योना 4:11 बाइबल पद की व्याख्या
योना 4:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
फिर यह बड़ा नगर नीनवे, जिसमें एक लाख बीस हजार से अधिक मनुष्य हैं, जो अपने दाहिने बाएं हाथों का भेद नहीं पहचानते, और बहुत घरेलू पशु भी उसमें रहते हैं, तो क्या मैं उस पर तरस न खाऊँ?”
योना 4:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
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योना 4:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
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योना 1:2 (HINIRV) »
“उठकर उस बड़े नगर नीनवे को जा, और उसके विरुद्ध प्रचार कर; क्योंकि उसकी बुराई मेरी दृष्टि में आ चुकी है।”

मत्ती 18:33 (HINIRV) »
इसलिए जैसा मैंने तुझ पर दया की, वैसे ही क्या तुझे भी अपने संगी दास पर दया करना नहीं चाहिए था?’

लूका 15:28 (HINIRV) »
यह सुनकर वह क्रोध से भर गया और भीतर जाना न चाहा: परन्तु उसका पिता बाहर आकर उसे मनाने लगा।
योनाह 4:11 — समझ का सार
इस पद का तात्पर्य है: परमेश्वर की दया उन लोगों तक पहुंचना चाहती है जो ग़लत या दुष्ट समझे जाते हैं, तथा घृणित-निंदित नहीं, बल्कि उद्धार के योग्य माने जाते हैं। नीनवे का विशाल नगर, जिसमें अधिक लाख-बीस हजार लोग थे, उन लोगों के प्रति परमेश्वर की करुणा और न्याय का संतुलन स्पष्ट करता है; यदि वे परमेश्वर के चरणों में लौट आएं, तो उन्हें भी आशा दी जा सकती है।
पृष्ठभूमि — पढ़ाने की पृष्ठभूमि
योना को परमेश्वर ने निर्गमन-कार्य के लिए नीनवे जाना कहा, पर उसने भागकर समुद्र के रास्ते से भागने की कोशिश की। बाद में उसने नीनवे जाकर preached किया, और नगर ने पश्चाताप किया। Chapter 4 में योना आपत्ति और गर्व के भाव दिखाता है, और परमेश्वर का दयालु उद्धारशील स्वभाव उजागर होता है—नहीं तो नीनवे की जनता को बिना दया के नष्ट किया जा सकता था।
व्याख्या के मुख्य चिह्न
मुख्य निष्कर्ष (interpretive observations)
- परमेश्वर की करुणा सार्वभौमिक है: भले ही लोग कौन हों, उसका हृदय उद्धार की संभावना खोलता है।
- दया बनाम न्याय की बहस नहीं; यहाँ दया का प्रमुख स्थान है, क्योंकि यदि नगर ने पश्चाताप किया तो तब उसे दया मिल सकती है।
- नीनवे के पाठ ने बाइबल में मूलभूत सिद्धांत दिखाया: परमेश्वर लोगों के लिए उद्धार की योजना बनाते हैं, और विश्वास/प्रतिशोध के बीच संतुलन बनाए रखते हैं।
उद्धृत टिप्पणी से प्रेरित संक्षिप्त मार्गदर्शन
- Matthew Henry के संकेत: नगर के लिए दया की संभावना को वह “दयालु प्रभु” के रूप में देखते हैं, जो पश्चाताप के संकेत पर भी करुणा देता है।
- Albert Barnes के संकेत: दया और न्याय के बीच संतुलन, और नीनवे के नागरिकों के प्रतिवर्तन की आवश्यकता, यह दर्शाता है कि धार्मिक चेतना में परिवर्तन ही वास्तविक उद्धार है।
- Adam Clarke के संकेत: उद्धार का संदेश सार्वभौमिक है; यहाँ भी परमेश्वर की सहनशीलता और चकित कर देने वाली दया का प्रदर्शन है।
क्रॉस-रेफरनस (संक्षिप्त) और उनका तात्पर्य
1) रोम 2:4 — परमेश्वर की उदारता उद्धार का मार्ग बनती है; यह दर्शाता है कि दया के कारण ही लोग मोड़ते हैं।
2) योना 3:10 — नगर ने परिवर्तन के संकेत दिए, इसलिए परमेश्वर ने दया दिखाई।
3) एक्सोडस 32:14 — प्रभु की करुणा और मानवीय प्रार्थना से विचारों में परिवर्तन संभव है।
व्यावहारिक takeaway
हमें यह सीख मिलती है कि किसी भी समुदाय या व्यक्ति के पुनः-प्रवेश की आशा बनी रहती है, जब वे आत्म-निष्ठा से पलटते हैं और परमेश्वर की कृपा पर भरोसा करते हैं। हम अपने प्रार्थना-आधार को दया-केन्द्रित रखें और नफरत-पूर्वक नहीं, प्रेम-पूर्वक दृष्टिकोण अपनाएं।
सार: योना 4:11 में परमेश्वर की दया की विराटता बताती है—यह नगर भी उद्धार के योग्य था यदि उसने पश्चाताप किया होता; हमारी दृष्टि में भी सभी के लिए दया का अवसर खुला रहता है