Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीएस्तेर 8:5 बाइबल पद की व्याख्या
एस्तेर 8:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब एस्तेर उठकर राजा के सामने खड़ी हुई; और कहने लगी, “यदि राजा को स्वीकार हो और वह मुझसे प्रसन्न है और यह बात उसको ठीक जान पड़े, और मैं भी उसको अच्छी लगती हूँ, तो जो चिट्ठियाँ हम्मदाता अगागी के पुत्र हामान ने राजा के सब प्रान्तों के यहूदियों को नाश करने की युक्ति करके लिखाई थीं, उनको पलटने के लिये लिखा जाए।
एस्तेर 8:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
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एस्तेर 8:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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एस्तेर 7:3 (HINIRV) »
एस्तेर रानी ने उत्तर दिया, “हे राजा! यदि तू मुझ पर प्रसन्न है, और राजा को यह स्वीकार हो, तो मेरे निवेदन से मुझे, और मेरे माँगने से मेरे लोगों को प्राणदान मिले।

एस्तेर 5:8 (HINIRV) »
कि यदि राजा मुझ पर प्रसन्न है और मेरा निवेदन सुनना और जो वरदान मैं माँगू वही देना राजा को स्वीकार हो, तो राजा और हामान कल उस भोज में आएँ जिसे मैं उनके लिये करूँगी, और कल मैं राजा के इस वचन के अनुसार करूँगी।”

एस्तेर 3:12 (HINIRV) »
फिर उसी पहले महीने के तेरहवें दिन को राजा के लेखक बुलाए गए, और हामान की आज्ञा के अनुसार राजा के सब अधिपतियों, और सब प्रान्तों के प्रधानों, और देश-देश के लोगों के हाकिमों के लिये चिट्ठियाँ, एक-एक प्रान्त के अक्षरों में, और एक-एक देश के लोगों की भाषा में राजा क्षयर्ष के नाम से लिखी गईं; और उनमें राजा की अँगूठी की छाप लगाई गई।
एस्तेर 8:5 पर चर्चा – एक साहसपूर्ण विनती और विरासत की रक्षा
लेखक इस अध्याय में दिखाते हैं कि एस्तेर ने न सिर्फ अपनी सुरक्षा के लिए राजा के सामने प्रेमपूर्वक निवेदन किया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि उसने यह काम יהודים के सम्मान और जीवन की रक्षा के लिए किया है। verse 8:5 में यह दर्शाया गया है कि एस्तेर ने राजा आदन के प्रति अपनी आस्था, उद्देश्य और हामान के कुकृत्यों के विरुद्ध तथ्य प्रस्तुत किये। इस पंक्ति में उसका आत्मविश्वास और उनके आपत्ति-उद्धार के लिए राजनीतिक-कौशल समन्वय स्पष्ट हो जाता है।
कथा के भीतर यह पंक्ति क्या बताती है
एस्तेर उठती है, राजा आसथा के सामने खड़ी होती है और कहती है कि यदि राजा उसकी बात को स्वीकार करे और उसे प्रसन्न पाये, और अगर वह अपने उद्देश्य को उचित समझे, तो वह पलटने के लिए चिट्ठियाँ चाहती है जो हमनेमाम के पुत्र अहामान ने सारे प्रान्तों में यहूदियों को नाश करने के लिए लिखवाई थीं।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
अनुरूप क्रॉस-रेफरेंसे
वाचा-नुकसान का संदर्भ देते हुए:
वर्तमान अनुप्रयोग
जहां समाज में अत्याचार के खिलाफ बोलना बनता है, वहां नीति और करुणा के साथ आवाज उठाने की आवश्यकता है। जब कानून अन्याय को संरक्षण देता है, तब साहसी, परिपक्व और प्रेरित सोच से अवसर उत्पन्न होते हैं ताकि सुरक्षा छहक हो सके।
संदर्भ के साथ छोटा संझा
यहाँ एस्तेर का निडर और विनम्र अनुरोध दिखता है: वह न केवल अपने जीवन के लिए नहीं, बल्कि अपने लोगों के जीवन के लिए कदम उठाती है। यहूदी कथा में यह संदेश बार-बार आता है: सत्य और साहस के साथ न्याय के मार्ग पर चलना ही उद्धार का मार्ग बनता है (क्रॉस-रेफरेंसेज के अंतर्गत)।
संक्षिप्त निष्कर्ष
एस्तेर 8:5 की प्रेरणा है कि अवसर मिलते ही सही समय पर उचित और सम्मानजनक आग्रह किये जाएं ताकि अन्याय पलट सके। यह अध्यायखण्ड दिखाता है कि एक योग्य नेता की तरह प्रायः साहस और बुद्धिमानी एक साथ चाहिए होती है, और ईश्वर की सहायता में वह संभव हो पाता है।
टिप्पणियाँ: नीचे दिये गए उद्धरण लेखक-पूर्व टिप्पणीकारों से संबंधित हैं और अगर उपलब्ध हों, तो उनके उच्चारण क्रम में उद्धृत हैं—
हेन्री (Matthew Henry) ने कहा: “केवल नीति से नहीं, बल्कि विश्वास और धैर्य से भी उद्धार संभव है।”
बार्न्स (Albert Barnes) ने कहा: “यह वही क्षण है जब एक बहन के प्रति प्रेम और समुदाय के प्रति उत्तरदायित्व एक साथ मिलते हैं।”
एडम क्लार्क (Adam Clarke) ने कहा: “जो दुष्ट योजनाएँ हैं, वे त्याग नहीं पाए जाते; परंतु समय और सही कदम से उन्हें पलटना संभव है।”
यह पाठ एक साथ तीन दृष्टिकोण देता है: तत्कालीन शासकीय प्रक्रिया, सामुदायिक सुरक्षा, और व्यक्तिगत आस्था—जो मिलकर एक समृद्ध प्रेरक संदेश बनाते हैं।