योना 4:5 बाइबल पद की व्याख्या
योना 4:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इस पर योना उस नगर से निकलकर, उसकी पूरब ओर बैठ गया; और वहाँ एक छप्पर बनाकर उसकी छाया में बैठा हुआ यह देखने लगा कि नगर का क्या होगा?
योना 4:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
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योना 4:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 राजाओं 19:13 (HINIRV) »
यह सुनते ही एलिय्याह ने अपना मुँह चद्दर से ढाँपा, और बाहर जाकर गुफा के द्वार पर खड़ा हुआ। फिर एक शब्द उसे सुनाई दिया, “हे एलिय्याह तेरा यहाँ क्या काम?”

1 राजाओं 19:9 (HINIRV) »
वहाँ वह एक गुफा में जाकर टिका और यहोवा का यह वचन उसके पास पहुँचा, “हे एलिय्याह तेरा यहाँ क्या काम?”

योना 4:5 पर मौलिक बिंदु: परम पोषणकारी उद्धार का विरोधाभास
開始 में स्पष्ट सार: योना ने निंदा से घिरे नगर नीनो के भविष्य के बारे में एक तात्कालिक, मानवीय आशंका से पन्नी-सी दूरी बना ली। नीनो के दुर्बल लोगों के साथ भगवान की करुणा के निहितार्थ को मैं देखने गया, ताकि यह स्पष्ट हो कि परमेश्वर की दया और मनुष्यों की प्रतिक्रिया के बीच संघर्ष किस तरह चल रहा है।
literary context (साहित्यिक संदर्भ)
योना के शुरू में हम पाते हैं कि एक प्रेषक की कहानी एक पश्चाताप-यात्रा नहीं बल्कि एक दया-आह्वान है। योना 4:5 वह मोड़ है जहाँ नीनो में आए परिणाम पर मानवीय दृष्टिकोण के साथ ईश्वर की समान दया के परीक्षण को देखने को मिलता है। योना बाहर निकलकर पूरब की दिशा में बैठ गया और एक छप्पर बनाकर उसकी छाया में बैठकर नगर के परिणाम को देखने लगा। यह गतिशीलता एक आदेश के उत्तर-स्वरूप है: यह न केवल निष्कासन, बल्कि दया-स्वीकृति के भीतर की जिज्ञासा को दिखाती है।
theological significance (धार्मिक महत्त्व)
यह दृश्य भगवान की करुणा की गहराई को दर्शाता है—नीनो की बुराइयों के बावजूद उनकी पूजा, दया और क्षमा की संभावनाओं की उम्मीद। योना की यह प्रतिक्रिया—अपेक्षा के विरुद्ध—यह दर्शाती है कि परमेश्वर का दयालु दृष्टिकोण मानवीय पूर्वाग्रहों से परे है। यह भी संकेत देता है कि दया की योजना हर व्यक्ति के लिए खुली रह सकती है, यदि वह repent करे और Godward लौटे।
cross-references (अनुकूल संदर्भ)
इन संदर्भों से एक सामान्य निष्कर्ष निकलता है: दया एक क्रियात्मक, विस्मयकारी शक्ति है जो मानवीय निगाहों के परे जाकर परिवर्तन कर सकती है।
reflection questions (सोच-विचार के लिए प्रश्न)
concise conclusion (संक्षिप्त निष्कर्ष)
योना 4:5 हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर की दया मानव दशा से ऊपर है और उसकी करुणा हर काल में नए अवसर खोलती है। योना की दृश्य-आख्यान में नगर के परिणाम की प्रतीक्षा मात्र नहीं, बल्कि दया की दिशा में एक पुनरावर्तन भी है—जो हमें अपने मन में भी दयालु होने की प्रेरणा देता है।
लेखकयुक्त टिप्पणी: इस पंक्ति के भीतर Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-domain संदर्भों की छोटी-सी उद्धरण-रेखा मिलती है, परन्तु पूर्ण पाठ उद्धरण नहीं दिया गया है।