Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मरकुस 11:1 मरकुस 11:2 मरकुस 11:3 मरकुस 11:4 मरकुस 11:5 मरकुस 11:6 मरकुस 11:7 मरकुस 11:8 मरकुस 11:9 मरकुस 11:10 मरकुस 11:11 मरकुस 11:12 मरकुस 11:13 मरकुस 11:14 मरकुस 11:15 मरकुस 11:16 मरकुस 11:17 मरकुस 11:18 मरकुस 11:19 मरकुस 11:20 मरकुस 11:21 मरकुस 11:22 मरकुस 11:23 मरकुस 11:24 मरकुस 11:25 मरकुस 11:26 मरकुस 11:27 मरकुस 11:28 मरकुस 11:29 मरकुस 11:30 मरकुस 11:31 मरकुस 11:32 मरकुस 11:33



मुख्य व्याख्यात्मक बिंदु
मरकुस 11:19 का यह वाक्य उन घटनाओं के क्रम का भाग है जब यीशु और उसके शिष्य नगर-नगर घूमकर प्रचार कर रहे थे, और सांझ होते ही वे नगर से बाहर चले गए। यह पंक्ति गति, ठहराव और प्रार्थना-प्रवृत्ति के बीच के संतुलन को दर्शाती है—यदि एक दिन में लगभग सभी कार्य समाप्त कर दिए जाएँ, तो रात के समय विश्राम तथा ध्यान का समय चाहिए। साथ ही यह संकेत देता है कि यीशु की यात्रा का एक नियमित ढांचा बन चुका था: प्रचार-कार्य के बाद शांति के लिए प्रेरित-प्रभुत्व के साथ वे कहीं एकांत में चले जाते थे।
पाठ कीLiterary context (साहित्यिक संदर्भ)
इस अध्याय में मरकुस का ढांचा प्रचार-कार्य, दृढ़ नीतियों की चुनौती और विश्वास की परीक्षा के इर्द-गिर्द घूमता है। रविवार के दिन से लेकर विराम तक, यीशु ने लोगों की भीड़ और राजनीतिक-धार्मिक नेताओं के दबाव के बीच, प्रभु के राज्य की वास्तविकता को बताने का काम किया। जिस समय सांझ होती है, वह दर्शाता है कि दिन का कार्य समाप्त हुआ और एकांत-प्रार्थना का समय पुनः आरम्भ होता है—यह क्रम मरकुस के तीव्र-गतिशील récit को स्थायित्व देता है।
theological significance (धार्मिक महत्त्व)
यह वाक्य दर्शाता है कि यीशु का कार्य एक संतुलित जीवन-यात्रा है—कार्य के साथ विश्राम भी। यह बताता है कि प्रभु समय-प्रबंधन और नम्रता के साथ लोगों के बीच रहते हुए भी अपनी सुरक्षा-सीमाओं को समझते हैं। साथ ही, यह संकेत देता है कि लोग जब भूल-चूकों और गलतफहमियों के बीच रहते हैं, तब भी यीशु उनका मार्गदर्शन करने के लिए निकट रहते हैं—परंतु रात में एकांत-समय में अपनी परमेश्वर-आवाज़ सुनी जाती है।
Cross-references (संलग्न क्रॉस-रेफरेंसेस)
Reflection questions (विचार के प्रश्न)
संक्षिप्त निष्कर्ष
मरकुस 11:19 में सांझ होते ही नगर से बाहर जाने की क्रिया हमें दिखाती है कि यीशु की यात्रा में क्रमप्राप्तता और जागरूकता है—दिन भर के प्रचार के बाद एकांत-निष्ठा, प्रार्थना और विश्राम का समय। यह पाठ एकत्रित जीवन-चर्या का एक उद्धरण है: सार्वजनिक सेवा के साथ निजी बंधन भी आवश्यक है ताकि प्रभु के राज्य का संदेश शांति और स्पष्टता के साथ फैल सके।
नोट: नीचे दिए गए उद्धरण साफ-साफ Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से सीधे शब्दों के छोटे-छोटे उद्धरण हैं, यदि उपलब्ध हों।
“And when evening had come, they went out of the city.” — यह एक सरल विवरण है जो दिन-रात्रि के चक्र को उद्धृत करता है; हर दिन की अगली भूमिका के लिए मंच तैयार किया जाता है।