Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
अय्यूब 1 अय्यूब 2 अय्यूब 3 अय्यूब 4 अय्यूब 5 अय्यूब 6 अय्यूब 7 अय्यूब 8 अय्यूब 9 अय्यूब 10 अय्यूब 11 अय्यूब 12 अय्यूब 13 अय्यूब 14 अय्यूब 15 अय्यूब 16 अय्यूब 17 अय्यूब 18 अय्यूब 19 अय्यूब 20 अय्यूब 21 अय्यूब 22 अय्यूब 23 अय्यूब 24 अय्यूब 25 अय्यूब 26 अय्यूब 27 अय्यूब 28 अय्यूब 29 अय्यूब 30 अय्यूब 31 अय्यूब 32 अय्यूब 33 अय्यूब 34 अय्यूब 35 अय्यूब 36 अय्यूब 37 अय्यूब 38 अय्यूब 39 अय्यूब 40 अय्यूब 41 अय्यूब 42



अय्यूब 42:15 का महत्व और संदर्भ
यह पद अय्यूब की भौतिक आशीषों के पूरा होने की कथा के अंत में आता है। पूरे भाग के भीतर, दिव्य न्याय और दयालुता की कहानी बल देती है: भगवान ने अय्यूब के धीर-स्वीकृति और असहायता के बीच भी उसकी पवित्रता को मान्यता दी। पंक्ति बताती है कि समाज की दृष्टि में भीमती, सुंदर और महत्वपूर्ण स्त्रियाँ किसी भी अन्य गुण से अधिक नहीं, बल्कि उनके पिता ने उन्हें संपत्ति से भी एक विशेष स्थान दिया—यह संकेत देता है कि परिवारिक सम्मान और सामाजिक मान अलग-अलग आयामों में संतुलित होते हैं।
पार्श्व संदर्भ: मूल संदर्भ और संदेश
कथानक में अय्यूब के समान्य वैभव के बाद, उसके मित्रों की बातें और उसकी बीमारी का परीक्षण आता है। आख़िर में, परमेश्वर ने अय्यूब की दृढ़ आस्था का सम्मान किया और उसे पुनः संपन्न किया। इस पद में स्पष्ट है कि उन दिनों समाज के भीतर भी पुत्रियों का सम्मान, उनकी सुरक्षा और संपत्ति में उनका स्थान मान्यता पाता था। यह दिखाता है कि भौतिक संपत्ति के साथ-साथ परिवार की आंतरिक प्रतिष्ठा भी परमेश्वर की योजनाओं में एक भूमिका निभाती है।
मुख्य संदेश
- पारिवारिक और सामाजिक मान–मर्यादा की पुनः पुष्टि: पुत्रियों का सौंदर्य और उनका सामाजिक लाभ उनके पिता की उदारता के साथ जुड़ा है।
- परमेश्वर की पवित्रता और न्याय: अय्यूब के अनुभवों के बाद भी सुंदरता और संपत्ति का संतुलन परमेश्वर के उद्धार के काम का भाग बनता है।
धार्मिक विषयक टुकड़े जो जुड़े रहते हैं
- विश्वास की परीक्षा के समय भलाई के संकेत: किस प्रकार परमेश्वर ने अय्यूब के मनुष्यत्व और रचना के प्रति विश्वास का पुनर्मूल्यांकन किया।
- स्मृति-निष्ठा और दयालुपूर्ण पौरुष: परिवार की महिलाएँ समाज की संरचना में एक केंद्रीय स्थान की प्रतीक बनती हैं।
व्यावहारिक cross-references
सूचनात्मक टिप्पणी
पद में जो बात स्पष्ट है वह यह कि अय्यूब के परिवार में स्त्रियों को केवल पारंपरिक संपत्ति-सम्बन्धी भूमिका नहीं दी गई, बल्कि उनका गुण-सौंदर्य और पिता द्वारा सम्पत्ति में उनकी हिस्सेदारी एक सामाजिक स्तर पर भी मान्यता का प्रतीक है। यह दिखाता है कि भले ही धन-दौलत एक समय घट-आसक्ति का विषय हो, परन्तु परिवार के भीतर हर सदस्य का सम्मान और सुरक्षा परमेश्वर के उद्देश्य के अनुसार है।
संक्षिप्त देवotional विचार
हम अक्सर जीवन के कठिनपन में भौतिक कमी को असफलता समझ लेते हैं। अय्यूब के अनुभव इस बात की याद दिलाते हैं कि परमेश्वर का लक्ष्य सिर्फ हमारी गड़बड़ी को पलटना नहीं, बल्कि हमारे दिल की पवित्रता और परिवार-समर्थन के सच को दृढ़ करना है। स्त्रियों के सम्मान के इस संकेत से सीखिए: सुंदरता और संपत्ति एक साथ नहीं, बल्कि एक संग बनकर जीवन में अच्छाइयों की सुरक्षा बनती हैं। हर परिस्थिति में ईमानदारी और दयालुता के साथ आगे बढ़ें, ताकि परमेश्वर की नीति आपके घर-परिवार तक समान रूप से पहुँचे।
नोट: नीचे दिए गए उद्धरण केवल स्पष्ट रूप से उल्लेखित सार्वजनिक-डायरेक्ट commentary से हैं—Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सुरक्षित उद्धरण यदि उपलब्ध हों।