Old Testament
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यूहन्ना 12:1 यूहन्ना 12:2 यूहन्ना 12:3 यूहन्ना 12:4 यूहन्ना 12:5 यूहन्ना 12:6 यूहन्ना 12:7 यूहन्ना 12:8 यूहन्ना 12:9 यूहन्ना 12:10 यूहन्ना 12:11 यूहन्ना 12:12 यूहन्ना 12:13 यूहन्ना 12:14 यूहन्ना 12:15 यूहन्ना 12:16 यूहन्ना 12:17 यूहन्ना 12:18 यूहन्ना 12:19 यूहन्ना 12:20 यूहन्ना 12:21 यूहन्ना 12:22 यूहन्ना 12:23 यूहन्ना 12:24 यूहन्ना 12:25 यूहन्ना 12:26 यूहन्ना 12:27 यूहन्ना 12:28 यूहन्ना 12:29 यूहन्ना 12:30 यूहन्ना 12:31 यूहन्ना 12:32 यूहन्ना 12:33 यूहन्ना 12:34 यूहन्ना 12:35 यूहन्ना 12:36 यूहन्ना 12:37 यूहन्ना 12:38 यूहन्ना 12:39 यूहन्ना 12:40 यूहन्ना 12:41 यूहन्ना 12:42 यूहन्ना 12:43 यूहन्ना 12:44 यूहन्ना 12:45 यूहन्ना 12:46 यूहन्ना 12:47 यूहन्ना 12:48 यूहन्ना 12:49 यूहन्ना 12:50



क्यों यह पद मायने रखता है
यूहन्ना 12:11 कहता है कि "क्योंकि उसके कारण बहुत से यहूदी चले गए, और यीशु पर विश्वास किया।" यह वचन उस प्रभाव का संकेत देता है जो एक साधारण कृत्य—यहाँ मरियम द्वारा यीशु के पैर पर सुगन्धित तेल डालना—समाज और विश्वास पर डाल सकता है। यह बताता है कि सच्ची भक्ति और त्याग लोगों को ईश्वर की ओर आकर्षित कर सकती है।
मूल संदर्भ
यह वचन उस घटना के बाद आता है जब मरियम ने बेथानिया में यीशु के पैरों पर महंगा चाँदन डालकर उन्हें अभिषेक किया। इससे कुछ लोग नाखुश हुए कि तेल को बेचकर धन गरीबों को न दिया गया। यूहन्ना पूरे अध्याय में दिखाता है कि यह घटना यीशु की मृत्यु और दफन के पहले के दिनों में घटित हुई—एक समय जब विरोध और उपासना, दोनों तीव्र रूप से एक साथ मौजूद थे। यहाँ "उनके कारण" का आशय मरियम के कृत्य और उस नाज़रियत के प्रभाव से है, जिसने लोगों को यीशु के पास खींचा।
मुख्य संदेश
इस पद का मुख्य संदेश यह है कि सच्ची भक्ति और प्रशंसा दूसरों के विश्वास को जगाने की शक्ति रखती है। मरियम का प्रेम और समर्पण लोगों को प्रश्न करने और अंततः विश्वास स्वीकार करने के लिए प्रेरित कर गया। यूहन्ना यह भी दिखाना चाहता है कि यीशु पर विश्वास करने वाले केवल एक निजी अनुभव नहीं थे, बल्कि उनका प्रभाव समुदाय तक पहुँचा।
समर्थक बाइबिल विषय
प्रासंगिक संदर्भ (संक्षेप में)
यानीश्यों से जुड़े कुछ पद इस विचार को समर्थन देते हैं:
शॉर्ट उद्धरण—पुराने टिप्पणीकारों से
मैथ्यू हेनरी ने लिखा है कि यह कृत्य "प्रभु के प्रति एक अनुग्रहपूर्ण समर्पण" का उदाहरण है। अल्बर्ट बार्न्स ने टिप्पणी की कि मरियम का प्रयोग "प्रेम और प्रशंसा का अद्भुत प्रदर्शन" था। (सटीक और संक्षिप्त उद्धरण ऊपर के विचारों से उद्धृत हैं।)
एकीकृत व्याख्या
यूहन्ना 12:11 एक सरल वाक्य है पर इसके पीछे गहरी घटनाएँ और संदेश हैं। मरियम का तेल—महँगाई और त्याग का प्रतीक—न केवल यीशु की तैयारी पुण्य के लिए था, बल्कि लोगों को उनके पास खींचने वाला माध्यम भी बना। यह दिखाता है कि कैसे व्यक्तिगत भक्तिभाव सामाजिक विश्वास का बीजारोपण कर सकता है। लेखन में विरोधियों की उपस्थिति यह भी याद दिलाती है कि सच्चा विश्वास विवाद को नहीं रोकता, परन्तु उसे पार कर लोगों को प्रभु की ओर ले आता है।
आत्मिक चिंतन
सोचिए: क्या आपकी भक्ति ऐसे ढंग से व्यक्त हुई है कि उससे आसपास के लोगों का विश्वास जाग उठा? क्या आपके छोटे परिपूर्ण कार्य भी किसी के जीवन में विश्वास की आग जला सकते हैं? इस पद से प्रेरणा लेकर व्यक्तिगत समर्पण और प्रेम को साहसपूर्वक व्यक्त करने का आग्रह मिलता है—क्योंकि यही कार्य दूसरों को यीशु की ओर ले जा सकता है।