Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
इफिसियों 4:1 इफिसियों 4:2 इफिसियों 4:3 इफिसियों 4:4 इफिसियों 4:5 इफिसियों 4:6 इफिसियों 4:7 इफिसियों 4:8 इफिसियों 4:9 इफिसियों 4:10 इफिसियों 4:11 इफिसियों 4:12 इफिसियों 4:13 इफिसियों 4:14 इफिसियों 4:15 इफिसियों 4:16 इफिसियों 4:17 इफिसियों 4:18 इफिसियों 4:19 इफिसियों 4:20 इफिसियों 4:21 इफिसियों 4:22 इफिसियों 4:23 इफिसियों 4:24 इफिसियों 4:25 इफिसियों 4:26 इफिसियों 4:27 इफिसियों 4:28 इफिसियों 4:29 इफिसियों 4:30 इफिसियों 4:31 इफिसियों 4:32



इफिसियों 4:22 पर पीछे का पुराना मनुष्य और नया जीवन
इस पद में पवित्र प्रेरित पतरस के प्रेरक शब्दों के भीतर मसीह-युग की यात्रा का मूल अनुभव उभरकर आता है: पुराने आदमी को उतार डालना और नये जीवन को धारण करना। यहाँ कुल दो हिस्से में स्पष्ट निर्देश है—पहला, चाल-चलन के पुराने मनुष्यत्व को त्यागना; दूसरा, नया निर्माण गहना-बांधना। यह संदेश हमारे दैनिक व्यवहार, विचार-धारा और आत्म-नियंत्रण के संबंध में केंद्रित है।
पद का अध्यायगत संदर्भ
यही अध्याय इफिसियों में नया जीवन, एकात्मता, और मसीह के अनुसार व्यवहार के विषयों पर केंद्रित है। 4:22 विशेष रूप से पुराने मनुष्यत्व के भ्रष्ट-आचरणों से दूरी बनाने और सत्य में लगाए गये नए व्यक्ति की अनुभूति के लिए लोकलाभ देता है। यह परिवर्तन स्वयं-उद्धार का नहीं, बल्कि परमेश्वर के नये निर्माण की प्रकृति से आता है—जहाँ विश्वासी अपने विचारों, शब्दों और कर्मों को एक नई दिशा में मोड़ते हैं।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
अन्य विश्वासियों का प्रभावशाली दृष्टिकोण
महत्वपूर्ण उद्धरण और संदर्भ-व्यवस्था के लिए नीचे के प्रचलित विवेचन देखें:
Matthew Henry: पुराने मनुष्य को और उसकी भ्रष्ट-आवृत्तियों को जानबूझकर छोड़ा जाना चाहिए ताकि नया जीवन सक्रिय हो सके।
Albert Barnes: यह बदलाव एक पूरी पुनः-कुटुम्बीकरण है—हृदय की नयी बुनावट जो सतह के कर्मों से अधिक गहरी है।
Adam Clarke: पुराने मनुष्य की भ्रष्ट प्रवृत्ति से मुक्त होना, और क्रिस्तीय आचरण को धारण करना, इससे नैतिक और धार्मिक जीवन का क्रम चल पड़ता है।
अन्वेषणात्मक क्रॉस-रेफरेंसे
1) रोम 6:6—दिखाता है कि 우리의 पुराने शरीर को मसीह के साथ क्रूस पर क्रूसित किया गया ताकि पाप की शक्तियाँ समाप्त हों।
2) तीत 3:3—समय-समय पर पुरानी जड़ियों से अलग होकर नया जीवन अपनाने की प्रेरणा देता है।
3) क्लु 3:9—पुराने राजनैतिक-आचार को छोड़कर नया आचरण धारण करने की बात बताता है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
संक्षेप
इफिसियों 4:22 कहता है कि विश्वास में जीने के लिए हमें अपने चाल-चलन के पुराने मनुष्यत्व को छोड़ देना चाहिए—भ्रष्ट होती अभिलाषाओं के अनुसार—notions और actions—और नए जीवन को धारण करना चाहिए जो पवित्र आत्मा के नेतृत्व में है। यह परिवर्तन केवल एक बाहरी नियम नहीं, बल्कि हृदय-परिवर्तन है जो विश्वस्त को मसीह-प्रेम से जोड़ता है।
याद रखने योग्य क्रॉस-रेफरेंसे: रोम 12:2; कोलो. 3:9-10; ईफि. 5:8.