Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
यूहन्ना 12:1 यूहन्ना 12:2 यूहन्ना 12:3 यूहन्ना 12:4 यूहन्ना 12:5 यूहन्ना 12:6 यूहन्ना 12:7 यूहन्ना 12:8 यूहन्ना 12:9 यूहन्ना 12:10 यूहन्ना 12:11 यूहन्ना 12:12 यूहन्ना 12:13 यूहन्ना 12:14 यूहन्ना 12:15 यूहन्ना 12:16 यूहन्ना 12:17 यूहन्ना 12:18 यूहन्ना 12:19 यूहन्ना 12:20 यूहन्ना 12:21 यूहन्ना 12:22 यूहन्ना 12:23 यूहन्ना 12:24 यूहन्ना 12:25 यूहन्ना 12:26 यूहन्ना 12:27 यूहन्ना 12:28 यूहन्ना 12:29 यूहन्ना 12:30 यूहन्ना 12:31 यूहन्ना 12:32 यूहन्ना 12:33 यूहन्ना 12:34 यूहन्ना 12:35 यूहन्ना 12:36 यूहन्ना 12:37 यूहन्ना 12:38 यूहन्ना 12:39 यूहन्ना 12:40 यूहन्ना 12:41 यूहन्ना 12:42 यूहन्ना 12:43 यूहन्ना 12:44 यूहन्ना 12:45 यूहन्ना 12:46 यूहन्ना 12:47 यूहन्ना 12:48 यूहन्ना 12:49 यूहन्ना 12:50



यह वाक्य का सीधा अर्थ
यहोवा के प्रकाश के संदेश के अनुरूप, यूहन्ना 12:36 में यीशु ने छाया-like संकेत से कहा कि जैसे-जैसे आप रोशनी में हैं, विश्वास करें ताकि आप ज्योति के पुत्र बनें। यीशु ने उदाहरण देकर यह स्पष्ट किया कि धरती पर उसका आना और उसके जाने के बाद भी उनके विश्वास से ही जीवन में सचाई और दिशा बनी रहेगी।
सं contextual पृष्ठभूमि
यह पाठ यूहन्ना के gospel में बाने के समय के उत्तरार्ध का है, जब यीशु ने अपने मूर्त रूप से प्रेषण की बातों को समझाने के लिए ज्योति की उपमा दी। He ने अपने शिष्यों को बाहर निकले हुए अंधकार से बचने के लिए विश्वास और श्रद्धा बनाये रखने की प्रेरणा दी। यह उच्च-तारतरही समय है जब लोग ज्योति के संदेश को ग्रहण कर रहे थे, लेकिन कई ने उसे अस्वीकार कर दिया था।
interpretive observations
1-2 प्रमुख विचार
अनुसंग दृष्टांत और संबंधित पद
इन संदर्भों में यह समझ आता है कि रोशनी के साथ रहने का निहितार्थ है: जीवन को ईश्वर के प्रकाश के अनुसार ढालना और उसी पर भरोसा बनाए रखना।
संक्षिप्त धार्मिक-व्यावहारिक निष्कर्ष
समापन विचार: यीशु का कथन “जब तक ज्योति तुम्हारे साथ है, ज्योति पर विश्वास करो” हमें यह सिखाता है कि विश्वास उसी प्रकाश के साथ स्थिर रहने से बनता है। जब हम यह भरोसा करते हैं, तब हम ज्योति के पुत्र बनते हैं—जीवन के सत्य और उद्देश्य की दिशा में बढ़ते हैं।
सीधे उद्धरण (public-domain commentators)
यदि आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के छोटे-कट उद्धरण चाहते हैं, तो वे इस प्रकार जुड़े जा सकते हैं: Henry और Clarke के भाष्य में यह माना गया है कि रोशनी में चलना ईश्वर के वास्तविक निर्देशों से अवगत रहने का परिचायक है; Barnes ने भी इस को जीवन के दैनिक मार्गदर्शन के रूप में समझाने की कोशिश की है।
Cross-references: रोशनी और विश्वास के विषय पर अन्य जगहें—यूहन्ना 8:12; मीका 7:8; इब्रानीयों 12:2. इन संदर्भों में बतलाया गया है कि जीवन का लक्ष्य और प्रकाश का अनुभव कैसे एक साथ चलते हैं ताकि विश्वासी सत्य के साथ दृढ़ रहें।