितों के काम 2:20 प्रेरितों के काम 2:21 प्रेरितों के काम 2:22 प्रेरितों के काम 2:23 प्रेरितों के काम 2:24 प्रेरितों के काम 2:25 प्रेरितों के काम 2:26 प्रेरितों के काम 2:27 प्रेरितों के काम 2:28 प्रेरितों के काम 2:29 प्रेरितों के काम 2:30 प्रेरितों के काम 2:31 प्रेरितों के काम 2:32 प्रेरितों के काम 2:33 प्रेरितों के काम 2:34 प्रेरितों के काम 2:35 प्रेरितों के काम 2:36 प्रेरितों के काम 2:37 प्रेरितों के काम 2:38 प्रेरितों के काम 2:39 प्रेरितों के काम 2:40 प्रेरितों के काम 2:41 प्रेरितों के काम 2:42 प्रेरितों के काम 2:43 प्रेरितों के काम 2:44 प्रेरितों के काम 2:45 प्रेरितों के काम 2:46 प्रेरितों के काम 2:47



यह वचन क्या कहता है
यह वाक्य प्रेरितों के काम 2:34 में पवित्र आत्मा के प्रसार के संदर्भ में दाऊद की स्थिति को प्रभु के भविष्य-वाणी के रूप में देखने का संकेत देता है। परमेश्वर ने दाऊद के बारे में प्रत्यक्ष रूप से कहा नहीं, परन्तु दाऊद के शब्दों में प्रभु के अधिकार और न्यायप्रियता की महिमा स्पष्ट है। इसमें बतलाया गया है कि दाऊद स्वर्ग पर चढ़ा नहीं; बल्कि वह स्वयं कहता है कि “प्रभु ने मेरे प्रभु से कहा; मेरे दाहिने बैठ।” यह बताता है कि यीशु मसीह के अधिकार और प्रतिष्ठान की तुलना दाऊद के शाश्वतता-युक्त शासन से नहीं, बल्कि भविष्य के मसीह पुत्र के अधिकार से है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
प्रेरितों के काम में यह उद्धरण पენტेकोस्ट के बाद के प्रसंग का हिस्सा है, जहाँ प्रेरित पतरस यहूदियों और तब के समुदाय के सामने यीशु मसीह की श्रद्धा को स्थापित करते हैं। दाऊद के शब्दों के माध्यम से उद्धारकर्ता की एक दिव्य पदवी—“मेरे प्रभु”—प्रकाश में आती है, जो मसीह के दायें हाथ पर विराजमान होने का संकेत है। यह दिखाता है कि क्रूस के बाद यीशु का उद्धार और आकाशगामी अधिकार पूरा संदर्भ बनता है।
interpretive observations
मुख्य थीमैटिक बिंदु
संबंधित पाठ के साथ संक्षिप्त विवेचन
1) कार्य 2:34–35 में पतरस यीशु के उठ खड़े होने और स्वर्ग पर बैठे रहने के प्रमाण देते हैं; यह दाऊद की गवाही को भी समकालीन संदर्भ में पुष्ट करता है।
2) भजन 110:1—“प्रभु बोले मेरे प्रभु से: मेरे दाहिने बैठ;” यह मूल संदर्भ है, जो यीशु मसीह के अधिकार के उद्घोष को स्पष्ट करता है।
3) मत्ती 22:44 में उद्धृत या समान विचार वाला तात्पर्य—मसीह का प्रभुत्व और अद्भुत सत्ता: “तू मेरे शत्रुओं के तलवे तले पड़ेगा।”
व्यावहारिक takeaway (संक्षेप)
- हमारी आस्था उस मसीह में है जिसका अधिकार स्वर्ग में स्थिर है और जिसका सर्वोच्च स्थान पवित्र परमेश्वर ने उसे दिया है।
- कठिन परिस्थितियों में भी हम प्रभु के दिव्य पद-स्थान पर भरोसा रखें; वह शासन करता है और उद्धार का केन्द्र है।
उद्धृत उपयोगी विचार
मध्यस्थता और उद्धार की दृष्टि से यह पाठ यह बताता है कि दाऊद के शब्द एक प्रतीक हैं जो अंततः यीशु में पूर्ण होते हैं।
Cross-references with brief explanations
- भजन 110:1: प्रभु द्वारा मसीह के ऊपर का स्थान संकेतित है; यह स्पष्ट करता है कि उद्धारकर्ता का आसन आकाशगामी है।
- प्रेरितों के काम 2:34–35: प्रेरकों द्वारा यीशु के पुनर्जीवित होने और दाहिने हाथ पर बैठने की पुष्टि—बाइबल में उद्धार के इतिहास की निरन्तरता दिखती है।
- मत्ती 28:18: “सभी शक्तियाँ आकाश में और पृथ्वी पर मेरे ही प्रभाव से”—यही सत्ता मसीह के दिव्य अधिकार को पुनः पुष्ट करती है।
ध्यान दें: इस पवित्र संदेश के माध्यम से यह स्पष्ट है कि यीशु मसीह वास्तव में भगवान के आराध्य और उद्धारक हैं, जिनके कारण इतिहास और भविष्य एक दूसरे से जुड़ते हैं।