Old Testament
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मीका 5:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
अब हे बहुत दलों के नगर, दल बाँध-बाँधकर इकट्ठी हो, क्योंकि उसने हम लोगों को घेर लिया है; वे इस्राएल के न्यायी के गाल पर सोंटा मारेंगे। (यूह. 18:22, यूह. 19:3, विलाप. 3:30)
मीका 5:1 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मीका 5:1 समानांतर पद और संबंधित वचन
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अय्यूब 16:10 (HINIRV) »
अब लोग मुझ पर मुँह पसारते हैं, और मेरी नामधराई करके मेरे गाल पर थप्पड़ मारते, और मेरे विरुद्ध भीड़ लगाते हैं।

व्यवस्थाविवरण 28:49 (HINIRV) »
यहोवा तेरे विरुद्ध दूर से, वरन् पृथ्वी के छोर से वेग से उड़नेवाले उकाब सी एक जाति को चढ़ा लाएगा जिसकी भाषा को तू न समझेगा;

मीका 5:1 पर टिप्पणी — यह verse क्यों मायने रखता है
यह वचन जोर देकर बताता है कि परमेश्वर की योजना के समय में संकट और दमन का सामना करना पड़ता है, परन्तु उसी दर्द के बीच प्रभु अपनी करुणा और उद्धार के संकेत देता है। शास्त्रीय दृष्टि से यह भविष्यवाणी उस समय की अस्थिर राजनीतिक परिस्थिति के संदर्भ में है, जब यह्राइल का नगर घेरे जाते हैं और न्यायी के विरुद्ध सर्मथन घट जाता है। परन्तु नीति और रीति के साथ, यह वचन ईश्वर के मोर्चे पर समाधि और आशा की आहट देता है कि यह सब एक परम लक्ष्य के लिए घटित हो रहा है — यहूदियों के लिए उद्धार की योजना और दूतों की संगति।
पुष्ट संदर्भ और मूल प्रसंग
मीका के पुस्तक में द्वितीय-उत्तरदायित्व और न्याय की चिंता प्रमुख है। अध्याय 5 के प्रारम्भ में “बहुत दलों के नगर” का उल्लेख दिखाता है कि सत्ता के ढाँचे कैसे एक साथ मिलकर विरोधी चाल चलेंगे—परन्तु यह भी संकेत है कि उद्धार का एक दिव्य योजना पूर्व निर्धारित है। इस समय संदर्भ में यहूदियों के इतिहासगत संघर्ष और राजा के लिए एक संकेत है कि उद्धारक एक विनम्र और औपचारिक नहीं, बल्कि दया और न्याय के साथ आएगा।
मुख्य संदेश
- दुश्मन मिलकर भी प्रभु के प्रतिशोध और उद्धार के मार्ग को रोक नहीं सकते।
- यहुदी समुदाय के लिए एक विशिष्ट आशा है कि उनका गणराज्य एक अद्भुत परिवर्तन से पुनः स्थापित होगा, भले ही वे क्षणों में घिरे हों।
- न्यायी के गाल पर सोंटा मारना एक चित्रात्मक भाषा है जो अत्याचार के विरुद्ध अधिकार और सत्य की विजय को दर्शाती है।
पवित्र ग्रन्थ से संबद्ध रचनात्मक विचार
इस पाठ में भविष्य के उद्धार की आशा, और सत्ता-राज्य के विपरीत परमेश्वर की निकाल-निर्णय की प्रधानता स्पष्ट दिखाई देती है। यह सन्देश दृढ़ता के साथ कहता है कि परमेश्वर अपने समयानुसार पाप के विरुद्ध न्याय करेगा और उद्धार का मार्ग खोल देगा।
मुख्य क्रॉस-रेफरENCES (संक्षेपित विचार)
- मत्ती 2:6 और यशायाह के उद्धारक-प्रतिफलन के संकेत: प्रभु दया और न्याय के साथ घोषणा करता है कि उद्धार एक निर्धारित योजना के अनुसार आएगा।
- योहन्ना 19:3 में उन दृश्यों के संकेत जो समय के धैर्य और सच्चाई की पुष्टि करते हैं।
- विलाप 3:30 में दीन-हीन हालात के भीतर भी परमेश्वर की दयालुता और न्याय को याद दिलाने वाला आशीर्वाद।
संक्षिप्त देवotional संदर्भ
खुद को संकट की घड़ी में पाते हुए भी विश्वासी व्यक्ति जान ले कि परमेश्वर की योजना अत्याचार के बावजूद एक दिशा लेती है। यह वचन हमें यह सोचने के लिए प्रेरित करता है कि कठिन समय भी परमेश्वर के पूर्वनिर्धारित लाभावली का हिस्सा है—जहाँ पीड़ा के बीच भी आशा की एक सुबह दिखाई देती है।
प्रश्न-उत्तरी संक्षेप
परिशिष्ट: Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के कुछ छोटे उद्धरण (यदि उपलब्ध) से संक्षेपित प्रेरणा: वे इस प्रकार उद्धृत करते हैं कि परमेश्वर के निर्णय समयानुसार पूरे होते हैं और विश्वासियों के लिए सुरक्षा का मार्ग बनाते हैं; उद्धार दूर नहीं है, बल्कि निकट है। ध्यान दें कि यहां पूर्ण पाठ नहीं फिर से उद्धृत किया गया है, केवल प्रेरक सार है।
छोटे स्पष्ट उद्धरण (पुनरावलोकन)
नोट: उपलब्धता के अनुसार केवल अंश-उद्धरण दिए जा सकते हैं; पूर्ण पाठ नहीं।