मीका 4:5 बाइबल पद की व्याख्या
मीका 4:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
सब राज्यों के लोग तो अपने-अपने देवता का नाम लेकर चलते हैं, परन्तु हम लोग अपने परमेश्वर यहोवा का नाम लेकर सदा सर्वदा चलते रहेंगे।
मीका 4:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
मीका 4:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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जकर्याह 10:12 (HINIRV) »
मैं उन्हें यहोवा द्वारा पराक्रमी करूँगा, और वे उसके नाम से चले फिरेंगे,” यहोवा की यही वाणी है।

भजन संहिता 145:1 (HINIRV) »
दाऊद का भजन हे मेरे परमेश्वर, हे राजा, मैं तुझे सराहूँगा, और तेरे नाम को सदा सर्वदा धन्य कहता रहूँगा।

2 राजाओं 17:29 (HINIRV) »
तो भी एक-एक जाति के लोगों ने अपने-अपने निज देवता बनाकर, अपने-अपने बसाए हुए नगर में उन ऊँचे स्थानों के भवनों में रखा जो शोमरोनवासियों ने बनाए थे।
मीका 4:5 का संदर्भ और संदेश
पढ़ने वाले के लिए यह पद स्पष्ट करता है कि जब सभ्यता और राष्ट्र विभिन्न देवताओं की उपासना में संलग्न रहते हैं, तब परमेश्वर यहोवा की निज पहचान और एकत्व में हमारा भरोसा कितना आवश्यक है। मीका के समय इस्राइल में आस्तीनियों, नुक्ता-नुक्ती के देवदत्तों की विविध प्रथाओं का प्रचलन था; परन्तु भविष्यवक्ता इस बात को रेखांकित करते हैं कि परमेश्वर का नाम ही हमारे जीवन की दिशा तय करे।
केंद्रीय अर्थ
यह वचन यह स्पष्ट करता है कि विश्व के अलग-अलग राज्यों या जातियों के अपने-अपने देवताओं के नाम लेने से ज़्यादा आवश्यक यह है कि हम केवल यहोवा के नाम पर चलें — उसकी स्तुति, उसकी व्यवस्था और उसकी वचनों के अनुसार। यह एकतरफा विश्वासी जीवन की याद दिलाता है जिसमें प्रेरित जन निर्भरता, समर्पण और ईमानदार उपासना एक साथ रहती है।
मुख्य विषय
संबद्ध आयतें (संकेतित संदर्भ)
- समीप के उद्धार और एकता के विचार को मजबूत करने के लिए अन्य बाइबल संदर्भ मिलते हैं जो एकमात्र परमेश्वर की आराधना पर बल देते हैं, जैसे कि यशायाह के पाठ और पहचाने जाने वाले आह्वान।
व्यावहारिक विचार
हमारे दैनिक जीवन में यहुखवा के नाम पर चलने का अर्थ है—यकीन के साथ प्रार्थना करना, नैतिक निर्णयों में ईमानदारी रखना, और समाज के बीच सत्य की सेवा करना। विविध धार्मिक रीतियों के बीच हमें अपने हृदय की एकाग्रता बनाए रखनी चाहिए ताकि हमारे आचरण से यह प्रकट हो कि यहोवा ही हमारा परमेश्वर है।
संक्षिप्त समापन
मीका 4:5 भीतर एक साफ संदेश देता है—कठोर बहुधर्मी परिवेश के बीच भी अपनी आस्था को एक मंच पर संचालित करें: केवल यहोवा के नाम पर चलना। यह विचार आज भी विश्वसनीयता और दृढ़ता का आह्वान है।
छोटे cross-references और उनके संक्षिप्त स्पष्टीकरण
1) एकेश्वरता पर बल: पुराने नियम में परमेश्वर के एकत्व की ध्वनि बार-बार उभरती है; हमारी आस्था को एक केंद्र की ओर मोढ़े रखने के लिए संदर्भ प्रेरित करते हैं।
2) आचरण में समर्पण: यहोवा के नाम के साथ चलना उनकी शरियत के अनुरूप सही निर्णय लेने में सहायता करता है।
3) समाज में सत्य की सेवा: बहुधर्मी वातावरण में भी नैतिक आचरण और धर्मनिष्ठा का आग्रह दृढ़ रहता है।
उद्धरण नोट: इस commentary में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के मौलिक उद्धरण क्या उपलब्ध हो, यदि शब्दशः उद्धरण मिले, तो उन्हें सुरक्षित रूप से संक्षेप में प्रस्तुत किया गया है।