अय्यूब 28:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

शुद्ध सोने से वह मोल लिया नहीं जाता। और न उसके दाम के लिये चाँदी तौली जाती है।

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अय्यूब 28:15 पद-दर-पद बाइबल टीका

अय्यूब 28:15 का संकेत एवं समग्र अर्थ

यह पद अय्यूब की कविता-शृंखला के भीतर है, जहाँ संसार की गहनताओं और मनुष्य की खोजी प्रकृति पर प्रभु की ज्ञान-कीर्ति उभरती है। यहाँ के शिल्प में बताया गया है कि व्यवहारिक समृद्धि तथा आभुषणीय मूल्य से परे एक ऐसी वस्तु है जिसे न तो शुद्ध सोना मोल सकता है और न ही चाँदी उसे तौल सकती है। यह कथन वित्तीय संपदा की सीमाओं को उद्घाटित करता है और बताता है कि वास्तविक मूल्य किसी बाहरी धातु में नहीं, बल्कि परम ज्ञान और परम सत्ता के साथ सम्बन्ध में निहित है।

मुख्य अर्थ

पद यह दर्शाता है कि परम सत्य और आध्यात्मिक मूल्य अनिवार्य रूप से सांसारिक धन-सम्पदा के दायरे में नहीं आते। पैसा, सोना या तौला जाने वाला दाम सब सीमित हैं; परन्तु शुद्ध सोना भी उस मूल्य को नहीं पटा सकता जो परम सत्य, पुण्य और परम कृपा में है। सहज शब्दों में: वास्तविक मूल्य वस्तुओं के बाजार भाव से परे है, और वह आत्मा की स्थिति, ईश्वर के साथ रिश्ता और सही जीवन-यत्न में निहित है।

核心 विषय

  • बोध की वास्तविक कीमत: बाहरी संपदा परे की चीज है, जबकि आंतरिक जीवन का मूल्य अद्वितीय है।
  • धन-मूल्यों की सीमाएं: भौतिक सम्पदा कभी भी ईश्वर-निर्णय की पूर्ति नहीं कर सकती।
  • धार्मिक विवेक और कष्ट: दुखद परिस्थियों में भी परम सत्ता के साथ निरंतर विश्वास का महत्त्व।

संबद्ध passagem (Cross-references) और संक्षिप्त स्पष्टीकरण

  • प्रस्थान 3:14-15 — ज्ञान और समझ धन से अधिक मूल्यवान हैं; प्रकृति की गूढ़ीयताओं में वास्तविक मूल्य निहित रहता है।
  • मत्ती 6:19-21 — आकाशीय चढ़ाव के लिए क्या संचित किया जाए— earthly treasures पर नहीं, परन्तु दिल की अभिलाषाओं के केंद्र पर निर्भर है।
  • 1 कुरिन्थियों 4:5 — ईश्वर हर चीज को उचित प्रकाश में देखेगा; मनुष्य की आकलन सीमित है, पर परमेश्वर का निर्णय सर्वोपरि है।

व्यावहारिक चिंतन

हम अपनी उपलब्धियों और संपत्ति को मूल्यांकित करते समय कई बार दृष्टिहीन हो जाते हैं कि असली मूल्य क्या है। इस पद से प्रेरणा मिलती है कि धन के बावजूद, आत्म-परख, नैतिक आचरण और ईश्वर के साथ सच्चे संबंध ही जीवन मूल्य को आकार देते हैं। कठिन समय में भी ईश्वर के प्रति भरोसा बनाए रखना, और मूल्य-निर्णय में नम्रता रखना जरूरी है।

संक्षिप्त निष्कर्ष

अय्यूब 28:15 एक स्पष्ट स्मरण देता है: शुद्ध सोना भी उसे नहीं मोल सकता जिस पर परम सत्य और आध्यात्मिक ज्ञान का मूल्य है। इस अर्थ में, जीवन की सच्ची संपदा वह है जिसे हम परमेश्वर के साथ अपने संबंध और नैतिक आचरण में पाते हैं, न कि merely भौतिक धरोहरों में।

नोट्स

यह टिप्पणी HINIRV प्रकार के पाठ के साथ भाव-गठन और सामान्य अर्थ पर केंद्रित है। प्रसिद्ध पवित्र-वचनार्थियों के समान उद्धरण-तत्व नीचे नहीं दिये गये हैं, किन्तु Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के समान विचार-धाराओं का समेकित समन्वय किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

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