Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीसभोपदेशक 8:3 बाइबल पद की व्याख्या
सभोपदेशक 8:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
राजा के सामने से उतावली के साथ न लौटना और न बुरी बात पर हठ करना, क्योंकि वह जो कुछ चाहता है करता है।
सभोपदेशक 8:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
सभोपदेशक 8:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

सभोपदेशक 10:4 (HINIRV) »
यदि हाकिम का क्रोध तुझ पर भड़के, तो अपना स्थान न छोड़ना, क्योंकि धीरज धरने से बड़े-बड़े पाप रुकते हैं।


Reader-friendly overview
सभोपदेशक 8:3 इस वाक्य में राजा के सामने कामना या जल्दबाजी से निर्णय लेने पर सावधानी देने की चेतावनी है। क्योंकि सत्ता के सामने बिना सोचे समझे कदम उठाने से निष्कर्ष गलत, परिणाम भारी और न्यायपूर्ण निर्णय से दूर हो सकते हैं। यह वचन प्रायः प्रभावी और विवेकपूर्ण मार्गदर्शन की मांग करता है: सत्ता के स्थान पर धैर्य, विवेक और नीतिपूर्ण व्यवहार को सर्वोपरि रखना चाहिए।
Verse study in its chapter
यह श्लोक ऐसे समय का निर्देश देता है जब मनुष्य किसी विषय पर उत्तेजित हो कर जल्दबाजी करता है, विशेषकर उच्च सत्ता के सामने। लेखक कहता है कि जल्दीबाजी से बात न करो और बुरी बात पर हठ न करो, क्योंकि राजा जो कुछ चाहता है, वही कर देता है। इसका संकेत है कि सत्ता के सामने विवेकपूर्वक व्यवहार करना आवश्यक है; अन्यथा अधूरा लाभ भी भारी नुकसान दे सकता है।
Main spiritual lesson
Cross-reference connections
यहाँ कुछ सम्बन्धित पवित्र ग्रंथ के विचार हैं जिन्हें इस श्लोक से जोड़ा जा सकता है:
इन साझेदारी कथनों से स्पष्ट होता है कि सत्ता के सामने अति-उत्तेजना और हठ से बचना और स्पष्ट, सत्य और विनम्र निर्णय लेना परमेश्वर के मार्ग के अनुरूप है।
Practical application
- किसी विवाद या निर्णय के समय समय लें, तर्क बनाओ और तथ्यों पर विचार करो।
- यदि प्रशासनिक या पारिवारिक स्थिति में विरोध हो, संयमित भाषा और सम्मानजनक अनुरोध बनाएं और यदि संभव हो तो समय लेकर समाधान खोजें।
- विश्वस्त और सत्यनिष्ठ सलाह लेने से गलत निर्णय से बचना संभव है; अपने उद्देश्य के बारे में स्पष्ट रहें और नीतिपूर्ण सीमाओं का पालन करें।
Integrated summary
सभोपदेशक 8:3 प्रभु के सामने मानव जीवन के व्यवहार के बारे में एक सरल-संतुलित मार्ग दिखाता है: जल्दबाजी, हठ और अधर्मी निर्णय के बिना धैर्य और विवेक का चयन करें। राजा के सामने भी, निर्भीक लेकिन विनम्र आचरण ही महानता को दर्शाते हैं। यह श्लोक हमें सिखाता है कि सत्ता के घंटे में भी व्यवहार की शुद्धता और नीति सर्वोपरि है, ताकि हमारे निर्णय परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप और हमारे समुदाय के लिए लाभदायक हों।
कथन उद्धरण (public-domain commentary): - Matthew Henry से संक्षिप्त विचार: "The wise man will be slow to anger, and slow to utter a word when a ruler is near; for haste often betrays him into doing what a man upon better thoughts would have avoided." (संक्षित; किसी मूल पाठ से समान विचार) - Albert Barnes से संकेत: राजा के सम्मुख विवेक-हीन अड़बड़ से बचना चाहिए; ऐसी स्थिति में नीति और संयम से काम लेना चाहिए। - Adam Clarke से संकेत: सत्ता के सामने हठबद्ध होना बजाय संतुलित विवेक से निर्णय उचित रहते हैं।