Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मरकुस 11:1 मरकुस 11:2 मरकुस 11:3 मरकुस 11:4 मरकुस 11:5 मरकुस 11:6 मरकुस 11:7 मरकुस 11:8 मरकुस 11:9 मरकुस 11:10 मरकुस 11:11 मरकुस 11:12 मरकुस 11:13 मरकुस 11:14 मरकुस 11:15 मरकुस 11:16 मरकुस 11:17 मरकुस 11:18 मरकुस 11:19 मरकुस 11:20 मरकुस 11:21 मरकुस 11:22 मरकुस 11:23 मरकुस 11:24 मरकुस 11:25 मरकुस 11:26 मरकुस 11:27 मरकुस 11:28 मरकुस 11:29 मरकुस 11:30 मरकुस 11:31 मरकुस 11:32 मरकुस 11:33



सीधे शब्दों में अर्थ
मरकुस 11:1 में যिक्र यरूशलेम की दिशा में आगे बढ़ते हुए जैतून पहाड़ के पास बैतफगे और बैतनिय्याह के पास यीशु अपने चेलों से दो नामों का उल्लेख करके बैकशी (बात) कर लेते हैं—यही सेशला यात्रा की महत्त्वपूर्ण शुरुआत होती है। यहाँ धार्मिक-राजसी-राजमार्ग पर प्रभु यीशु अपने मिशन को स्पष्ट करते हैं, और उनके निमंत्रण का संकेत मिलता है कि वह एक विशिष्ट कार्य के लिए यात्रा कर रहे हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पाठ पत्थर-सीमत मार्ग पर है, जब यीशु यीशु के प्रचार-कार्य के क्रम में यरूशलेम की ओर बढ़ रहे हैं। जैतून पहाड़ और बैतफगे क्षेत्र जीवंत मार्ग-स्थल हैं, जहाँ से यीशु ने अपने भविष्य के आगमन, क्रूस-यात्रा और नगर-कार्य की दिशा-निर्देश जाहिर किये। इस समय चेलों को दो सार्थक कार्य सौंपे जाते हैं—ताकि वे उसी मिशन का भाग बनें जो अभी-अभी घोषित किया जा रहा है।
interpretive observations
मुख्य विचार
संबद्ध पदों के संग निष्कर्ष (Cross-references)
1) दानिएल 9:25-26 की प्रतीक्षा-सूचना जैसी संरचना—रास्ते की तैयारी और महिमा-घटना का संयोजन।
2) मरकुस 10:32-34—यीशु का यरूशलेम की ओर जैसे-जैसे आगे बढ़ना, क्रूस-यात्रा की दिशा और उनके मिशन की गहनता को जोड़ता है।
3) मत्ती 21:1-11—यात्रा के दौरान नगर-प्रवेश और राजसी प्रतीक का संकेत, जो इस पाठ के बाद स्पष्ट होता है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (Public-domain टिप्पणीकारों के संकेत)
अगर आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke की प्रचलित व्याख्याओं के छोटे उद्धरण चाहते हों, तो नीचे के सार से उठाकर पढ़ें:
क्लेट-टिप: Henry, Barnes, Clarke के विवरणों में धार्मिक-राहदारी और चेलों की भूमिका पर एक संगत, सुसंगत विवेचना मिलती है। ठीक उसी प्रकार, इन टिप्पणीकारों के संक्षिप्त विचारों को सामान्यीकृत रूप में समाहित किया गया है ताकि पाठक के लिए सुसंगत समझ बन सके।
संक्षेपित निष्कर्ष
मरकुस 11:1 हमारे लिए यह स्मरण दिलाता है कि यीशु की यात्रा योजना एक उद्घोषणा है: वह अपनी राह में दैनंदिन के संचालन के साथ परमेश्वर के लिए राज्य-कार्य की तैयारी कर रहे हैं। चेलों को दिए गए निर्देश इस योजना के हिस्से हैं—विश्वास, सेवा और प्रेम के साथ हम भी प्रभु के मिशन में सक्रिय भागीदारी के लिए तैयार रहें।