Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
प्रेरितों के काम 1 प्रेरितों के काम 2 प्रेरितों के काम 3 प्रेरितों के काम 4 प्रेरितों के काम 5 प्रेरितों के काम 6 प्रेरितों के काम 7 प्रेरितों के काम 8 प्रेरितों के काम 9 प्रेरितों के काम 10 प्रेरितों के काम 11 प्रेरितों के काम 12 प्रेरितों के काम 13 प्रेरितों के काम 14 प्रेरितों के काम 15 प्रेरितों के काम 16 प्रेरितों के काम 17 प्रेरितों के काम 18 प्रेरितों के काम 19 प्रेरितों के काम 20 प्रेरितों के काम 21 प्रेरितों के काम 22 प्रेरितों के काम 23 प्रेरितों के काम 24 प्रेरितों के काम 25 प्रेरितों के काम 26 प्रेरितों के काम 27 प्रेरितों के काम 28Verse
प्रेरितों के काम 21:1 प्रेरितों के काम 21:2 प्रेरितों के काम 21:3 प्रेरितों के काम 21:4 प्रेरितों के काम 21:5 प्रेरितों के काम 21:6 प्रेरितों के काम 21:7 प्रेरितों के काम 21:8 प्रेरितों के काम 21:9 प्रेरितों के काम 21:10 प्रेरितों के काम 21:11 प्रेरितों के काम 21:12 प्रेरितों के काम 21:13 प्रेरितों के काम 21:14 प्रेरितों के काम 21:15 प्रेरितों के काम 21:16 प्रेरितों के काम 21:17 प्रेरितों के काम 21:18 प्रेरितों के काम 21:19 प्रेरितों के काम 21:20 प्रेरितों के काम 21:21 प्रेरितों के काम 21:22 प्रेरितों के काम 21:23 प्रेरितों के काम 21:24 प्रेरितों के काम 21:25 प्रेरितों के काम 21:26 प्रेरितों के काम 21:27 प्रेरितों के काम 21:28 प्रेरितों के काम 21:29 प्रेरितों के काम 21:30 प्रेरितों के काम 21:31 प्रेरितों के काम 21:32 प्रेरितों के काम 21:33 प्रेरितों के काम 21:34 प्रेरितों के काम 21:35 प्रेरितों के काम 21:36 प्रेरितों के काम 21:37 प्रेरितों के काम 21:38 प्रेरितों के काम 21:39 प्रेरितों के काम 21:40



प्रेरितों के काम 21:17 परिप्रेक्ष्य
तुरंत पंक्ति की सजीव चर्चा – जब हम यरूशलेम पहुँचे, तब भाइयों ने बड़े आनन्द के साथ हमारा स्वागत किया। यह एक सरल, पर गहरा दृश्य है: जीवन-परिचय के बाद आशा, एकता और समुदाय की भावना प्रकट होती है। यहाँ प्रेरितों के साथ गिरोह की एकता और उन्होंने जिस प्रकार समुदाय में प्रवेश किया, वह नवजीवन के सामाजिक आयाम को बताता है।
ईश्वर और विश्वास के बारे में यह पाठ क्या बताता है
किसी प्रभु-समुदाय में एकता की यह सहज अनुभूति दिखाती है कि परमेश्वर के लोगों के बीच संबंध मैत्री, एक-आवाज़ और सहयोग से बनते हैं। भय नहीं, शंका नहीं—बल्किख़ुशी और स्वागत है, जो विश्वास के वास्तविक स्वभाव को दर्शाता है: एक ही भगवान में विश्वास, एक ही दया-धर्म का अनुभव, और एक ही उद्देश्य—यक़ीन के साथ एक-दूसरे को सहारा देना।
महत्वपूर्ण शब्दों और imagery की व्याख्या
संलग्न और समान विचार वाले पाठ (Cross-references)
पश्चिमी विचारधारा से लिंक (संक्षिप्त संदर्भात्मक सार)
Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेखित (public-domain) टिप्पणियों के प्रमुख संकेत इस प्रकार मिलते हैं: भाइयों का स्वागत—किसी भी मिशनरी यात्रा के पहले चरण का स्वागत-तरन्नुम है; समुदाय के साथ गहरे संबंध उभरना–यह परमेश्वर के अनुग्रह का संकेत है; और यह अनुभव प्रेरितों के लिए सफलता का एक संकेत बनता है—एक दूसरे के साथ मिलकर कार्य करना।
नोट: नीचे एक-एक लाइन उद्धरण संकेत रूप में शामिल हैं यदि उपलब्ध हों:
“भाइयों ने बड़े आनन्द के साथ हमारा स्वागत किया।” (यादगार सार)
प्रस्तुत आज का व्यवहारिक पाठ
यह verse हमारे लिए शिक्षा देता है कि चर्च अपने व्यावहारिक जीवन में कैसे व्यवहार करे:
इस पाठ का सीधा संदेश है: परमेश्वर के लोग एक साथ आते हैं और उनके बीच का स्वागत, विश्वास की मजबूत बुनियाद की मिसाल बनता है। हमारी भी आज की दिनचर्या में, चर्च-समुदाय में, एक दूसरे के लिए खुशी और सहयोग का वातावरण बनाते रहें।