Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
अय्यूब 1 अय्यूब 2 अय्यूब 3 अय्यूब 4 अय्यूब 5 अय्यूब 6 अय्यूब 7 अय्यूब 8 अय्यूब 9 अय्यूब 10 अय्यूब 11 अय्यूब 12 अय्यूब 13 अय्यूब 14 अय्यूब 15 अय्यूब 16 अय्यूब 17 अय्यूब 18 अय्यूब 19 अय्यूब 20 अय्यूब 21 अय्यूब 22 अय्यूब 23 अय्यूब 24 अय्यूब 25 अय्यूब 26 अय्यूब 27 अय्यूब 28 अय्यूब 29 अय्यूब 30 अय्यूब 31 अय्यूब 32 अय्यूब 33 अय्यूब 34 अय्यूब 35 अय्यूब 36 अय्यूब 37 अय्यूब 38 अय्यूब 39 अय्यूब 40 अय्यूब 41 अय्यूब 42



मुख्य विषय: सत्य और दायित्व से जुदा अभाव – अय्यूब 27:14 की व्याख्या
यह पद एक कठोर वाणी है जो दावीद-युगीन नहीं, बल्कि अय्यूब की अनुभूत सत्यनिष्ठता और उसके अनुभव की गहनता को दर्शाती है। यहाँ एक ऐसी स्थिति उजागर होती है जिसमें उन्नति दिखती है, पर उसके पीछे विनाश की वास्तविक संभावना भी छिपी होती है। न केवल धन-दौलत, बल्कि जीवन-यापन के साधन भी अचानक से शून्य हो सकते हैं जब परमेश्वर की व्यवस्था और विपत्ति का समन हो।
पाठ का साहित्यिक संदर्भ
इस अय्यूब के अंश में, निस्संदेह 욺ा-युग के विश्वासयोग्यों के अनुभव का एक कड़वा पक्ष है। पाठ में अय्यूब कहता है कि यदि उसके पुत्र बढ़ जाएँ, तब भी वे तलवार के लिए ही बढ़ेंगे; और उसकी सन्तान पेट भर भोजन नहीं पाएगी। यह दृश्य एकदम यथार्थ और कठोर है—धन-सम्पत्ति और जीवन-यापन का अस्थिर होना एक बोध देता है कि सांसारिक उन्नति कभी भी स्थाई नहीं होती।
सूत्र सामंजस्य और उद्धृत टिप्पणियाँ (संक्षेप)
इस अंश पर पारंपरिक टिप्पणीकारों ने निम्नलिखित संदेशों को उजागर किया है:
theologal महत्त्व और प्रासंगिक पाठ
1) दायित्व और धारणाओं पर प्रश्न: क्या धन-संपत्ति जीवन की वास्तविक सफलता है, या जीवन की गहराई और विश्वास की स्थिरता है? यह पाठ देखाता है कि विपत्ति के समय भी परिवार की सुरक्षा एक मानव-आधार पर नहीं, बल्कि परमेश्वर की व्यवस्था पर निर्भर है।
2) न्याय और दया का मानचित्र: भविष्योन्मुखी दृष्टि के साथ कहा गया है कि जो तलवार और भूख से कष्ट पाएगा, उसे ईश्वर के न्यायपूर्ण मार्ग की याद दिलाता है कि संसार में पुण्य के साथ-साथ परीक्षण भी रहते हैं।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त) और उनके संदर्भ
- सन्दर्भ 1: अनुभवों में मानव की दुर्बलता का उल्लेख – इस प्रकार के उल्लेख अन्य पुस्तकों में भी मिलते हैं, जहाँ धन-दौलत अस्थिर दिखती है। (व्याख्या में देखें: पवित्र ग्रंथ के विपत्ति-सम्बन्धी अनुभाग।)
- सन्दर्भ 2: परमेश्वर की सुरक्षा पर विश्वास का मूल्यांकन – सुरक्षा केवल भौतिक संपत्ति में नहीं, पर परमेश्वर की कृपा में है।
- सन्दर्भ 3: नैतिक और सामाजिक दायित्व – परिवार की स्थिति, भोजन-आहार और सुरक्षा का सवाल व्यक्ति के भीतर के विश्वास से जुड़ा है।
विचारणीय प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्शन
अय्यूब 27:14 कहता है कि संपत्ति बढ़े तो भी अंततः तलवार और भोजन के लिए संघर्ष ही रहेगा। यह स्पष्ट संदेश है कि सांसारिक संपदा जीवन की पूर्ण शांति नहीं दे सकती; स्थायित्व और सुरक्षा में विश्वास का स्रोत परमेश्वर की विनम्रता और उनकी वचनबद्धता है। इस तथ्य को स्मरण कर, विश्वासियों को निष्ठा और धैर्य के साथ अपने कर्मों की दिशा निर्धारित करनी चाहिए।
अनुवादक नोट: ऊपर उद्धृत किसी भी सीधे पाठ को उद्धृत नहीं किया गया है; मौलिक विचार Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संक्षिप्त सार से प्रेरित हैं।