अय्यूब 27:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

वह उन्हें तैयार कराए तो सही, परन्तु धर्मी उन्हें पहन लेगा, और उसका रुपया निर्दोष लोग आपस में बाँटेंगे।

पिछला पद
« अय्यूब 27:16
अगला पद
अय्यूब 27:18 »

अय्यूब 27:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

मुख्य व्याख्या बिंदु

अय्यूब 27:17 में कहा गया विचार कि धर्मी उसे पहन लेगा और उसका रुपया निर्दोष लोग आपस में बाँटेंगे, एक गूढ़ नैतिक स्थिति को उजागर करता है: धन और शक्ति के अस्थिर खेलों के बीच ईमानदार नैतिकता टिकती है, और अंततः धर्मी अपने कर्मों की साख से अपनी स्थिति बनाए रखते हैं। यह वचन नीति-न्याय और ईश्वर के समिक्षण के संदर्भ में स्पष्ट करता है कि सत्य-धर्मिता वही है जो विपत्ति और धन के बावजूद अपने स्तर पर सत्य को बनाए रखती है।

साहित्यिक संदर्भ

यह श्लोक अय्यूब की पीड़ा-परक स्थितियों के बीच सत्य और न्याय की धारणा को दोहराता है। अय्यूब के चक्र-विपत्तियों के बाद भी, मित्रों की आलोचना से अलग यह संदेश निकलता है कि धर्मी वही है जो कठिन समय में भी नैतिकता की कसौटी पर खरा उतरता है।

धर्मशास्त्रीय महत्त्व

धर्मी परित्याग नहीं करता, बल्कि मुश्किल हालात में भी उसकी प्रतिष्ठा और मान सम्मान बना रहता है। पवित्र व्यवस्था के अनुसार, धन भले ही इन्सानों के बीच बाँटा जाए, परन्तु यदि असली अर्थ में धर्म और न्याय हो, तो वह समाज में सही वितरण का प्रतीक बनता है। यह श्लोक धन के साथ सत्यता और निष्पक्षता के संयोजन की बात करता है—जो ईश्वर के न्याय की दृष्टि में हीरे-जवाहर की तरह है।

देवत्व-सम्बन्ध और पवित्र लेखों के साथ संबंध

- यीशु के उपदेशों में नैतिकता के बारे में स्पष्ट है कि धन-लाभ केवल externals नहीं बदलेगा, जब तक आंतरिक धर्म नहीं।

- प्रेषित मुक्तियों में समाजिक न्याय और दया का संकेत मिलता है कि सही वितरण और समान अवसर एक नैतिक समाज का आधार है।

- पुराने नियम की कई शिक्षाओं में धन और शक्ति के साथ धैर्य, सुरक्षा, और भक्ति का संयोजन देखा जा सकता है।

प्रमाण-पत्रात्मक प्रश्न (Reflection)

  • क्या आप धन या स्थिति के प्रति अपनी नैतिकता पर दबाव महसूस करते हैं? कैसे आपने ईमानदारी बनाए रखी?
  • क्या आपने ऐसे समय की कोई घटना याद की जहां निष्पक्षता लाभ से अधिक मूल्यवान थी?
  • आपके जीवन में कौन से कर्म आपके लिए धर्मी होने के प्रमाण हैं?

निष्कर्ष

इस श्लोक से सीख मिलती है कि धन-संपत्ति और बाहरी प्रभाव समय-समय पर बदले जा सकते हैं, पर धर्मी की राह स्थिर रहती है। सत्य और न्याय के साथ भागीदारी करने वाला व्यक्ति ईश्वर के दृष्टि में सत्यापन प्राप्त करता है, भले ही बाहरी बाजार और सामाजिक दिखावट उसे अलग क्यों न चित्रित करें।

क्रॉस-रेफरेंस

उद्धरण नहीं हैं, परन्तु संदर्भ: दानशीलता और निष्ठा के लिए पुराने नियम और नए नियम के नैतिक सिद्धांतों के साथ संरेखण बनता है; सत्कर्म की स्थिरता के विचार जकरह यीशु के उपदेश और प्रेरितों के शिक्षाओं में प्रत्यक्ष है।

उद्धरण: मॉथ्यू Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के मौलिक टिप्पणियों से आवश्यक संकल्पित विचार इन पंक्तियों में समाहित हैं, किन्तु यहाँ पूर्ण उद्धरण नहीं दिए गए हैं ताकि मौलिक पाठ की सच्चाई बनी रहे।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

अय्यूब 27:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

नीतिवचन 13:22 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 13:22 (HINIRV) »
भला मनुष्य अपने नाती-पोतों के लिये सम्पत्ति छोड़ जाता है, परन्तु पापी की सम्पत्ति धर्मी के लिये रखी जाती है*।

सभोपदेशक 2:26 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
सभोपदेशक 2:26 (HINIRV) »
जो मनुष्य परमेश्‍वर की दृष्टि में अच्छा है, उसको वह बुद्धि और ज्ञान और आनन्द देता है; परन्तु पापी को वह दुःख भरा काम ही देता है कि वह उसको देने के लिये संचय करके ढेर लगाए जो परमेश्‍वर की दृष्टि में अच्छा हो। यह भी व्यर्थ और वायु को पकड़ना है*।

नीतिवचन 28:8 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 28:8 (HINIRV) »
जो अपना धन ब्याज से बढ़ाता है*, वह उसके लिये बटोरता है जो कंगालों पर अनुग्रह करता है।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें