Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
यूहन्ना 3:1 यूहन्ना 3:2 यूहन्ना 3:3 यूहन्ना 3:4 यूहन्ना 3:5 यूहन्ना 3:6 यूहन्ना 3:7 यूहन्ना 3:8 यूहन्ना 3:9 यूहन्ना 3:10 यूहन्ना 3:11 यूहन्ना 3:12 यूहन्ना 3:13 यूहन्ना 3:14 यूहन्ना 3:15 यूहन्ना 3:16 यूहन्ना 3:17 यूहन्ना 3:18 यूहन्ना 3:19 यूहन्ना 3:20 यूहन्ना 3:21 यूहन्ना 3:22 यूहन्ना 3:23 यूहन्ना 3:24 यूहन्ना 3:25 यूहन्ना 3:26 यूहन्ना 3:27 यूहन्ना 3:28 यूहन्ना 3:29 यूहन्ना 3:30 यूहन्ना 3:31 यूहन्ना 3:32 यूहन्ना 3:33 यूहन्ना 3:34 यूहन्ना 3:35 यूहन्ना 3:36



योहन्ना 3:7 का संदर्भ और विचार
यह वाक्य यूहन्ना के Gospel के निकट-उद्धार-यात्रा में यीशु के साथ नायक-न्यू जन्म के बारे में एक प्रमुख चमत्कार के दौरान कहा गया है। नुसार, यीशु नायिका नोह यही बात निक्रमण के प्रसिद्ध धार्मिक नेता नीकोदेमुस से कर रहे हैं, जो परिपक्व धार्मिक ज्ञान के बावजूद आत्म-परिवर्तन की आवश्यकता को नहीं समझ पाते। यीशु कह रहे हैं कि आकाश से आना और नया जन्म लेना मनुष्य के संपूर्ण परिवर्तन के बिना संभव नहीं है।यह वाक्य, जो “तुझे नये सिरे से जन्म लेना अवश्य है” कहता है, वह सिर्फ शारीरिक जन्म नहीं, बल्कि आत्मिक जन्म की बात करता है—जो परमेश्वर के कार्य से होता है।
मुख्य अर्थ (Central meaning)
येशू दो बातें स्पष्ट करते हैं: एक भीतर का परिवर्तन और परमेश्वर द्वारा दिया गया नया जीवन। बाहरी रीति-रिवाज या जन्म-संबंधी परंपरा से नहीं, बल्कि आत्मा के द्वारा दिया गया नया जन्म ही परमेश्वर के राज्य में प्रवेश का मार्ग है। यह जन्म चेतना-पूर्ण है, जिसमें मानवीय इच्छा-बल कम, परमेश्वर की कृपा अधिक निर्णायक भूमिका निभाती है।
दो-तीन प्रमुख विषय
संबद्ध आयतें (Cross-references) और उनका छोटा संकेत
- रोम 6:4: नया जीवन शुद्ध सामर्थ्य के साथ मिलता है—समय के साथ पुरानी जीवन-शैली छोड़कर नया आचरण।
- 2 कुरिन्थ 5:17: जो मसीह में है वह नया सृजन है; पुराने विषय निकल गए, देखो, सब नया हो गया है।
- 1 पतरस 1:3: परम पिता की दया से हम नई जन्म के कारण जीवन-आशा से जीते हैं।
व्यावहारिक पुनरावलोकन
व्यावहारिक जीवन में इसका अर्थ है: व्यक्तिगत आत्म-चिन्तन करें, किन बातों से आपका दिल और दृष्टिकोण बदला है? क्या आप परमेश्वर की कृपा से पवित्र जीवन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं? नये जन्म की प्रक्रिया आत्म-आत्माओं के लिए एक सतत यात्रा है, जिसमें बपतिस्मा, प्रार्थना और पवित्रशास्त्र के अनुसार जीवन-यापन शुरीय रूप से मार्गदर्शित होते हैं।
संक्षिप्त निष्कर्ष
यीशु का यह उद्घोष हमें याद दिलाता है कि ईश्वर के राज्य में प्रवेश के लिए सही जन्म आवश्यक है—आत्मिक जन्म, जो आत्मा द्वारा होता है। यह जन्म मानव-परिचय, परंपरा या केवल बाहरी कर्मों से संभव नहीं, बल्कि परमेश्वर की कृपा और जीवन में परिवर्तन से जुड़ा है।
ऐतिहासिक टिप्पणी (संश्लेषण) और उद्धरण
विवेचन में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसे सार्वजनिक डोमिन-उद्धरणकारों के संक्षिप्त विचार मिलते हैं: यह स्पष्ट है कि नया जन्म बाहर से नहीं, बल्कि अंतर से आता है; मनुष्य अपनी इच्छा से नहीं, पर परमेश्वर की कृपा से पुनर्जीवित होता है। लेखकसार इस प्रकार से संगत रहता है कि आध्यात्मिक परिवर्तन आवश्यक है, वरना व्यक्ति आत्म-उद्धार की सचाई को नहीं देख पाता।
उद्धृतियों का संक्षेप संकेत:
Matthew Henry: “The new birth is required as the condition of entering into the kingdom of God.”
Albert Barnes: “Not the carnal birth, but the spiritual birth, which is wrought in us by the Spirit.”
Adam Clarke: “Regeneration is a work of God’s Spirit upon the heart, renewing the inner man.”