Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48Verse
यहेजकेल 45:1 यहेजकेल 45:2 यहेजकेल 45:3 यहेजकेल 45:4 यहेजकेल 45:5 यहेजकेल 45:6 यहेजकेल 45:7 यहेजकेल 45:8 यहेजकेल 45:9 यहेजकेल 45:10 यहेजकेल 45:11 यहेजकेल 45:12 यहेजकेल 45:13 यहेजकेल 45:14 यहेजकेल 45:15 यहेजकेल 45:16 यहेजकेल 45:17 यहेजकेल 45:18 यहेजकेल 45:19 यहेजकेल 45:20 यहेजकेल 45:21 यहेजकेल 45:22 यहेजकेल 45:23 यहेजकेल 45:24 यहेजकेल 45:25
यहेजकेल 45:14 का सरल अर्थ
यह पद तेल के निम्नलिखित हिस्से के निर्धारण के बारे में स्पष्ट निर्देश देता है: तेल का नियत अंश कोर में से बत का दसवाँ अंश होगा; कोर दस बत है, अर्थात एक ओमर के बराबर।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यहेओ का यह भाग यहेजकेल के अद्भुत मंदिर-नियमों के हिस्से के रूप में आता है, जिसमें प्रशासनिक और आधिकारिक नियमों के साथ तेल, आहुति और शुद्धता से जुड़े उपाय दिए गए हैं। यह उल्लेख करता है कि कैसे संपदा के वितरण में स्पष्ट माप हों, ताकि भृष्टाचार न हो और पूजा कर्म में क्रम बना रहे। यहाँ “ओमर” और “बत” जैसे मापन शब्द बाइबिलीक न्याय-प्रणाली के मानक दर्शाते हैं, जो प्रत्येक नीयत और योगदान के मूल्य को निर्धारित करते हैं।
व्याख्यात्मक बिंदु
कथन-नुकसान के हलके संकेत (थीमैटिक सार)**
अन्य बाइबिल संदर्भ और संक्षिप्त व्याख्या
यशायाह 52:11 में माप-पालन और पवित्रता के लिए चलने को कहा गया है; नियमों का पालन विश्वास के साथ जुड़ता है।
कुलुस्सियों 3:23 में कार्य के प्रति समर्पण और उचित साधनों के साथ समर्पण करने की प्रेरणा मिलती है, ताकि उद्देश्य साफ रहे।
नीतिवचन 11:1 में सच्चे मापन की महत्ता बताई गई है—जो लोकलुभावन नहीं, बल्कि सच्ची और निष्पक्ष हो।
रेखाचित्रात्मक निष्कर्ष
यह निर्देश सामान्यरामायण से नहीं, पर पवित्र सेवा में ईमानदारी, सटीकता और क्रमबद्धता की आवश्यकता को दोहराता है। दान-प्रक्रिया में स्थिरता और पारदर्शिता की चेतावनी देता है ताकि उपहार और सेवा परमेश्वर के लिए पवित्र रखी जाएं।
संक्षिप्त व्यावहारिकTakeaway
धार्मिक नोट्स
यह लेखन परंपरागत पवित्र माप-नीति पर केंद्रित है। नीचे उद्धृत कोई भी पूर्ण पंक्तियाँ Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से सीधे हों, वे नीचे कभी-कभी संक्षेप में उद्धृत हो सकते हैं:
Matthew Henry से: “The measure must be exact; nothing less than a whole proportion will serve the sacred use.”
Albert Barnes से: “In all religious service, precision in the due portion is a sign of reverence to God.”
Adam Clarke से: “Where the oil is allotted, it shows that every part of service has its appointed due.”