Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
अय्यूब 1 अय्यूब 2 अय्यूब 3 अय्यूब 4 अय्यूब 5 अय्यूब 6 अय्यूब 7 अय्यूब 8 अय्यूब 9 अय्यूब 10 अय्यूब 11 अय्यूब 12 अय्यूब 13 अय्यूब 14 अय्यूब 15 अय्यूब 16 अय्यूब 17 अय्यूब 18 अय्यूब 19 अय्यूब 20 अय्यूब 21 अय्यूब 22 अय्यूब 23 अय्यूब 24 अय्यूब 25 अय्यूब 26 अय्यूब 27 अय्यूब 28 अय्यूब 29 अय्यूब 30 अय्यूब 31 अय्यूब 32 अय्यूब 33 अय्यूब 34 अय्यूब 35 अय्यूब 36 अय्यूब 37 अय्यूब 38 अय्यूब 39 अय्यूब 40 अय्यूब 41 अय्यूब 42Verse
अय्यूब 3:1 अय्यूब 3:2 अय्यूब 3:3 अय्यूब 3:4 अय्यूब 3:5 अय्यूब 3:6 अय्यूब 3:7 अय्यूब 3:8 अय्यूब 3:9 अय्यूब 3:10 अय्यूब 3:11 अय्यूब 3:12 अय्यूब 3:13 अय्यूब 3:14 अय्यूब 3:15 अय्यूब 3:16 अय्यूब 3:17 अय्यूब 3:18 अय्यूब 3:19 अय्यूब 3:20 अय्यूब 3:21 अय्यूब 3:22 अय्यूब 3:23 अय्यूब 3:24 अय्यूब 3:25 अय्यूब 3:26



अय्यूब 3:17 पर टिप्पणी — दुष्टों के दशा और विश्राम
मुख्य interpretive बिंदु: इस पद में अय्यूब बताता है कि जीवन की कठिनाई और मानव दुःख के पश्चात् दुष्ट लोगों के लिए मृत्यु के बाद का उल्लास नहीं होता, बल्कि वहाँ वह शांति और विश्राम पाते हैं जो इस पृथ्वी पर उनके अधर्म के कारण नहीं मिल पाता। यह बात मौलिक रूप से दृढ़ करती है कि जीवन-स्थितियों में मिलने वाला भोग-विलास या आराम, परमेश्वर के सामने न्याय से मुक्त नहीं हो सकता; असली शांति और विश्राम केवल प्रभु की उपस्थिति और उनकी व्यवस्था में है।
साहित्यिक संदर्भ (पाठ-परिप्रेक्ष्य)
यह अय्यूब के कष्टों के बीच की आवाज है—एक व्यक्ति जो जीवन की गहरी पीड़ा से गुजर रहा है। यह श्लेष्मय और कटु अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि एक आत्म-खोज है कि दुःख में भी कौन सा अंत स्थापित है। शास्त्रीय टिप्पणीकारों के अनुसार इस वाक्य में “दुष्ट” और “थके-माँदे विश्राम” के बीच का विरोधाभास दिखता है: इस जीवन में जो आराम दिखता है वह स्थायी नहीं है; वास्तव में परमेश्वर के न्याय के दिन ही वास्तविक शांति मिलती है।
धर्मशास्त्रीय महत्त्व
- न्याय और दंड का विचार: दुष्ट लोग इस जीवन में आराम पा लेते हैं, परन्तु अंतिम स्थिति में परमेश्वर के हुक्म के अनुसार उनके भाग्य को निर्धारित किया जाएगा।
– अंतिम शांति की आशा: इस पंक्ति के पीछे यह आशा है कि मृत्यु के बाद का विश्राम वेदना-चेतना से मुक्त, और परमेश्वर के साथ एक स्पष्ट, सत्यपूर्ण शांति है।
पवित्रशास्त्र से सम्बद्ध कड़ियाँ
आत्मिक प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
अय्यूब 3:17 हमें यह याद दिलाता है कि इस पृथ्वी पर जो भी दुष्ट-स्वार्थी आराम दिखता है, वह स्थायी नहीं होता। वास्तविक विश्राम और शांति केवल परमेश्वर के न्याय-प्रकाश में, उनके राज्य के भीतर और मृत्यु के बाद की स्थिति में मिलती है। यह संदेश धैर्य, विश्वास और अंततः परमेश्वर की न्याय-सत्यता की पुष्टि है।
अनुवाद-नोट्स (HINIRV से उद्धरण के लिए)
यदि किसी विशेष वक्तव्य का स्पष्ट उद्धरण आवश्यक हो, तो नीचे के मूल विचारों को संदर्भित करें: दुष्टों की अभी की शांति-tempora और अंतिम विश्राम के बीच का अंतर; और mortality के बाद की शांति का नवीनीकरण।
एन््टोन-उद्धृत टिप्पणी से संक्षिप्त उद्धरण (जहाँ लागू): Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों के सार को समाहित किया गया है; यदि उपलब्ध हो तो इन टिप्पणीकारों के सीधे वाक्यांशों की संक्षिप्त मौखिक-उद्धृत पंक्तियाँ केवल आवश्यकतानुसार प्रयोग की जाएंगी, अन्यथा विचारों का समेकन दिया गया है।