प्रेरितों के काम 27:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और किलिकिया और पंफूलिया के निकट के समुद्र में होकर लूसिया* के मूरा में उतरे।

प्रेरितों के काम 27:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

प्रेरितों के काम 27:5 — इस verse का महत्व

यह छोटा-सा वाक्य यात्रा-युग के ध्येय और परमेश्वर की योजना में पवित्र समुदाय के चरणों को दर्शाता है। प्रेरितों के कार्य में इस प्रकार के संकेत हमें बताते हैं कि परमेश्वर कैसे अपने दासों को सुरक्षित मार्गों से लेकर कठिन रास्तों तक मार्गदर्शित करते हैं, ताकि उद्धार का संदेश दूर-दूर तक पहुँच सके।

पार्श्व-पार्श्व संदर्भ (मौलिक संदर्भ का सार)

इस Verse में प्रेरित पौलुस के चालक दल के जहाज के मार्ग का उल्लेख है, जिसमें किस प्रकार उन्हें समुद्री मार्ग से यात्रा करनी है—किसी विशिष्ट भूभाग, समुद्र और प्रदेशों के बारे में मार्ग निर्धारित होता है। यह एक यात्रा-वृत्तांत का भाग है जिसमें प्रेरितों के यात्रा-क्रम का विवरण मिलता है। मूल संदर्भ में यह यात्रा-परिस्थितियाँ दिखाती हैं कि कैसे ईश्वर की योजना मानचित्र के अनुसार और समुदाय के लिए समय-सारिणी के अनुरूप आगे बढ़ती है।

मुख्य संदेश

यह verse यह संकेत करता है कि पवित्र समूह एक क्रमबद्ध, निर्देशित मार्ग से चल रहा है। समुद्री मार्ग की दुविधाओं के बीच भी परमेश्वर के संरक्षण और योजना का भाग-बी भाग चलता रहता है। प्रेरितों के कार्य एक ऐसी आस्था का स्मरण कराते हैं जिसमें कठिन परिस्थिति के बीच भी विश्वास कायम रहता है और परमेश्वर के निर्देशों का अनुसरण किया जाता है।

उद्धार-आशय और थीम

  • यात्रा और निर्देशन: परमेश्वर अपने लोगों को एक निर्धारित लक्ष्य की ओर ले जाते हैं, भले ही रास्ते कठिन हों।
  • विश्वास बनाम भय: समुद्री जोखिमों के बीच भी विश्वास की स्थिरता आवश्यक है।
  • कर्मयोग और पराक्रम: समुदाय के भीतर सहयोग और अनुशासन से संकटों से निबटना संभव होता है।

क्रॉस-रेफरेंसे

- मरकुस-युग के कार्यक्रम में नेतृत्व की योजना के बारे में प्रमुख संकेत मिलते हैं (उदा., यात्रा के क्रम और मार्ग-निर्देशन), जो प्रेरितों के पथ के साथ सामंजस्य बिठाते हैं। - पवित्रता और सुरक्षा के लिए ईश्वरीय निर्देश का पालन, विशेषकर कठिन परिस्थितियों में, अन्य स्थानों पर भी दर्शाया गया है (उदा., नाविकों के अनुभव और प्रेरितों के विश्वास की कहानी में समान धागे मिलते हैं)। - विश्वास और साक्षी पर ज़ोर देते अन्य ग्रंथ भी मिलते हैं कि कैसे मार्ग-दर्शन और योजना में परमेश्वर का हाथ स्थिर रहता है।

इन क्रॉस-रेफरेंसेस के साथ समझना यह है कि प्रेरितों के प्रवास में जहाँ-जहाँ वे पहुँचे, वहाँ-वहाँ परमेश्वर के उद्देश्यों के अनुरूप संदेश और समुदाय की प्रगति सुनिश्चित होती है।

महत्वपूर्ण उद्धरण (पवित्र विचार)

इस संदर्भ से प्रभावित बिंदुओं पर Simon Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के स्पष्ट उद्धरणों का संक्षेप में उल्लेखित प्रयोग यहाँ है:

अर्थपूर्ण सार: प्रेरितों के कार्य में मार्ग-निर्देशन और यात्रा के क्रम की स्थिरता पर जोर दिया गया है; ईश्वर की योजना के अनुरूप समुदाय की गति बनती है।

यदि किसी पाठक को इन टिप्पणीकारों के विशिष्ट उद्धरण मिलें, तो वे बतौर संदर्भ दीजिए ताकि पाठक उनके शब्दों को सीधे देख सकें।

देवotional reflection

हममें से किसी भी परिस्थिति में, चाहे मार्ग कितने ही अवरोध क्यों न दिखें, ईश्वर के स्पष्ट निर्देश और मार्गदर्शन पर विश्वास बनाये रखना सीखना चाहिए। जैसे प्रेरितों के दल ने समुद्री जोखिमों के बीच भी धैर्य और निर्भयता से यात्रा पूरी करने की प्रेरणा पाई, वैसे ही हमारे जीवन के कामों में भी ईश्वर के नियमों के अनुरूप कदम बढ़ाने चाहिए। छोटी-छोटी चेतावनियाँ और मार्ग-निर्देशन हमारे विश्वास को मजबूत बनाते हैं और उद्धार के संदेश को स्थिर बनाते हैं।

संक्षिप्त नीचे दिए गये क्रॉस-रेफरेंसेस

1) प्रेरितों का काम 20-22: परमेश्वर के बन्धनों में आगे बढ़ना और मार्ग-दर्शन प्राप्त करना।

2) मरकुस 4:35-41 के संदर्भ में भय और विश्वास के बीच संघर्ष।

3) यशायाह 30:21— हर कदम पर यह कहा जाए कि जो रास्ता है वही सही है, और हमारी आँखें उसे देखें।

ध्यान दें: इस पंक्ति की गूढ़ता यह है कि कठिनाई के भीतर भी ईश्वर का मार्ग है, जो सच्चे विश्वास और समर्पण से समझा जा सकता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

प्रेरितों के काम 27:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

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प्रेरितों के काम 6:9 (HINIRV) »
तब उस आराधनालय में से जो दासत्व-मुक्त कहलाती थी, और कुरेनी और सिकन्दरिया और किलिकिया और आसिया के लोगों में से कई एक उठकर स्तिफनुस से वाद-विवाद करने लगे।

प्रेरितों के काम 13:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
प्रेरितों के काम 13:13 (HINIRV) »
पौलुस और उसके साथी पाफुस से जहाज खोलकर पंफूलिया के पिरगा में* आए; और यूहन्ना उन्हें छोड़कर यरूशलेम को लौट गया।

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प्रेरितों के काम 15:41 (HINIRV) »
और कलीसियाओं को स्थिर करता हुआ, सीरिया और किलिकिया से होते हुए निकला।

प्रेरितों के काम 27 (HINIRV) Verse Selection

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