Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48



यहेजकेल 9:6 का हिंदी अर्थ और संदर्भ
इस पद का ठोस अर्थ यह है कि परमेश्वर के प्रत्यक्ष निर्णय में, निहत्थे, बूढ़े, जवान, बच्चों और स्त्रियों सहित सब को एक क्रम में मार डालो—केवल वे लोग बचे रहें जिनके माथे पर चिन्ह है। यह चिन्ह परमेश्वर जान पहचान के लिए देता है कि वे लोग जो प्रभु के पवित्र स्थान के लिए निशानी हैं, उनकी रक्षा की जाएगी। वही चिन्ह उन लोगों के माथे पर था जो भिन्न तरीके से खतरे के समय भी प्रभु के मान को बनाये रखते हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह यहेजकेल की मंदिर-परित्याग और निर्गमन से जुड़ी नगाड़ों की कथा का भाग है। बाबुल के बंधन के बाद यरूशलेम के ऊपर परमेश्वर के न्याय और उद्धार के संदेश को यहेजकेल ने सुनाया। विजेता-परक पूजा-स्थलों के भ्रष्टाचार, पाप और मूर्तिप्रथा के कारण परमेश्वर ने एक निर्णायक क्रिया की योजना दर्शाई — पापियों के ढांचे के भीतर भी नये कदम उठे, और कुछ को छोड़ कर सभी पर अंधाधुंध विनाश की चेतावनी दी गई। यह संदर्भ बताता है कि परमेश्वर अपने पवित्र स्थान और लोगों की पवित्रता के लिए अत्यधिक चिंता करते हैं।
Interpretive observations
मुख्य थीम
अन्य क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त व्याख्या)
इन संदर्भों में पवित्रता और निर्णय की एक संगत धारा दिखती है: पाप का दबदबा तब तक बढ़ता है जब तक परमेश्वर का न्याय सामने नहीं आता; किन्तु उन पर भरोसा रखने वालों की सुरक्षा और पहचान भी मिलती है।
संक्षेप निष्कर्ष और व्यावहारिक takeaway
यह पाठ याद दिलाता है कि परमेश्वर के घर की पवित्रता सबसे पहले महत्व है, और उसके निर्णय क्रमबद्ध तरीके से होते हैं—नेतृत्व से शुरू होकर समाज तक पहुंचते हैं। हमारे समय के लिए इसका स्पष्ट संदेश है: पाप के विरुद्ध बुलंद निष्कर्ष और अपनी आस्था की पहचान बनाए रखना, ताकि परमेश्वर की सुरक्षा और आशीष बनी रहे।
ऐतिहासिक-आधार से प्रसिद्ध टीका
माथ्यू हेनरी, अल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के वक्तव्याओं के अनुसार यह घटना संकेत है कि पवित्रता पर स्पष्ट नियम और उसका पालन स्थानीय नेतृत्व और समुदाय की जिम्मेदारी है; चिन्हित लोगों की सुरक्षा दिखाती है कि परमेश्वर अपना निर्णय न्यायपूर्ण रूप से करते हैं।
पढ़ने के लिए संक्षिप्त उद्धरण (जहाँ उपलब्ध):
“यहाँ हर किसी के दिल की गवाही परमेश्वर के पास है; किन्तु जो भक्ति और पवित्रता से रहता है, वही सुरक्षा देता है।”
गुणवत्तापूर्ण Cross-References (संक्षेप)
यहेजकेल 8–9 में पवित्रता, दोष-निशान और सुरक्षा की व्यवस्था एक साथ मिलती है; यशायाह 52:11 में भी यह संदेश है कि प्रभु के लोग विभेदित और सुरक्षित रहते हैं जब वे उसका नाम लेकर पवित्र रहें।