Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48Verse
यहेजकेल 34:1 यहेजकेल 34:2 यहेजकेल 34:3 यहेजकेल 34:4 यहेजकेल 34:5 यहेजकेल 34:6 यहेजकेल 34:7 यहेजकेल 34:8 यहेजकेल 34:9 यहेजकेल 34:10 यहेजकेल 34:11 यहेजकेल 34:12 यहेजकेल 34:13 यहेजकेल 34:14 यहेजकेल 34:15 यहेजकेल 34:16 यहेजकेल 34:17 यहेजकेल 34:18 यहेजकेल 34:19 यहेजकेल 34:20 यहेजकेल 34:21 यहेजकेल 34:22 यहेजकेल 34:23 यहेजकेल 34:24 यहेजकेल 34:25 यहेजकेल 34:26 यहेजकेल 34:27 यहेजकेल 34:28 यहेजकेल 34:29 यहेजकेल 34:30 यहेजकेल 34:31



यहोशेम 34:22 — उद्धार और न्याय की प्रतिज्ञा
इस दृश्य का आरम्भ यह संकेत करता है कि प्रभु अपने चरागाह की रक्षा के लिए चुपचाप क्रिया-शील हैं। गर्भित संदेश यह है कि यहोवा अपनी भेड़-बकरियों को छुड़ाने के लिए कार्य करेंगे; वे न लुटेंगीं और उनके बीच न्याय होगा। यह उद्धार और न्याय का संतुलित संयोजन दिखाता है—भक्षक से सुरक्षा भी, और समूह के भीतर बराबरी- समानता का भी मूल्यांकन।
ईश्वरीय गुण का उद्घाटन
यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर भेड़-बकरियों के हित में सक्रिय हैं, उनका पक्ष लेते हैं, और जब वे खतरे में हों, तब रक्षा करते हैं। इस पाठ में दयालु प्रेम के साथ-साथ न्याय की जरूरत भी उजागर होती है। यह उद्धार केवल बाहरी सुरक्षा तक सीमित नहीं है; यह भेड़-बकरियों के बीच उचित वितरण और नेता-चयन की न्यायसंगत प्रक्रिया की भी बात करता है।
शब्दार्थ और प्रतीक
- भेड़-बकरियाँ: परमेश्वर के लोग, जो खतरे, डकैतियों या आंतरिक गलतियों के प्रभाव से टूट-फूट जाते हैं।
- छुड़ाऊँगा: उद्धार और सुरक्षा की कार्यवाही; यह दर्शाता है कि परमेश्वर निर्बलों को गारंटी देता है कि वे फिर से सुरक्षित रहें।
- वापस न्याय करूँगा: समाज के भीतर निष्पक्षता और विभान-सम्मत न्याय की स्थापना—जहाँ हर एक के साथ उचित व्यवहार होगा।
अनुशंसा पाठ से संबंधित अन्य बाणियाँ
- यहोशू 1:9 और जुड़ाव में प्रेषित दायित्व—परमेश्वर का साथ समाज की सुरक्षा के लिए है।
- यिर्मयाह 31:28 के समान, जहाँ उद्धार और पुनर्संरचना का भाव भीतर-बाहर दोनों जगह रहता है।
गहन विचार — प्रसिद्ध टिप्पणीकारों से संक्षिप्त प्रेरणा
Matthew Henry की टिप्पणी यह बताती है कि परमेश्वर की भेड़-बकरियों के साथ ऐसा संबंध है जो उन्हें सुरक्षित बनाता है और उनके भीतर न्याय की स्थापना को प्रेरित करता है। Albert Barnes इसे यह बताता है कि “छूट जाना” और “न्याय” एक साथ चलते हैं और यह ईश्वर के प्रशंसनीय संयोजन को दर्शाते हैं। Adam Clarke ने कहा है कि यह उद्धार-केवल बाहरी सुरक्षा नहीं, बल्कि आंतरिक व्यवस्था और सामाजिक न्याय का सम्मिलन है।
यहाँ 3 संक्षिप्त बिंदु धर्मसंदेश के रूप में विचार करें: - परमेश्वर अपने लोगों को खतरे से बचाते हैं और उन्हें सुरक्षित रखते हैं। - सुरक्षा के साथ-साथ समाज में न्याय का उत्पादन, ताकि सभी सुरक्षित और सम्मानित महसूस करें। - नेतृत्व और संसाधनों की उचित वितरण से भेड़-बकरियों के बीच एकता और स्थिरता बनी रहे।
क्रॉस-रेफरेंस और छोटा स्पष्टीकरण
आज के लिए अनुप्रयोग
यह पद दिखाता है कि परमेश्वर न केवल संकट के समय बचाव करता है, बल्कि सामाजिक जीवन में भी न्याय स्थापित करता है। हमारी कॉलिंग है: - कटुता, भय या अन्याय के स्थानों पर सच और दयालु व्यवस्था के लिए आग्रह करें। - समुदाय में मजबूत नेता और न्याय-सम्मत व्यवहार को प्रोत्साहित करें। - व्यक्तिगत सुरक्षा के साथ दूसरों की सुरक्षा और सम्मान की भी चिंता करें।
यहोवा की यह प्रतिज्ञा आज भी प्रासंगिक है: वह अपना उद्धारकारी और न्यायपूर्ण शासन बना कर हर भेड़-भेड़ की रक्षा करते हैं और उन्हें भीतर और बाहर दोनों जगह न्याय के साथ बनाए रखते हैं।
कथन-उद्धरण (सूत्रधार): Matthew Henry: “यह उद्धार-कार्य सभी प्रकार के खतरे से रक्षा का प्रमाण है।” Albert Barnes: “छूटना और न्याय एक साथ चलते हैं—न सिर्फ बाहर की सुरक्षा, बल्कि आंतरिक नियम और सामाजिक व्यस्था भी।” Adam Clarke: “यह उद्धार-प्रक्रिया समाज में निष्पक्षता के निर्माण का संकेत है।”