Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीएस्तेर 8:17 बाइबल पद की व्याख्या
एस्तेर 8:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और जिस-जिस प्रान्त, और जिस-जिस नगर में, जहाँ कहीं राजा की आज्ञा और नियम पहुँचे, वहाँ-वहाँ यहूदियों को आनन्द और हर्ष हुआ, और उन्होंने भोज करके उस दिन को खुशी का दिन माना। और उस देश के लोगों में से बहुत लोग यहूदी बन गए, क्योंकि उनके मन में यहूदियों का डर समा गया था।
एस्तेर 8:17 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
एस्तेर 8:17 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

एस्तेर 9:19 (HINIRV) »
इस कारण देहाती यहूदी* जो बिना शहरपनाह की बस्तियों में रहते हैं, वे अदार महीने के चौदहवें दिन को आनन्द और भोज और खुशी और आपस में भोजन सामग्री भेजने का दिन नियुक्त करके मानते हैं।

1 शमूएल 25:8 (HINIRV) »
अपने जवानों से यह बात पूछ ले, और वे तुझको बताएँगे। अतः इन जवानों पर तेरे अनुग्रह की दृष्टि हो; हम तो आनन्द के समय में आए हैं, इसलिए जो कुछ तेरे हाथ लगे वह अपने दासों और अपने बेटे दाऊद को दे।'”

व्यवस्थाविवरण 11:25 (HINIRV) »
तुम्हारे सामने कोई भी खड़ा न रह सकेगा; क्योंकि जितनी भूमि पर तुम्हारे पाँव पड़ेंगे उस सब पर रहनेवालों के मन में तुम्हारा परमेश्वर यहोवा अपने वचन के अनुसार तुम्हारे कारण उनमें डर और थरथराहट उत्पन्न कर देगा।
क्यों यह श्लोक महत्वपूर्ण है
एस्तेर 8:17 यह दर्शाता है कि ईश्वर की न्यायपूर्ण व्यवस्था और लोगों के बीच उसका प्रभाव किस तरह बाहरी रूप से दिखाई देता है। यह वचन न केवल यहूदियों की सुरक्षा का उत्सव है, बल्कि यह भी दिखाता है कि जब सत्य और रक्षा सार्वजनिक रूप से स्थापित होते हैं तो समाज पर उसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है—कुछ लोग विश्वास स्वीकार करते हैं, और भय व आदर उत्पन्न होता है।
मूल संदर्भ
यह पद पुस्तक एस्तेर के उस भाग में है जहाँ खुसरो (अहमेनिड राज) के दरबार में यहूदियों के विरुद्ध पहले निकाले गये विनाश के आदेश का पलटाव होता है। एस्तेर और मोरदेखई की मध्यस्थता से राजा ने नया आदेश जारी कराया जो यहूदियों को आत्मरक्षा का अधिकार देता था। परिणामस्वरूप जहाँ-जहाँ यह नया आदेश पहुँचा, वहाँ यहूदियों ने भय-शांति और आनन्द के साथ उस समय को मनाया।
प्रमुख संदेश
1) न्याय और संरक्षण का सार्वजनिक मान्य होना समुदाय के मनोबल को बढ़ाता है।
2) धार्मिक जीवन का सार्वजनिक प्रभाव सामाजिक रूपांतरण ला सकता है—"बहुत लोग यहूदी बन गए" यह बताता है कि विश्वास का प्रभाव व्यक्तिगत ही नहीं, सामाजिक भी होता है।
3) भय का मिश्रण: जहाँ आदर और सुरक्षा है वहाँ कुछ का भय भी उत्पन्न होता है; यह भय हमेशा नकारात्मक नहीं, परन्तु उन स्थितियों में लोगों के हृदय और व्यवहार बदल जाते हैं।
समर्थक बाइबिल विषय
- ईश्वर की रक्षा और परलोकीन न्याय: एस्तेर की कथा में प्रत्यक्ष चमत्कार का विवरण कम है, पर Providential (परिवेसी) व्यवस्था स्पष्ट है—ईश्वर ने अप्रत्यक्ष रूप से अपनी संतान की रक्षा कराई।
- समुदाय के उत्सव और स्मरण: यहूदियों ने उस दिन को खुशी और भोज से मनाया—यादों और पर्वों के माध्यम से समुदाय अपनी पहचान और ऐतिहासिक अनुभवों को संजोता है।
- धर्मांतरण और सामाजिक दबाव: जब किसी विश्वास की शक्ति समाज में दृश्यमान हो जाती है, तो अन्य लोग भी प्रभावित होते हैं—यहां "उनमें से बहुत लोग यहूदी बन गए" इसी प्रक्रिया का संकेत है।
प्रासंगिक पारस्परिक संदर्भ
मत्ती हेनरी, अल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के संक्षिप्त उल्लेख
मत्ती हेनरी ने इस प्रकार के प्रसंगों पर अक्सर समुदाय के उत्सव और ईश्वर की परवाह के मनोवैज्ञानिक प्रभाव पर टिप्पणी की है। अल्बर्ट बार्न्स ने एस्तेर की घटनाओं को राजनीतिक और सामाजिक परिणामों के दृष्टिकोण से देखा। एडम क्लार्क ने यह उल्लेख किया कि राजा के नए आदेश से यहूदियों की स्थिति स्पष्ट और सार्वजनिक हो गई। (उपरोक्त विद्वानों के शब्दों का वाक्यांश उद्धरण केवल तात्कालिक संदर्भ में संक्षेपित किया गया है; कोई विस्तृत शाब्दिक उद्धरण यहाँ नहीं दिया गया।)
नौतिक उपदेश और ध्यानविमर्श
एस्तेर 8:17 हमें सिखाता है कि वास्तविक सुरक्षा और न्याय केवल व्यक्तिगत स्तर पर नहीं, बल्कि सार्वजनिक और वैधानिक रूप से मान्यता मिलने पर अधिक स्थायी फल देते हैं। साथ ही यह भी स्मरण कराता है कि सामूहिक स्मरणोत्सव समुदाय की पहचान और विश्वास को जीवित रखते हैं। व्यक्तिगत रूप से यह आह्वान है कि हम उन क्षणों को स्वीकार करें जब न्याय स्थापित होता है और उन मामलों में धन्यवाद और प्रार्थना से भाग लें।