योना 4:10 बाइबल पद की व्याख्या
योना 4:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब यहोवा ने कहा, “जिस रेंड़ के पेड़ के लिये तूने कुछ परिश्रम नहीं किया, न उसको बढ़ाया, जो एक ही रात में हुआ, और एक ही रात में नाश भी हुआ; उस पर तूने तरस खाई है।
योना 4:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
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योना 4:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 शमूएल 20:31 (HINIRV) »
क्योंकि जब तक यिशै का पुत्र भूमि पर जीवित रहेगा, तब तक न तो तू और न तेरा राज्य स्थिर रहेगा। इसलिए अभी भेजकर उसे मेरे पास ला, क्योंकि निश्चय वह मार डाला जाएगा।”

उत्पत्ति 17:12 (HINIRV) »
पीढ़ी-पीढ़ी में केवल तेरे वंश ही के लोग नहीं पर जो तेरे घर में उत्पन्न हुआ हों, अथवा परदेशियों को रूपा देकर मोल लिया जाए, ऐसे सब पुरुष भी जब आठ दिन* के हों जाएँ, तब उनका खतना किया जाए।
योनाह 4:10 पर टिप्पणी—परिश्रम और करुणा की सीमा
यह वाक्य कह देता है कि परमेश्वर ने न बनते-टूटते शीघ्र परिणामों पर भी दयालु दृष्टि रखने की शिक्षा दी है। यहोवा ने यहूना की नाराज़गी के संदेश के उत्तर में कहा कि वह जिन रेंड़ के पेड़ों पर कोई फल नहीं दिखा, न बढ़ोतरी हुई और जो एक रात में उगे और एक रात में मटी, उनके लिए भी दया दिखाते हैं। यह बताता है कि परमेश्वर का करुणामय ध्यान सकारात्मक परिवर्तन के लिए खुला रहता है, भले ही इंसान किसी क्षणिक असफलता पर मोह कर रहा हो।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
योना की किताब में निबन्धित कथा एक ईश्वर-प्रेरित संदेश के माध्यम से धार्मिक ध्वनि-धारणाओं पर प्रश्न उठाती है। जोनाह नबियों के तौर पर यह संदेश मान लेता है, फिर भी वह नाखुश रहता है। इस आयत में परमेश्वर का उत्तर: वह नहीं चाहता कि किसीेतर पश्चाताप न हो; वह उन व्यक्तियों की उदारता और करुणा की सराहना करते हैं जो परिवर्तन की राह में हैं, चाहे वह एक पत्ते के पन्ने-जैसा भी हो।
interpretive observations (मुख्य व्याख्या नज़रिए)
थीमेटिक संक्षेप
संबद्ध बाइबल अंश (छोटे-संदर्भ के साथ)
नीचे कुछ क्रॉस-रेफरेंसेज़ दी गई हैं, वे मूल पाठ के समानार्थी विचार प्रस्तुत करती हैं:
इन संदर्भों से सिद्ध होता है कि परमेश्वर की करुणा समय-समय पर उद्धार के अवसर खोलती है और अस्थिरता के बीच भी परिवर्तन की उम्मीद बनाए रखती है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
1) संकट के समय भी दयायुक्त दृष्टिकोण अपनाएं; परिवर्तन के अवसर खोजें।
2) दूसरों के लिए करुणा दिखाने से समाज में सुधार की चिंगारी जल सकती है।
3) खुद पर नज़र रखें: यदि आप पिछड़ रहे हों तो भी सुधार संभव है—परमेश्वर आपकी राह में सहायता करने को तत्पर है।
टीका—एतिहासिक टिप्पणियाँ (संक्षिप्त)
अलबर्ट बार्न्स, एडम क्लार्क और मैथ्यू हेनरी के सार्वजनिक-डायरी-छोटे शब्द इस दृश्य में यह संकेत करते हैं कि परमेश्वर की प्रेरणा और दया समय-समय पर मानवीय परिवर्तन के लिए ज़रूरी है।
उद्धरणों के लिए नोट: यदि आप किसी स्रोत के शब्दों को हू-ब-हू चाहते हैं, तो कृपया बताएं; मैं केवल उसी स्तर के संक्षिप्त, उद्धृत अंश जुटाकर दे सकता/सकती हूँ।